Thursday, 23 July 2015

मोदी अमेरिका और जापान के संग हिन्द महासागर में उतारेंगे भारत की नेवी


भारतीय नौसेना

नई दिल्ली: राजनयिक सूत्रों के हवाले से खबर है कि केंद्र की मोदी सरकार हिंद महासागर में ताकत की नुमाइश करने जा रही है। अक्टूबर में होने वाली इस नुमाइश में जापान और अमेरिका भी हिस्सा लेंगे। भारत ने करीब 8 साल पहले इस तरह का बहुपक्षीय युद्धाभ्यास किया था और उस समय भी चीन इसे लेकर चिढ़ गया था।
अब हिंद महासागर भारत और चीन के बीच प्रतियोगिता का नया ठिकाना बन गया है। चीन लगातार यहां अपनी पैठ बढ़ाता जा रहा है और भारत भी हिंद महासागर में अपने एकछत्र राज को बरकरार रखने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा है।
जानकारों के अनुसार, भारत ने हर साल होने वाले अपने 'मालाबार युद्धाभ्यास' को आगे बढ़ाने का फैसला कर लिया है और वो इसमें जापान व अमेरिका जैसी मजबूत नौसेनाओं को शामिल करके इन देशों के साथ बेहतर संबंध बनाना चाहता है।
नौसेना और राजनयिक सूत्रों के अनुसार भारत, अमेरिका और जापान के मिलिटरी अफसर बुधवार और गुरुवार को टोकियो के करीब योकोसुका में अमेरिकी नेवी बेस पर मुलाकात करेंगे।
जापान सरकार के एक अधिकारी ने पहचान गुप्त रखने की शर्त पर इसकी पुष्टि कर दी है। उनका कहना है कि तीनों देशों की नौसेना से जुड़े लोग मिल रहे हैं और युद्धाभ्यास में शामिल होने पर बातचीत करेंगे।
शुरुआती प्लानिंग से जुड़े सूत्रों के अनुसार इस मीटिंग में इस बात पर निर्णय किया जाएगा कि युद्धाभ्यास में किस तरह के युद्धपोत, जहाज और कितनी नौसेना को शामिल किया जाएगा। भारत और अमेरिका पहले के युद्धाभ्यासों में एयरक्राफ्ट कैरियर व पनडुब्बियों को इसमें शामिल करते रहे हैं।
हालांकि भारतीय रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने 'मालाबार 2015' पर किसी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की घोषणा युद्धाभ्यास से कुछ ही समय पहले की जाएगी। जापानी नौसेना के एक प्रवक्ता के अनुसार अभी किसी तरह का निर्णय नहीं किया गया है।
अमेरिकी फॉरेन पॉलिसी काउंसिल में दक्षिण एशिया मामलों के विशेषज्ञ जेफ स्मिथ के अनुसार जापान को युद्धाभ्यास में शामिल करने की पीछे भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मकसद अमेरिका और उसके सहयोगियों से संबंध मजबूत करना है।

