Thursday, 23 July 2015

मोदी अमेरिका और जापान के संग हिन्द महासागर में उतारेंगे भारत की नेवी


भारतीय नौसेना

नई दिल्ली: राजनयिक सूत्रों के हवाले से खबर है कि केंद्र की मोदी सरकार हिंद महासागर में ताकत की नुमाइश करने जा रही है। अक्टूबर में होने वाली इस नुमाइश में जापान और अमेरिका भी हिस्सा लेंगे। भारत ने करीब 8 साल पहले इस तरह का बहुपक्षीय युद्धाभ्यास किया था और उस समय भी चीन इसे लेकर चिढ़ गया था।
अब हिंद महासागर भारत और चीन के बीच प्रतियोगिता का नया ठिकाना बन गया है। चीन लगातार यहां अपनी पैठ बढ़ाता जा रहा है और भारत भी हिंद महासागर में अपने एकछत्र राज को बरकरार रखने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा है।
जानकारों के अनुसार, भारत ने हर साल होने वाले अपने 'मालाबार युद्धाभ्यास' को आगे बढ़ाने का फैसला कर लिया है और वो इसमें जापान व अमेरिका जैसी मजबूत नौसेनाओं को शामिल करके इन देशों के साथ बेहतर संबंध बनाना चाहता है।
नौसेना और राजनयिक सूत्रों के अनुसार भारत, अमेरिका और जापान के मिलिटरी अफसर बुधवार और गुरुवार को टोकियो के करीब योकोसुका में अमेरिकी नेवी बेस पर मुलाकात करेंगे।
जापान सरकार के एक अधिकारी ने पहचान गुप्त रखने की शर्त पर इसकी पुष्टि कर दी है। उनका कहना है कि तीनों देशों की नौसेना से जुड़े लोग मिल रहे हैं और युद्धाभ्यास में शामिल होने पर बातचीत करेंगे।
शुरुआती प्लानिंग से जुड़े सूत्रों के अनुसार इस मीटिंग में इस बात पर निर्णय किया जाएगा कि युद्धाभ्यास में किस तरह के युद्धपोत, जहाज और कितनी नौसेना को शामिल किया जाएगा। भारत और अमेरिका पहले के युद्धाभ्यासों में एयरक्राफ्ट कैरियर व पनडुब्बियों को इसमें शामिल करते रहे हैं।
हालांकि भारतीय रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने 'मालाबार 2015' पर किसी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की घोषणा युद्धाभ्यास से कुछ ही समय पहले की जाएगी। जापानी नौसेना के एक प्रवक्ता के अनुसार अभी किसी तरह का निर्णय नहीं किया गया है।
अमेरिकी फॉरेन पॉलिसी काउंसिल में दक्षिण एशिया मामलों के विशेषज्ञ जेफ स्मिथ के अनुसार जापान को युद्धाभ्यास में शामिल करने की पीछे भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मकसद अमेरिका और उसके सहयोगियों से संबंध मजबूत करना है।

उत्तराखंड के सीएम पर भ्रस्टाचार की आंच, निजी सचिव फंसे



नई दिल्ली : विपक्ष के व्यापम और ललितगेट के जवाब में भाजपा ने कांग्रेस मुख्यमंत्रियों व नेताओं को घेरना शुरू कर दिया है। पहली किश्त में पार्टी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए सबूत के तौर पर उनके निजी सचिव का एक खुफिया वीडियो जारी किया है। इसी तरह केंद्र में मंत्री रहे पीके थुंगन के मामले पर भी सफाई मांगी है, जिनको भ्रष्टाचार के मामले में अदालत ने दोषी माना है।
संभव है कि हर एक- दो दिनों के अंतराल पर अन्य कांग्रेस शासित राज्यों में भ्रष्टाचार का खुलासा किया जाएगा। इस बीच, रावत के पूर्ववर्ती विजय बहुगुणा ने भाजपा के आरोपों को ताकत दी है। ट्विट करके उन्होंने आरोपों की जद में आए अधिकारी को तत्काल हटाने की मांग की है।
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस कर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शराब व बाढ़ राहत घोटाले में रावत ने करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार किया है। इस आरोप के पक्ष में उन्होंने एक वीडियो भी जारी किया। इसमें रावत के निजी सचिव किसी से पूछ रहे हैैं कि वे उस समय कितना भुगतान करेंगे। साथ ही, वे यह भी पूछ रहे हैैं कि भुगतान दिल्ली में होगा या देहरादून में। 25 फीसदी रकम पहले और 75 फीसदी बाद में देने की बात भी होती है।
सीतारमण ने कहा कि गढ़वाल मंडल विकास निगम के जरिये सिर्फ शराब की ढुलाई का काम होता है। इसे खुदरा विक्रेताओं तक पहुंचाने के लिए अलग से एजेंसी का सहारा लिया जाता है। इस एजेंसी को रावत और उनके निजी सचिव चुनते हैं। इस काम में वे करोड़ों रुपये का घोटाला करते हैं। साथ ही, उन्होंने दो साल पहले राज्य में आई बाढ़ का हवाला देते हुए कहा कि उसकी राहत के नाम पर भी यहां बड़ा घोटाला किया गया। इसलिए मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।
इसी तरह केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू व भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने भ्रष्टाचार के एक और मामले पर कांग्रेस को घेरा। इन्होंने कहा कि कांग्रेस भाजपा नेताओं के भ्रष्टाचार का मामला उठा रही है, जबकि उसके केंद्रीय मंत्री रहे पीके थुंगन को अदालत ने भ्रष्टाचार का दोषी माना है। 27 साल पुराने इस मामले में अदालत जल्दी ही सजा भी सुनाने वाली है।
बताते हैैं कि आने वाले दिनों में केरल, असम, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार से लेकर कुशासन तक के कई मुद्दे सामने लाए जाएंगे। चर्चा के लिए सदन में पहले ही नोटिस दिया जा चुका है। प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस शासित राज्यों में भ्रष्टाचार पर पुस्तिका भी जारी की गई। बताते हैैं कि इसी क्रम में यह आंकड़ा भी एकत्रित किया जा रहा है कि कांग्रेस काल में किसानों की कितनी जमीन अधिग्रहीत की गई और कितनी कीमत दी गई। इन सभी मुद्दों के सहारे केंद्र से लेकर राज्यों तक कांग्रेस पर हमला होगा।
मुख्यमंत्री हरीश रावत के सचिव के स्टिंग ऑपरेशन प्रकरण पर भाजपा के हमलावर रुख और इस्तीफे की मांग उठने पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भाजपा पर जवाबी हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा स्टिंग ऑपरेशन की प्रामाणिकता को खुद ही साबित कर दे तो वह कड़ी कार्रवाई को तैयार हैं। सरकार अपने स्तर पर स्टिंग की सीडी की जांच कराएगी। जांच में सही तथ्य सामने आने के बाद कदम उठाया जाएगा। भाजपा गंभीर आरोपों से घिरे अपने नेताओं से देश और दुनिया का ध्यान हटाने के लिए बेबुनियाद आरोप लगा रही है। 

Ads Inside Post