Sunday, 7 June 2015

ऑर्डनेंस फैक्ट्री में भर्ती, 10वीं-12वीं पास करें आवेदन

ऐसे करें आवेदनसेंट्रल ऑर्डनेंस डिपो, जबलपुर ने विभिन्न रिक्त पदों पर भर्ती के लिए योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन मंगाए हैं। विज्ञापित पदों की कुल संख्या 20 है, जिनमें एलडीसी, फायरमैन, पैकर, मजदूर, कुक, गार्डनर वेंडर (कैंटीन) आदि शामिल हैं। इन पदों पर आवेदन करने के लिए आवेदकों के पास योग्यता के अंर्तगत 10वीं / 12वीं या समकक्ष सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है।

विज्ञापित पदों के लिए उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 30 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग को अधिकतम आयु सीमा में नियमानुसार छूट प्रदान की जाएगी। वेतनमान के तौर पर चुने गए आवेदकों को 5,200 रुपये से 20,200 रुपये तक दिए जाने का प्रावधान है।
विज्ञापित पदों पर केवल ऑफलाइन आवेदन मान्य किए जाएंगे। योग्य उम्‍मीदवार निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र को भरें व साथ में शैक्षिक दस्तावेजों की प्रतियों को संलग्न कर 'रिक्रूटमेंट सेल, कमांडेंट, सेंट्रल ऑर्डनेंस डिपो, पोस्ट बॉक्स नंबर. 20, जबलपुर, मध्य प्रदेश - 482001' के पते पर भेजें। योग्य आवेदक के चयन के लिए लिखित परीक्षा और शारीरिक परीक्षण का आयोजन किया जाएगा।

सेंट्रल ऑर्डनेंस डिपो द्वारा निर्धारित मानदंडों को पूरा करने वाले अभ्यर्थी को शार्टलिस्ट किया जाएगा, जिसके बाद उन्हें 2 घंटे की लिखित परीक्षा देनी होगी। परीक्षा को उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को व्यक्तिगत साक्षात्कार के जरिए चुना जाएगा। आवेदन संबंधी अधिक जानकारी के लिए उम्मीदवारhttp://www.davp.nic.in/WriteReadData/ADS/eng_10202_13_1516b.pdfपर लॉग ऑन करें।