उत्तराखंड के सीएम पर भ्रस्टाचार की आंच, निजी सचिव फंसे



नई दिल्ली : विपक्ष के व्यापम और ललितगेट के जवाब में भाजपा ने कांग्रेस मुख्यमंत्रियों व नेताओं को घेरना शुरू कर दिया है। पहली किश्त में पार्टी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए सबूत के तौर पर उनके निजी सचिव का एक खुफिया वीडियो जारी किया है। इसी तरह केंद्र में मंत्री रहे पीके थुंगन के मामले पर भी सफाई मांगी है, जिनको भ्रष्टाचार के मामले में अदालत ने दोषी माना है।
संभव है कि हर एक- दो दिनों के अंतराल पर अन्य कांग्रेस शासित राज्यों में भ्रष्टाचार का खुलासा किया जाएगा। इस बीच, रावत के पूर्ववर्ती विजय बहुगुणा ने भाजपा के आरोपों को ताकत दी है। ट्विट करके उन्होंने आरोपों की जद में आए अधिकारी को तत्काल हटाने की मांग की है।
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस कर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शराब व बाढ़ राहत घोटाले में रावत ने करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार किया है। इस आरोप के पक्ष में उन्होंने एक वीडियो भी जारी किया। इसमें रावत के निजी सचिव किसी से पूछ रहे हैैं कि वे उस समय कितना भुगतान करेंगे। साथ ही, वे यह भी पूछ रहे हैैं कि भुगतान दिल्ली में होगा या देहरादून में। 25 फीसदी रकम पहले और 75 फीसदी बाद में देने की बात भी होती है।
सीतारमण ने कहा कि गढ़वाल मंडल विकास निगम के जरिये सिर्फ शराब की ढुलाई का काम होता है। इसे खुदरा विक्रेताओं तक पहुंचाने के लिए अलग से एजेंसी का सहारा लिया जाता है। इस एजेंसी को रावत और उनके निजी सचिव चुनते हैं। इस काम में वे करोड़ों रुपये का घोटाला करते हैं। साथ ही, उन्होंने दो साल पहले राज्य में आई बाढ़ का हवाला देते हुए कहा कि उसकी राहत के नाम पर भी यहां बड़ा घोटाला किया गया। इसलिए मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।
इसी तरह केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू व भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने भ्रष्टाचार के एक और मामले पर कांग्रेस को घेरा। इन्होंने कहा कि कांग्रेस भाजपा नेताओं के भ्रष्टाचार का मामला उठा रही है, जबकि उसके केंद्रीय मंत्री रहे पीके थुंगन को अदालत ने भ्रष्टाचार का दोषी माना है। 27 साल पुराने इस मामले में अदालत जल्दी ही सजा भी सुनाने वाली है।
बताते हैैं कि आने वाले दिनों में केरल, असम, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार से लेकर कुशासन तक के कई मुद्दे सामने लाए जाएंगे। चर्चा के लिए सदन में पहले ही नोटिस दिया जा चुका है। प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस शासित राज्यों में भ्रष्टाचार पर पुस्तिका भी जारी की गई। बताते हैैं कि इसी क्रम में यह आंकड़ा भी एकत्रित किया जा रहा है कि कांग्रेस काल में किसानों की कितनी जमीन अधिग्रहीत की गई और कितनी कीमत दी गई। इन सभी मुद्दों के सहारे केंद्र से लेकर राज्यों तक कांग्रेस पर हमला होगा।
मुख्यमंत्री हरीश रावत के सचिव के स्टिंग ऑपरेशन प्रकरण पर भाजपा के हमलावर रुख और इस्तीफे की मांग उठने पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भाजपा पर जवाबी हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा स्टिंग ऑपरेशन की प्रामाणिकता को खुद ही साबित कर दे तो वह कड़ी कार्रवाई को तैयार हैं। सरकार अपने स्तर पर स्टिंग की सीडी की जांच कराएगी। जांच में सही तथ्य सामने आने के बाद कदम उठाया जाएगा। भाजपा गंभीर आरोपों से घिरे अपने नेताओं से देश और दुनिया का ध्यान हटाने के लिए बेबुनियाद आरोप लगा रही है। 

Sunday, 7 June 2015

ऑर्डनेंस फैक्ट्री में भर्ती, 10वीं-12वीं पास करें आवेदन

ऐसे करें आवेदनसेंट्रल ऑर्डनेंस डिपो, जबलपुर ने विभिन्न रिक्त पदों पर भर्ती के लिए योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन मंगाए हैं। विज्ञापित पदों की कुल संख्या 20 है, जिनमें एलडीसी, फायरमैन, पैकर, मजदूर, कुक, गार्डनर वेंडर (कैंटीन) आदि शामिल हैं। इन पदों पर आवेदन करने के लिए आवेदकों के पास योग्यता के अंर्तगत 10वीं / 12वीं या समकक्ष सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है।

विज्ञापित पदों के लिए उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 30 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग को अधिकतम आयु सीमा में नियमानुसार छूट प्रदान की जाएगी। वेतनमान के तौर पर चुने गए आवेदकों को 5,200 रुपये से 20,200 रुपये तक दिए जाने का प्रावधान है।
विज्ञापित पदों पर केवल ऑफलाइन आवेदन मान्य किए जाएंगे। योग्य उम्‍मीदवार निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र को भरें व साथ में शैक्षिक दस्तावेजों की प्रतियों को संलग्न कर 'रिक्रूटमेंट सेल, कमांडेंट, सेंट्रल ऑर्डनेंस डिपो, पोस्ट बॉक्स नंबर. 20, जबलपुर, मध्य प्रदेश - 482001' के पते पर भेजें। योग्य आवेदक के चयन के लिए लिखित परीक्षा और शारीरिक परीक्षण का आयोजन किया जाएगा।

सेंट्रल ऑर्डनेंस डिपो द्वारा निर्धारित मानदंडों को पूरा करने वाले अभ्यर्थी को शार्टलिस्ट किया जाएगा, जिसके बाद उन्हें 2 घंटे की लिखित परीक्षा देनी होगी। परीक्षा को उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को व्यक्तिगत साक्षात्कार के जरिए चुना जाएगा। आवेदन संबंधी अधिक जानकारी के लिए उम्मीदवारhttp://www.davp.nic.in/WriteReadData/ADS/eng_10202_13_1516b.pdfपर लॉग ऑन करें।

