नई दिल्ली: केंद्रीय भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यम मंत्री श्री अनंत गीते ने बुधवार को भारत में (हाइब्रिड एवं विद्युत) वाहनों को तेजी से अपनाने और निर्माण के लिए स्कीम का शुभारंभ किया। इस स्कीम को फेम इंडिया के नाम से जाना जाएगा। नई दिल्ली में भारत पर्यावास केंद्र में आयोजित समारोह में हितधारकों और व्यापक रूप से आम जनता के लिए फेम इंडिया का शुभारंभ किया गया। यह समारोह भारत सरकार के भारी उद्यम विभाग ने भारतीय ऑटोमोबाइल निर्माता संस्था के सहयोग से आयोजित किया था। इस अवसर पर भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यम राज्य मंत्री श्री राजन कटोच और भारी उद्यम विभाग के अपर सचिव श्री अंबुज शर्मा भी मौजूद थे।
इस अवसर पर श्री अनंत गीते ने कहा कि 2011 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय इलेक्ट्रिक मोबिलिटी मिशन की स्थापना को मंजूरी दी थी। इसके तहत दो प्रमुख निकाय गठित किए थे - मंत्रालय स्तर पर राष्ट्रीय विद्युत मोबिलिटी परिषद और सचिव स्तर पर राष्ट्रीय विद्युत मोबिलिटी बोर्ड। इनका उद्देश्य हाइब्रिड और विद्युत वाहनों पर केंद्रित सड़क परिवहन में नई क्रांति के लिए रूपरेखा तैयार करना था।
मंत्री महोदय ने कहा कि विस्तृत क्षेत्र अध्ययन के अलावा प्रतिष्ठित ग्लोबल ज्ञान भागीदार मैसर्स बूज एंड कंपनी ने उपभोक्ता सर्वेक्षण किया। इसी सिलसिले में राष्ट्रीय विद्युत मोबिलिटी परिषद और राष्ट्रीय विद्युत मोबिलिटी बोर्ड की अनेक बैठकें हुई। तदनुसार 12वीं पंचवर्षीय योजना के दस्तावेज में डीएचआई के लिए प्रमुख थीम के रूप में विद्युत मोबिलिटी को शामिल किया गया। 12 वीं पंचवर्षीय योजना में इसके लिए 795 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।
डीएचआई की ओर से तैयार रूपरेखा के आधार पर तत्कालीन प्रधानमंत्री ने जनवरी 2013 में राष्ट्रीय विद्युत मोबिलिटी प्लान -2020 जारी की। इस योजना में विभिन्न मंत्रालयों, योजना आयोग, उद्योग एवं शिक्षाविदों सहित सभी संबंधित पक्षों से सुझावों को शामिल किया गया। इसके तहत 2020 तक 60 - 70 लाख हाइब्रिड एवं विद्युत वाहनों का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया गया। इसके लिए मांग एवं आपूर्ति सृजन, प्रौद्योगिकी एवं शोध तथा विकास परियोजनाओं, बुनियादी ढांचा एवं प्रायोगिक परियोजनाओं के लिए सरकारी प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया।
No comments:
Post a Comment