Wednesday, 3 June 2015

बांटने वाली सियासत में नहीं करता यकीन, कभी नहीं बोलूंगा सांप्रदायिक जुबान: PM



नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि वह ऐसी राजनीति में विश्वास नहीं रखते जो लोगों को साम्प्रदायिक आधार पर बांटती है और न ही वह कभी साम्प्रदायिक भाषा बोलेंगे. उन्होंने कहा कि बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक की राजनीति देश की पहले ही बहुत क्षति कर चुकी है.
शब-ए-बारात के अवसर पर उनसे मिलने आए मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत में मोदी ने कहा, ‘‘बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक की सियासत देश का पहले ही बहुत नुकसान कर चुकी है. मैं ऐसी सियासत में यकीन नहीं रखता जो लोगों को साम्प्रदायिक आधार पर बांटती है और न ही मैं कभी साम्प्रदायिक भाषा बोलूंगा.’’    
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार उन्होंने कहा कि ‘‘रोजगार और विकास सब समस्याओं का समाधान है और वह ऐसा करने पर अपना ध्यान केन्द्रित किए हुए हैं.’’ तीस सदस्यीय मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों का शुक्रिया अदा करते हुए उन्होंने कहा कि शब-ए-बारात के व्यस्त मौके पर उनका उनसे मुलाकात करने आना बहुत सराहनीय है.
इस प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि ‘मुस्लिम समुदाय ने वोट बैंक की विधवंसक राजनीति को नामंजूर कर दिया है और वह विकास में दिलचस्पी रखता है.’’ 
इमाम उमर अहमद इल्यासी की अगुवाई में उनसे मिलने आए इस प्रनिधिमंडल से प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार की कौशल विकास पहलों के बारे में बताया और गुजरात के मुख्यमंत्री रहते राज्य में बालिका शिक्षा और पतंग उद्योग को बढावा देने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी.
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने पिछले एक साल में प्रधानमंत्री के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि वे ‘‘प्रधानमंत्री के साथ विकास और प्रगति के लिए साङोदारी बनाना चाहते हैं.’’     
मुस्लिम नेताओं ने मुस्लिम युवाओं के बारे में प्रधानमंत्री के उस दृष्टिकोण के लिए बधाई दी जिसमें उन्होंने कहा है कि ‘मुस्लिम युवाओं के एक हाथ में कुरान हो तो दूसरे हाथ में कंप्यूटर।’ उन्होंने संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रुप में घोषित किए जाने में प्रधानमंत्री की पहल के लिए उन्हें बधाई दी. इस अवसर पर अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी मौजूद थे.
मोदी से मिलने आए मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधिमंडल में अखिल भारतीय इमाम संगठन के प्रमुख इमाम उमर अहमद इल्यासी, कौमी मजलिस-ए-शूरा के अध्यक्ष डा ख्वाजा इफ्तेखार अहमद, इस्लामिक काउंसिल आफ इंडिया के अध्यक्ष कारी मोहम्मद मियां मजहरी, मौलाना बिलाल अहमद, मौलाना मुहम्मद यूनुस, मौलाना मुहम्मद हारुन, मौलाना नसीरुद्दीन, मौलाना मुहम्मद इकराम, मौलाना बुरहान अहमद कासमी, मौलाना अल्लामा जफर जनकपुरी, मौलाना अयूब अली, मौलाना जाकिर हुसैन, मौलाना अब्दुल मजीद, मौलाना कारी अब्दुल लतीफ, मौलाना इल्यास भरतपुरी, मौलाना लुकमान तारापुरी, डा असगर अली खान, डा असलम परवेज अहमद, प्रोफेसर काजी ओबैद उर रहमान आदि शामिल हैं.

दिल्ली सरकार की जांच में भी मैगी फेल, 13 में से 10 सैंपल में मानक से ज्यादा लेड मिला, केरल के बाद दिल्ली में भी बिक्री हो सकती है बंद



दिल्ली में मैगी पर पाबंदी लगाने को लेकर आज फैसला लिया जा सकता है। दिल्ली सरकार नेस्ले के खिलाफ केस भी दर्ज करा सकती है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सतेन्द्र जैन ने आज नेस्ले के अधिकारियों को इस मुद्दे पर बुलाया है।
गौरतलब है कि दिल्ली में भी मैगी के नमूने जांच में फेल पाए गए हैं। बीते दो दिनों में कई इलाकों से मैगी के 13 नमूने उठाए गए थे। इनकी जांच में साफ हुआ है कि सात नमूने आम लोगों के लिए असुरक्षित हैं, जबकि पांच नमूने ब्रांड के मानकों पर खरे नहीं उतरे। मैगी के नमूनों में लैड होने की रिपोर्ट के बाद दिल्ली में यह पहल की गई थी। वहीं, दिल्ली सरकार ने नेस्ले इंडिया के खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला किया है। आज दिल्ली सरकार इसे बाजार से हटाने का निर्देश दे सकती है। इसके तहत मैगी पर प्रतिबंध लगाने की कार्रवाई भी हो सकती है।

खाद्य सुरक्षा आयुक्त के.के. जिंदल ने बताया कि जांच के लिए बाजारों में विशेष टीमें उतारी गई थीं। इन्होंने जो नमूने उठाए उनमें लैड, फैट और सोडियम क्लोराइड की मात्रा ज्यादा पाई गई है। विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक मैगी के जो 7 नमूने असुरक्षित पाए गए हैं, उनमें लैड की मात्रा बहुत अधिक है। अन्य पांच नमूनों की जांच में पता चला है कि पैकेट पर जो तय मात्रा बताई गई थी, उससे कम मात्रा में पदार्थ मौजूद थे।

विभागीय अधिकारियों के मुताबिक अब इस संबंध में अदालत में रिपोर्ट पेश की जाएगी। इस रिपोर्ट पर कोर्ट के आदेशों के मुताबिक आगे की कार्यवाही की जाएगी। इस मामले में कोर्ट सजा या जुर्माना संबंधित आदेश जारी कर सकता है।