Wednesday, 3 June 2015

बांटने वाली सियासत में नहीं करता यकीन, कभी नहीं बोलूंगा सांप्रदायिक जुबान: PM



नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि वह ऐसी राजनीति में विश्वास नहीं रखते जो लोगों को साम्प्रदायिक आधार पर बांटती है और न ही वह कभी साम्प्रदायिक भाषा बोलेंगे. उन्होंने कहा कि बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक की राजनीति देश की पहले ही बहुत क्षति कर चुकी है.
शब-ए-बारात के अवसर पर उनसे मिलने आए मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत में मोदी ने कहा, ‘‘बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक की सियासत देश का पहले ही बहुत नुकसान कर चुकी है. मैं ऐसी सियासत में यकीन नहीं रखता जो लोगों को साम्प्रदायिक आधार पर बांटती है और न ही मैं कभी साम्प्रदायिक भाषा बोलूंगा.’’    
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार उन्होंने कहा कि ‘‘रोजगार और विकास सब समस्याओं का समाधान है और वह ऐसा करने पर अपना ध्यान केन्द्रित किए हुए हैं.’’ तीस सदस्यीय मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों का शुक्रिया अदा करते हुए उन्होंने कहा कि शब-ए-बारात के व्यस्त मौके पर उनका उनसे मुलाकात करने आना बहुत सराहनीय है.
इस प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि ‘मुस्लिम समुदाय ने वोट बैंक की विधवंसक राजनीति को नामंजूर कर दिया है और वह विकास में दिलचस्पी रखता है.’’ 
इमाम उमर अहमद इल्यासी की अगुवाई में उनसे मिलने आए इस प्रनिधिमंडल से प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार की कौशल विकास पहलों के बारे में बताया और गुजरात के मुख्यमंत्री रहते राज्य में बालिका शिक्षा और पतंग उद्योग को बढावा देने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी.
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने पिछले एक साल में प्रधानमंत्री के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि वे ‘‘प्रधानमंत्री के साथ विकास और प्रगति के लिए साङोदारी बनाना चाहते हैं.’’     
मुस्लिम नेताओं ने मुस्लिम युवाओं के बारे में प्रधानमंत्री के उस दृष्टिकोण के लिए बधाई दी जिसमें उन्होंने कहा है कि ‘मुस्लिम युवाओं के एक हाथ में कुरान हो तो दूसरे हाथ में कंप्यूटर।’ उन्होंने संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रुप में घोषित किए जाने में प्रधानमंत्री की पहल के लिए उन्हें बधाई दी. इस अवसर पर अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी मौजूद थे.
मोदी से मिलने आए मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधिमंडल में अखिल भारतीय इमाम संगठन के प्रमुख इमाम उमर अहमद इल्यासी, कौमी मजलिस-ए-शूरा के अध्यक्ष डा ख्वाजा इफ्तेखार अहमद, इस्लामिक काउंसिल आफ इंडिया के अध्यक्ष कारी मोहम्मद मियां मजहरी, मौलाना बिलाल अहमद, मौलाना मुहम्मद यूनुस, मौलाना मुहम्मद हारुन, मौलाना नसीरुद्दीन, मौलाना मुहम्मद इकराम, मौलाना बुरहान अहमद कासमी, मौलाना अल्लामा जफर जनकपुरी, मौलाना अयूब अली, मौलाना जाकिर हुसैन, मौलाना अब्दुल मजीद, मौलाना कारी अब्दुल लतीफ, मौलाना इल्यास भरतपुरी, मौलाना लुकमान तारापुरी, डा असगर अली खान, डा असलम परवेज अहमद, प्रोफेसर काजी ओबैद उर रहमान आदि शामिल हैं.

दिल्ली सरकार की जांच में भी मैगी फेल, 13 में से 10 सैंपल में मानक से ज्यादा लेड मिला, केरल के बाद दिल्ली में भी बिक्री हो सकती है बंद



दिल्ली में मैगी पर पाबंदी लगाने को लेकर आज फैसला लिया जा सकता है। दिल्ली सरकार नेस्ले के खिलाफ केस भी दर्ज करा सकती है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सतेन्द्र जैन ने आज नेस्ले के अधिकारियों को इस मुद्दे पर बुलाया है।
गौरतलब है कि दिल्ली में भी मैगी के नमूने जांच में फेल पाए गए हैं। बीते दो दिनों में कई इलाकों से मैगी के 13 नमूने उठाए गए थे। इनकी जांच में साफ हुआ है कि सात नमूने आम लोगों के लिए असुरक्षित हैं, जबकि पांच नमूने ब्रांड के मानकों पर खरे नहीं उतरे। मैगी के नमूनों में लैड होने की रिपोर्ट के बाद दिल्ली में यह पहल की गई थी। वहीं, दिल्ली सरकार ने नेस्ले इंडिया के खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला किया है। आज दिल्ली सरकार इसे बाजार से हटाने का निर्देश दे सकती है। इसके तहत मैगी पर प्रतिबंध लगाने की कार्रवाई भी हो सकती है।