कई राज्यों में नेस्ले के उत्पाद मैगी नूडल्स पर खतरा मंडरा रहा है। केरल ने मैगी नूडल्स की बिक्री पर पूरे राज्य में प्रतिबंध लगा दिया है। वहीं पश्चिम बंगाल और कर्नाटक की सरकारें भी अपने यहां मैगी पर कार्रवाई की तैयारी में हैं। केरल सरकार ने नेस्ले को बाजार में मौजूद सारा स्टाक हटाने को कहा है। इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा संचालित आउटलेट से भी मैगी को तुरंत प्रभाव से हटाया जा रहा है।
केरल के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री अनूप जैकब ने मंगलवार को जारी आदेश में सभी बिक्री केंद्रों से मैगी नूडल्स के बचे हुए स्टाक को हटाए जाने का आदेश जारी किया। इसके साथ ही सरकार ने मैगी की कंपनी को राज्य के अपने गोदामों से मैगी के स्टाक को वापस लेने को कहा है। राज्य की फूड सेफ्टी कमिश्नर टीवी अनुपमा ने कहा कि हमने मैगी के अलग-अलग जगहों से रेंडम सैंपल लिए हैं जिनकी प्रयोगशाला में जांच कराई जा रही है। मैगी में सीसे की मौजूदगी साबित हुई है, पर मोनो सोडियम ग्लूकोमेट की मौजूदगी को लेकर परिणाम का इंतजार है।
 हरियाणा के बाजारों से मैगी के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हरियाणा सरकार के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि हमने राज्य भर से मैगी नूडल्स के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाने का आदेश दिया है। विज ने राज्य के स्वास्थ्य निदेशक से कहा है कि वे सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को बाजार से सैंपल लेने के आदेश दें। विज ने कहा कि हमारे राज्य में भी जांच के लिए अच्छे लैब हैं। पर अगर जरूर हुई तो सैंपल को जांच के लिए बाहर भी भेजा जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी पाई गई तो बाजार से मैगी का पूरा स्टाक उठवा लिया जाएगा।
बांग्लादेश के खाद्य प्राधिकरण ने नूडल्स के पांच ब्रांडों में कोई भी तत्व खतरे की सीमा से अधिक नहीं पाया है। इन पांच ब्रांडों में नेस्ले का मैगी भी शामिल है। बांग्लादेश मानक एवं परीक्षण संस्थान (बीएसटीआई) के प्रमाणन प्रकोष्ठ के निदेशक कमल प्रसाद दास ने कहा कि हमने मैगी समेत पांच कंपनियों के नूडल्स की जांच की है। उनमें कोई भी तत्व खतरनाक स्तर पर नहीं पाया। बीएसटीआई के सहायक निदेशक गुलाम बाकी ने पहले कहा था कि उत्पादों की नियमित जांच की जाती है, लेकिन भारत के यूपी में नेस्ले के नूडल्स में सीसे के खतरनाक स्तर से अधिक पाए जाने के बाद जांच शुरू की गई थी।

बिहार की एक अदालत ने मैगी के विज्ञापनों में नजर आने वाले अभिनेता अमिताभ बच्चन, माधुरी दीक्षित और प्रीति जिंटा पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो इन कलाकारों को गिरफ्तार भी किया जा सकता है। मुजफ्फरपुर के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रामचंद्र प्रसाद ने काजी मोहम्मदपुर पुलिस थाने को तीनों कलाकारों और नेस्ले इंडिया के अधिकारियों पर प्राथमिकी दर्ज करने और शिकायत की जांच का निर्देश दिया। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि वह मैगी खाकर बीमार पड़ गया।
वकील सुधीर कुमार ओझा ने सोमवार को एक शिकायत दायर की थी जिसपर अदालत ने सुनवाई के बाद आदेश दिया। कलाकारों के अलावा याचिकाकर्ता ने नेस्ले इंडिया के प्रबंध निदेशक मोहन गुप्ता, संयुक्त निदेशक सबब आलम पर भी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में दावा किया गया कि उन्होंने 30 मई को लेनिन चौक की एक दुकान से मैगी खरीदी थी, जिसे खाने के बाद वह बीमार पड़ गए। तीनों कलाकारों के खिलाफ यूपी के बाराबंकी की एक अदालत में इसी तरह का मामला चल रहा है।

Tuesday, 2 June 2015

जल्द ही अटल बिहारी वाजपेयी को सम्मानित करेगा बांग्लादेश

Image result for atal bihari vajpayeeबांग्लादेश खुद को 1971 में पाकिस्तान से आजाद कराने में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के अभूतपूर्व योगदान के लिए उन्हें सम्मानित करेगा। तब वाजपेयी लोकसभा के सदस्य थे। बांग्लादेश की आजादी की प्रक्रिया से वाकिफ रहे विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब छह जून को यहां आएंगे तो तब वाजपेयी का ‘फ्रेंडस ऑफ बांग्लादेश लिबरेशन वार अवार्ड’ उन्हें सौंपा जाएगा। वाजपेयी अस्वस्थ होने के कारण खुद यह अवॉर्ड लेने के लिए बांग्लादेश नहीं आ सकते हैं।
अधिकारी ने इस अवार्ड के प्रशस्ति के मसौदे के हवाले से कहा, ‘मुक्ति संग्राम (1971 में) की शुरुआत से ही वाजपेयी बांग्लादेश की आजादी के प्रबल पक्षधर थे। तब उन्होंने तत्कालीन भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष और लोकसभा सदस्य के तौर पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बांग्लादेश के लोगों के अधिकारों के लिए मुहिम चलाई थी।’

अधिकारी ने यह भी बताया कि इसके साथ ही प्रधानमंत्री शेख हसीना बांग्लादेश की आजादी के लिए अपना जीवन बलिदान करने वाले भारतीय सशस्त्र बलों के परिजनों को सम्मानित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी । इस प्रस्ताव में यह कहा गया है कि यह बांग्लादेश की ‘राष्ट्रीय जिम्मेदारी’ है कि वह भारतीय सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान के लिए उनका औपचारिक रूप से शुक्रिया अदा करे।
अधिकारी ने यह भी बताया कि इसके साथ ही प्रधानमंत्री शेख हसीना बांग्लादेश की आजादी के लिए अपना जीवन बलिदान करने वाले भारतीय सशस्त्र बलों के परिजनों को सम्मानित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। इस प्रस्ताव में यह कहा गया है कि यह बांग्लादेश की ‘राष्ट्रीय जिम्मेदारी’ है कि वह भारतीय सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान के लिए उनका औपचारिक रूप से शुक्रिया अदा करे। 

अधिकारियों ने यह भी बताया कि ढाका ने शहीद भारतीय सैनिकों के परिजनों बांग्लादेश की प्रधानमंत्री के दस्तखत वाले एक सर्टिफिकेट के साथ एक पत्र भेजने का भी फैसला लिया है। इसमें इन भारतीय सैनिकों के योगदान के लिए उनका आभार जताया जाएगा। भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री स्वर्गीया इंदिरा गांधी पहली ऐसी ‘विदेशी दोस्त’ थीं जिन्हें� ‘बांग्लादेश लिबरेशन वार ऑनर अवॉर्ड’ से नवाजा गया था। उनकी ओर से उनकी पुत्रवधू और कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी ने 2012 में एक विशेष समारोह में यह अवार्ड ग्रहण किया था। 

इसके बाद यह पुरस्कार पाने वालों में ज्यादातर भारतीय हैं, जिन्होंने बांग्लादेश की आजादी में अहम रोल अदा किया। भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी इनमें से एक हैं। अवामी लीग के 2008 में सत्ता संभालने के बाद से बांग्लादेश ने 1971 के ‘विदेशी मित्रों’ को सम्मानित करने का फैसला किया है। 