खाद्य सुरक्षा आयुक्त के.के. जिंदल ने बताया कि जांच के लिए बाजारों में विशेष टीमें उतारी गई थीं। इन्होंने जो नमूने उठाए उनमें लैड, फैट और सोडियम क्लोराइड की मात्रा ज्यादा पाई गई है। विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक मैगी के जो 7 नमूने असुरक्षित पाए गए हैं, उनमें लैड की मात्रा बहुत अधिक है। अन्य पांच नमूनों की जांच में पता चला है कि पैकेट पर जो तय मात्रा बताई गई थी, उससे कम मात्रा में पदार्थ मौजूद थे।

विभागीय अधिकारियों के मुताबिक अब इस संबंध में अदालत में रिपोर्ट पेश की जाएगी। इस रिपोर्ट पर कोर्ट के आदेशों के मुताबिक आगे की कार्यवाही की जाएगी। इस मामले में कोर्ट सजा या जुर्माना संबंधित आदेश जारी कर सकता है।

कई राज्यों में नेस्ले के उत्पाद मैगी नूडल्स पर खतरा मंडरा रहा है। केरल ने मैगी नूडल्स की बिक्री पर पूरे राज्य में प्रतिबंध लगा दिया है। वहीं पश्चिम बंगाल और कर्नाटक की सरकारें भी अपने यहां मैगी पर कार्रवाई की तैयारी में हैं। केरल सरकार ने नेस्ले को बाजार में मौजूद सारा स्टाक हटाने को कहा है। इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा संचालित आउटलेट से भी मैगी को तुरंत प्रभाव से हटाया जा रहा है।
केरल के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री अनूप जैकब ने मंगलवार को जारी आदेश में सभी बिक्री केंद्रों से मैगी नूडल्स के बचे हुए स्टाक को हटाए जाने का आदेश जारी किया। इसके साथ ही सरकार ने मैगी की कंपनी को राज्य के अपने गोदामों से मैगी के स्टाक को वापस लेने को कहा है। राज्य की फूड सेफ्टी कमिश्नर टीवी अनुपमा ने कहा कि हमने मैगी के अलग-अलग जगहों से रेंडम सैंपल लिए हैं जिनकी प्रयोगशाला में जांच कराई जा रही है। मैगी में सीसे की मौजूदगी साबित हुई है, पर मोनो सोडियम ग्लूकोमेट की मौजूदगी को लेकर परिणाम का इंतजार है।
 हरियाणा के बाजारों से मैगी के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हरियाणा सरकार के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि हमने राज्य भर से मैगी नूडल्स के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाने का आदेश दिया है। विज ने राज्य के स्वास्थ्य निदेशक से कहा है कि वे सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को बाजार से सैंपल लेने के आदेश दें। विज ने कहा कि हमारे राज्य में भी जांच के लिए अच्छे लैब हैं। पर अगर जरूर हुई तो सैंपल को जांच के लिए बाहर भी भेजा जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी पाई गई तो बाजार से मैगी का पूरा स्टाक उठवा लिया जाएगा।
बांग्लादेश के खाद्य प्राधिकरण ने नूडल्स के पांच ब्रांडों में कोई भी तत्व खतरे की सीमा से अधिक नहीं पाया है। इन पांच ब्रांडों में नेस्ले का मैगी भी शामिल है। बांग्लादेश मानक एवं परीक्षण संस्थान (बीएसटीआई) के प्रमाणन प्रकोष्ठ के निदेशक कमल प्रसाद दास ने कहा कि हमने मैगी समेत पांच कंपनियों के नूडल्स की जांच की है। उनमें कोई भी तत्व खतरनाक स्तर पर नहीं पाया। बीएसटीआई के सहायक निदेशक गुलाम बाकी ने पहले कहा था कि उत्पादों की नियमित जांच की जाती है, लेकिन भारत के यूपी में नेस्ले के नूडल्स में सीसे के खतरनाक स्तर से अधिक पाए जाने के बाद जांच शुरू की गई थी।