बेहतरीन मौका, एयर इंडिया में 12वीं पास की भर्ती

एयर इंडिया ने केबिन क्रू के रिक्त पदों को भरने के लिए योग्य उम्मीदवारों से आवेदन पत्र मंगाए हैं। विज्ञापित पदों की कुल संख्या 83 है। इन पदों पर आवेदन करने के लिए योग्यता के तहत आवेदकों को किसी मान्यता प्राप्त संस्‍थान से 12वीं उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।

जिन आवेदकों के पास होटल मैनेजमेंट में डिग्री या डिप्लोमा हैं उन्हें चयन में प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। इन पदों पर आवेदन करने के‌ लिए उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष त‌था अधिकतम 27 वर्ष होना आवश्यक है।

केबिन क्रू के पदों पर केवल अविवाहित उम्मीदवार ही आवेदन के योग्य होंगे। विज्ञापित पदों पर आरक्षित वर्ग को अधिकतम आयु सीमा में नियमानुसार छूट प्रदान की जाएगी।

इन पदों पर केवल ऑनलाइन आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगे। सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों को 600 रुपये का डिमांड ड्रॉफ्ट 'एयर लाइन एलाइड सर्विस लिमिटेड' के पक्ष में जमा करने होंगे। एससी व एसटी वर्ग के उम्मीदवारों को आवेदन शुल्‍क से मुक्त रखा गया है।

इच्छुक उम्मीदवार संबं‌धित वेबसाइट पर ‌दिए गए निर्देशों के अनुसार आवेदन प्रक्रिया को पूरा करें और पूर्णरूप से भरे हुए आवेदन पत्र का प्रिंटआउट निकालकर आगामी चयन प्रकिया के लिए सुरक्षित रख लें। इन पदों पर आवेदन करने की अंतिम तिथि 18 जून, 2015 निर्धारित की गई है।

योग्य आवेदकों का चयन समू‌ह चर्चा और साक्षात्कार के माध्यम से किया जाएगा। आवेदन करने के लिए या किसी अन्य जानकारी के लिए इच्छुक उम्मीदवार एयर इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट www.airindia.com� पर लॉग ऑन करें।

सिगरेट पीने वालों के लिए काम की है यह खबर, जरूर पढ़ें

नशेबाजी की बुरी आदतों में तंबाकू का व्यसन बहुत बुरी तरह फैल गया है। यह दुर्व्यसन इतना सामान्य तथा व्यापक हो गया है कि लोगों के दैनिक जीवन का एक अंग बन बैठा है और मित्रों, मेहमानों को सिगरेट-बीड़ी आदि भेंट करना आदर अभिव्यक्ति का एक अंग मान लिया गया है। इसे समाज के लिए दुर्भाग्य के सिवाय और कुछ नहीं कहा जा सकता है।

शिक्षित वर्ग तम्बाकू के दुर्व्यसन को फैशन के रूप में स्वीकार किये हुए हैं, तो अशिक्षित सर्वसाधारण उसे एक नियमित पेय पदार्थ के रूप में स्वीकार कर चुका है। बीड़ी, सिगरेट उसके नियमित दिनचर्या का एक अभिन्न अंग बन चुका है।

वस्तुतः सभी दृष्टिकोण से तम्बाकू विष ही है। उसे मन्थर विष भी कहा जाता है। विष से तुरन्त मृत्यु हो जाती है जबकि मन्थर विष मृत्यु का बीज बो देता है। तम्बाकू जैसी वस्तुओं को लोग निःसंकोच होकर अपना लेते हैं और धीरे-धीरे अपने को गलाते हुए अपना जीवन नष्ट करते रहते हैं।

तम्बाकू सेवन से उसका विष मनुष्य के रक्त में उत्तेजना उत्पन्न कर देता है जिसके प्रभाव से मनुष्य की विभिन्न प्रकार की प्रवृत्तियाँ जाग उठती हैं और वह मानसिक और शारीरिक रूप से कुमार्गगामी हो जाता है। जिसके शरीर में विष का प्रभाव होगा, उसका मन अवश्य विषैला होगा और जिसका मन विषैला होगा, उसकी बुद्धि कुटिल होगी। वह अपराध अथवा अनैतिक मार्ग पर जाएगा ही। यह एक ऐसा वैज्ञानिक प्रतिक्रियात्मक क्रम है, जिसमें व्यतिक्रम होना संभव नहीं है।