बिहार की एक अदालत ने मैगी के विज्ञापनों में नजर आने वाले अभिनेता अमिताभ बच्चन, माधुरी दीक्षित और प्रीति जिंटा पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो इन कलाकारों को गिरफ्तार भी किया जा सकता है। मुजफ्फरपुर के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रामचंद्र प्रसाद ने काजी मोहम्मदपुर पुलिस थाने को तीनों कलाकारों और नेस्ले इंडिया के अधिकारियों पर प्राथमिकी दर्ज करने और शिकायत की जांच का निर्देश दिया। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि वह मैगी खाकर बीमार पड़ गया।
वकील सुधीर कुमार ओझा ने सोमवार को एक शिकायत दायर की थी जिसपर अदालत ने सुनवाई के बाद आदेश दिया। कलाकारों के अलावा याचिकाकर्ता ने नेस्ले इंडिया के प्रबंध निदेशक मोहन गुप्ता, संयुक्त निदेशक सबब आलम पर भी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में दावा किया गया कि उन्होंने 30 मई को लेनिन चौक की एक दुकान से मैगी खरीदी थी, जिसे खाने के बाद वह बीमार पड़ गए। तीनों कलाकारों के खिलाफ यूपी के बाराबंकी की एक अदालत में इसी तरह का मामला चल रहा है।

Tuesday, 2 June 2015

जल्द ही अटल बिहारी वाजपेयी को सम्मानित करेगा बांग्लादेश

Image result for atal bihari vajpayeeबांग्लादेश खुद को 1971 में पाकिस्तान से आजाद कराने में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के अभूतपूर्व योगदान के लिए उन्हें सम्मानित करेगा। तब वाजपेयी लोकसभा के सदस्य थे। बांग्लादेश की आजादी की प्रक्रिया से वाकिफ रहे विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब छह जून को यहां आएंगे तो तब वाजपेयी का ‘फ्रेंडस ऑफ बांग्लादेश लिबरेशन वार अवार्ड’ उन्हें सौंपा जाएगा। वाजपेयी अस्वस्थ होने के कारण खुद यह अवॉर्ड लेने के लिए बांग्लादेश नहीं आ सकते हैं।
अधिकारी ने इस अवार्ड के प्रशस्ति के मसौदे के हवाले से कहा, ‘मुक्ति संग्राम (1971 में) की शुरुआत से ही वाजपेयी बांग्लादेश की आजादी के प्रबल पक्षधर थे। तब उन्होंने तत्कालीन भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष और लोकसभा सदस्य के तौर पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बांग्लादेश के लोगों के अधिकारों के लिए मुहिम चलाई थी।’

अधिकारी ने यह भी बताया कि इसके साथ ही प्रधानमंत्री शेख हसीना बांग्लादेश की आजादी के लिए अपना जीवन बलिदान करने वाले भारतीय सशस्त्र बलों के परिजनों को सम्मानित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी । इस प्रस्ताव में यह कहा गया है कि यह बांग्लादेश की ‘राष्ट्रीय जिम्मेदारी’ है कि वह भारतीय सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान के लिए उनका औपचारिक रूप से शुक्रिया अदा करे।
अधिकारी ने यह भी बताया कि इसके साथ ही प्रधानमंत्री शेख हसीना बांग्लादेश की आजादी के लिए अपना जीवन बलिदान करने वाले भारतीय सशस्त्र बलों के परिजनों को सम्मानित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। इस प्रस्ताव में यह कहा गया है कि यह बांग्लादेश की ‘राष्ट्रीय जिम्मेदारी’ है कि वह भारतीय सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान के लिए उनका औपचारिक रूप से शुक्रिया अदा करे। 

अधिकारियों ने यह भी बताया कि ढाका ने शहीद भारतीय सैनिकों के परिजनों बांग्लादेश की प्रधानमंत्री के दस्तखत वाले एक सर्टिफिकेट के साथ एक पत्र भेजने का भी फैसला लिया है। इसमें इन भारतीय सैनिकों के योगदान के लिए उनका आभार जताया जाएगा। भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री स्वर्गीया इंदिरा गांधी पहली ऐसी ‘विदेशी दोस्त’ थीं जिन्हें� ‘बांग्लादेश लिबरेशन वार ऑनर अवॉर्ड’ से नवाजा गया था। उनकी ओर से उनकी पुत्रवधू और कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी ने 2012 में एक विशेष समारोह में यह अवार्ड ग्रहण किया था। 

इसके बाद यह पुरस्कार पाने वालों में ज्यादातर भारतीय हैं, जिन्होंने बांग्लादेश की आजादी में अहम रोल अदा किया। भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी इनमें से एक हैं। अवामी लीग के 2008 में सत्ता संभालने के बाद से बांग्लादेश ने 1971 के ‘विदेशी मित्रों’ को सम्मानित करने का फैसला किया है। 

बेहतरीन मौका, एयर इंडिया में 12वीं पास की भर्ती

एयर इंडिया ने केबिन क्रू के रिक्त पदों को भरने के लिए योग्य उम्मीदवारों से आवेदन पत्र मंगाए हैं। विज्ञापित पदों की कुल संख्या 83 है। इन पदों पर आवेदन करने के लिए योग्यता के तहत आवेदकों को किसी मान्यता प्राप्त संस्‍थान से 12वीं उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।