तम्बाकू में चार प्रकार के पदार्थ होते हैं, जो निकोटिन, कोलतार, आर्सेनिक और कार्बन मोनोक्साइड अथवा कोयले की गेरू कहे जाते हैं। निकोटिन से हमारी घ्राण-शक्ति (सुगन्ध और दुर्गन्ध जानने की शक्ति) कमजोर हो जाती है। नाक के पर्दे भी बुरी तरह प्रभावित होते हैं। आँखों की ज्योति पर भी निकोटिन के विष का बुरा प्रभाव पड़ता है। धूम्रपान करने वालों की पाचन प्रक्रिया बिगड़ जाती है और वे कब्ज एवं अपच की बीमारी के शिकार हो जाते हैं।

निकोटिन से ब्लड प्रेशर बढ़ता है। रक्त की नलियों में रक्त का स्वाभाविक संचार मंद पड़ जाता है और त्वचा सुन्न होने लगती है, जिससे तरह-तरह की त्वचा की बीमारियाँ उत्पन्न हो जाती हैं। निकोटिन का धुआं जीर्ण खाँसी का रोग भी पैदा कर देता है। रोग बढ़कर दमा, श्वास और तपेदिक का रूप धारण कर लेता है।

तम्बाकू के विषैले प्रभाव के कारण मनुष्य में क्रोध-वृत्ति प्रबल हो जाती है, क्योंकि तम्बाकू का सेवन करते-करते मन, मस्तिष्क दोनों कमजोर हो जाते हैं और उसमें इतना हलकापन आ जाता है कि वह छोटी-छोटी बातों को भी सहन करने में असमर्थ हो जाता है। थोड़ा सा कारण उत्पन्न होने पर ही वह आपे से बाहर हो जाता है। इस प्रकार क्रोध की अधिकता से स्मृति तथा विवेक बुद्धि विकृत हो जाती है और मस्तिष्क में उत्तेजना बनी रहती है। तम्बाकू से बुद्धि को हानि पहुँचना एक ऐसा सुनिश्चित तथ्य है कि उस दृष्टि से प्रत्येक चिकित्सा विज्ञानी इसका निषेध करता है। तम्बाकू तमोगुण की जननी है। तमोगुण मनुष्य के आचरण को भ्रष्ट कर देता है।

अनेक लोगों का विचार है कि पीने की अपेक्षा तम्बाकू खाना अथवा सूँघना कम हानिकारक है, किन्तु यह धारणा गलत है। धूम्रपान करने से जहाँ तम्बाकू का जहर जलकर धुएँ के रूप में शरीर में पहुँचता है, वहाँ तम्बाकू खाने से उसका जहर अपनी पूरी शक्ति के साथ शरीर के अंग-प्रत्यंगों में जम जाता है। उससे शरीर के दाद-खाज, छाजन आदि रोग जड़ जमा लेते हैं।

धार्मिक दृष्टिकोण से भी तम्बाकू त्याज्य है। प्राचीन ग्रंथों में अनेक स्थानों पर धूम्रपान का निषेध किया गया है, यथा-यत्स्वधर्मार्जितं पुण्यं तन्नष्ट धूम्रपानतः। अर्थात् स्वधर्म का आचरण करके जो पुण्य अर्जित किया जाता है, वह सब धूम्रपान से नष्ट हो जाता है। इससे यह विदित होता है कि नशे के रूप में किसी भी प्रकार के धूम्रपान के दोषों से प्राचीन समय के विचारक तथा उद्घोषक परिचित थे, इसलिए इसे हेय और त्याज्य बतलाया है।

अतएव स्वास्थ्य, परिवार, समय, मानव समाज तथा सम्पूर्ण राष्ट्र का तकाजा है कि समस्त भारतवासियों को तम्बाकू जैसे हानिकारक तथा तुच्छ व्यसन को स्वयमेव तो त्याग ही देना चाहए, साथ ही अन्य लोगों को भी इसके दुष्प्रभाव से परिचित कराकर त्यागने के लिए प्रेरित करना चाहिए।

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