जिन आवेदकों के पास होटल मैनेजमेंट में डिग्री या डिप्लोमा हैं उन्हें चयन में प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। इन पदों पर आवेदन करने के‌ लिए उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष त‌था अधिकतम 27 वर्ष होना आवश्यक है।

केबिन क्रू के पदों पर केवल अविवाहित उम्मीदवार ही आवेदन के योग्य होंगे। विज्ञापित पदों पर आरक्षित वर्ग को अधिकतम आयु सीमा में नियमानुसार छूट प्रदान की जाएगी।

इन पदों पर केवल ऑनलाइन आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगे। सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों को 600 रुपये का डिमांड ड्रॉफ्ट 'एयर लाइन एलाइड सर्विस लिमिटेड' के पक्ष में जमा करने होंगे। एससी व एसटी वर्ग के उम्मीदवारों को आवेदन शुल्‍क से मुक्त रखा गया है।

इच्छुक उम्मीदवार संबं‌धित वेबसाइट पर ‌दिए गए निर्देशों के अनुसार आवेदन प्रक्रिया को पूरा करें और पूर्णरूप से भरे हुए आवेदन पत्र का प्रिंटआउट निकालकर आगामी चयन प्रकिया के लिए सुरक्षित रख लें। इन पदों पर आवेदन करने की अंतिम तिथि 18 जून, 2015 निर्धारित की गई है।

योग्य आवेदकों का चयन समू‌ह चर्चा और साक्षात्कार के माध्यम से किया जाएगा। आवेदन करने के लिए या किसी अन्य जानकारी के लिए इच्छुक उम्मीदवार एयर इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट www.airindia.com� पर लॉग ऑन करें।

सिगरेट पीने वालों के लिए काम की है यह खबर, जरूर पढ़ें

नशेबाजी की बुरी आदतों में तंबाकू का व्यसन बहुत बुरी तरह फैल गया है। यह दुर्व्यसन इतना सामान्य तथा व्यापक हो गया है कि लोगों के दैनिक जीवन का एक अंग बन बैठा है और मित्रों, मेहमानों को सिगरेट-बीड़ी आदि भेंट करना आदर अभिव्यक्ति का एक अंग मान लिया गया है। इसे समाज के लिए दुर्भाग्य के सिवाय और कुछ नहीं कहा जा सकता है।

शिक्षित वर्ग तम्बाकू के दुर्व्यसन को फैशन के रूप में स्वीकार किये हुए हैं, तो अशिक्षित सर्वसाधारण उसे एक नियमित पेय पदार्थ के रूप में स्वीकार कर चुका है। बीड़ी, सिगरेट उसके नियमित दिनचर्या का एक अभिन्न अंग बन चुका है।

वस्तुतः सभी दृष्टिकोण से तम्बाकू विष ही है। उसे मन्थर विष भी कहा जाता है। विष से तुरन्त मृत्यु हो जाती है जबकि मन्थर विष मृत्यु का बीज बो देता है। तम्बाकू जैसी वस्तुओं को लोग निःसंकोच होकर अपना लेते हैं और धीरे-धीरे अपने को गलाते हुए अपना जीवन नष्ट करते रहते हैं।

तम्बाकू सेवन से उसका विष मनुष्य के रक्त में उत्तेजना उत्पन्न कर देता है जिसके प्रभाव से मनुष्य की विभिन्न प्रकार की प्रवृत्तियाँ जाग उठती हैं और वह मानसिक और शारीरिक रूप से कुमार्गगामी हो जाता है। जिसके शरीर में विष का प्रभाव होगा, उसका मन अवश्य विषैला होगा और जिसका मन विषैला होगा, उसकी बुद्धि कुटिल होगी। वह अपराध अथवा अनैतिक मार्ग पर जाएगा ही। यह एक ऐसा वैज्ञानिक प्रतिक्रियात्मक क्रम है, जिसमें व्यतिक्रम होना संभव नहीं है।

तम्बाकू में चार प्रकार के पदार्थ होते हैं, जो निकोटिन, कोलतार, आर्सेनिक और कार्बन मोनोक्साइड अथवा कोयले की गेरू कहे जाते हैं। निकोटिन से हमारी घ्राण-शक्ति (सुगन्ध और दुर्गन्ध जानने की शक्ति) कमजोर हो जाती है। नाक के पर्दे भी बुरी तरह प्रभावित होते हैं। आँखों की ज्योति पर भी निकोटिन के विष का बुरा प्रभाव पड़ता है। धूम्रपान करने वालों की पाचन प्रक्रिया बिगड़ जाती है और वे कब्ज एवं अपच की बीमारी के शिकार हो जाते हैं।

निकोटिन से ब्लड प्रेशर बढ़ता है। रक्त की नलियों में रक्त का स्वाभाविक संचार मंद पड़ जाता है और त्वचा सुन्न होने लगती है, जिससे तरह-तरह की त्वचा की बीमारियाँ उत्पन्न हो जाती हैं। निकोटिन का धुआं जीर्ण खाँसी का रोग भी पैदा कर देता है। रोग बढ़कर दमा, श्वास और तपेदिक का रूप धारण कर लेता है।

तम्बाकू के विषैले प्रभाव के कारण मनुष्य में क्रोध-वृत्ति प्रबल हो जाती है, क्योंकि तम्बाकू का सेवन करते-करते मन, मस्तिष्क दोनों कमजोर हो जाते हैं और उसमें इतना हलकापन आ जाता है कि वह छोटी-छोटी बातों को भी सहन करने में असमर्थ हो जाता है। थोड़ा सा कारण उत्पन्न होने पर ही वह आपे से बाहर हो जाता है। इस प्रकार क्रोध की अधिकता से स्मृति तथा विवेक बुद्धि विकृत हो जाती है और मस्तिष्क में उत्तेजना बनी रहती है। तम्बाकू से बुद्धि को हानि पहुँचना एक ऐसा सुनिश्चित तथ्य है कि उस दृष्टि से प्रत्येक चिकित्सा विज्ञानी इसका निषेध करता है। तम्बाकू तमोगुण की जननी है। तमोगुण मनुष्य के आचरण को भ्रष्ट कर देता है।

अनेक लोगों का विचार है कि पीने की अपेक्षा तम्बाकू खाना अथवा सूँघना कम हानिकारक है, किन्तु यह धारणा गलत है। धूम्रपान करने से जहाँ तम्बाकू का जहर जलकर धुएँ के रूप में शरीर में पहुँचता है, वहाँ तम्बाकू खाने से उसका जहर अपनी पूरी शक्ति के साथ शरीर के अंग-प्रत्यंगों में जम जाता है। उससे शरीर के दाद-खाज, छाजन आदि रोग जड़ जमा लेते हैं।

धार्मिक दृष्टिकोण से भी तम्बाकू त्याज्य है। प्राचीन ग्रंथों में अनेक स्थानों पर धूम्रपान का निषेध किया गया है, यथा-यत्स्वधर्मार्जितं पुण्यं तन्नष्ट धूम्रपानतः। अर्थात् स्वधर्म का आचरण करके जो पुण्य अर्जित किया जाता है, वह सब धूम्रपान से नष्ट हो जाता है। इससे यह विदित होता है कि नशे के रूप में किसी भी प्रकार के धूम्रपान के दोषों से प्राचीन समय के विचारक तथा उद्घोषक परिचित थे, इसलिए इसे हेय और त्याज्य बतलाया है।

अतएव स्वास्थ्य, परिवार, समय, मानव समाज तथा सम्पूर्ण राष्ट्र का तकाजा है कि समस्त भारतवासियों को तम्बाकू जैसे हानिकारक तथा तुच्छ व्यसन को स्वयमेव तो त्याग ही देना चाहए, साथ ही अन्य लोगों को भी इसके दुष्प्रभाव से परिचित कराकर त्यागने के लिए प्रेरित करना चाहिए।

Thursday, 21 May 2015

देश विरोधी हरकतों के लिए पहले गिलानी माफ़ी मांगे फिर मिलेगा पासपोर्ट : बीजेपी


Should Syed ali Shah Geelani be given Indian passport?

जम्मू : कश्मीर के अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी को पासपोर्ट देने के मुद्दे पर जम्मू कश्मीर की पीडीपी, भाजपा गंठबंधन सरकार के बीच एक बार फिर तानातानी पूर्ण स्थिति बन गयी है. पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने सैयद अली शाह गिलानी को पासपोर्ट देने की पैरवी की है, जबकि भाजपा ने उनके भारत विरोधी कार्यो के लिए उनसे माफी की मांग की है.
 
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि गिलानी एक बुजुर्ग व्यक्ति हैं और वह अपनी बीमार बेटी से भेंट करने अगर जेद्दाह जाना चाहते हैं. इसलिए उन्हें यात्र के लिए जरूरी दस्तावेज जारी करने में दिक्कत नहीं होनी चाहिए. उल्लेखनीय है कि सैयद अली शाह गिलानी ने पासपोर्ट बनाने के लिए आवेदन दिया है. 
 
दरअसल, गिलानी अपनी अस्वस्थ बेटी को देखने सउदी अरब जाना चाहते हैं. उधर, प्रदेश भाजपा ने कहा है कि अगर गिलानी पासपोर्ट चाहते हैं तो पहले उन्हें खुद को भारतीय मानना चाहिए और अपने राष्ट्र विरोधी गतिविधि के लिए क्षमा याचना करनी चाहिए. भाजपा प्रवक्ता खालिद जहांगीर ने कहा है कि जब तक वे पिछले 25 साल में अपनी गलतियों के लिए माफी नहीं मांगते तब तक उन्हें पासपोर्ट नहीं दिया जा सकता है.

यमुना एक्सप्रेसवे पर उतरा जेट विमान...


परीक्षण के तौर पर यमुना एक्सप्रेस-वे पर उतरा एयरफोर्स का विमान, सफल रहा ट्रायल

नई दिल्ली: आपात स्थिति में विमानों को उतारने के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों का उपयोग करने के उद्देश्य से किए गए एक परीक्षण के तहत भारतीय वायुसेना का एक मिराज 2000 लड़ाकू विमान आज सुबह मथुरा के समीप यमुना एक्सप्रेस-वे पर सफलतापूर्वक उतारा गया। यह पहला मौका है, जब भारतीय वायुसेना का कोई विमान किसी राजमार्ग पर उतरा है।
वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि विमान सुबह छह बज कर करीब 40 मिनट पर दिल्ली आगरा के मध्य, राजमार्ग पर उतरा। उन्होंने बताया कि बल की योजना भविष्य में और अधिक राजमार्गों पर ऐसे क्षेत्र स्थापित करने की है। भारतीय वायुसेना लड़ाकू विमानों की आपात स्थिति में लैंडिंग के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों का उपयोग करने पर विचार कर रही है।
इस बीच, मथुरा से मिली खबर में कहा गया है कि परीक्षण के लिए सुबह से ही यमुना एक्सप्रेस-वे पर यातायात बंद था। व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी वहां तैनात थे। सरकारी सूत्रों ने बताया कि विमान ने ग्वालियर स्थित हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी। आज के परीक्षण के लिए भारतीय वायुसेना ने अस्थायी यातायात नियंत्रक, सुरक्षा सेवाओं, बचाव वाहनों, पक्षियों को हटाने वाले दलों और अन्य जरूरतों सहित सभी तैयारियां कर रखी थीं। वहां एक हेलीकॉप्टर भी तैनात था।
वायुसेना के एक बयान में कहा गया है यह अभियान आगरा तथा मथुरा के जिला मजिस्ट्रेटों और पुलिस अधीक्षकों के समन्वय से चलाया गया। जमीन पर उतरने से पहले विमान 100 मीटर नीचे आया और फिर गोता लगा कर सड़क को लगभग छूता हुआ उपर चला गया। इसके बाद विमान पुन: नीचे आया और राजमार्ग पर उतरा। वायुसेना के अधिकारियों ने बताया कि अपरिहार्य परिस्थितियों में अगर सक्रिय हवाई अड्डा उपलब्ध न हो तो, आपात स्थिति में इस तरह लैंडिंग की जा सकती है।
गौरतलब है कि कई बार आपात स्थिति में सड़क (रोड) को भी रनवे बनाना पड़ सकता है। किन सड़कों पर प्‍लेन उतारा जा सकता है, यह तय करने के लिए किए जाने वाले टेस्‍ट को रोड रनवे टेस्‍ट कहते हैं। भारत से पहले चीन, पाकिस्तान, स्वीडन, जर्मनी, स्विट्जरलैंड, ताईवान, पोलैंड, फिनलैंड, चेकोस्लोवाकिया, साउथ कोरिया और सिंगापुर में एयरफोर्स के लिए रोड रनवे बने हैं। पाकिस्तान ने 2010 में ही इस्लामाबाद-लाहौर मोटरवे के एक हिस्से को अपनी एयरफोर्स के लिए रोड रनवे के रूप में विकसित कर लिया था।
भारतीय वायु सेना काफी समय से यह प्रयास कर रही थी कि आपात स्थित में लड़ाकू विमान हाइवे को रनवे की तरह इस्तेमाल कर सके और आज उसे इस अभियान में बड़ी सफलता हासिल हुई है। वायु सेना का कहना है कि वह भविष्य में इस तरह का अभ्यास दूसरे हाईवे पर भी करने की योजना बना रही है।

Wednesday, 20 May 2015

अमेरिकी राष्ट्रपति पद की दौड़ में आएगा ये भारतवं‌शी

नहीं मिलेगा मौका?अमेरिका के लुइसियाना प्रांत के भारतीय मूल के गवर्नर बॉबी जिॆदल ने अमेरिका में होने वाले राष्ट्रपति के चुनाव के लिए बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने चुनाव मैदान में आने की संभावनाओं का आंकलन करने के लिए प्रेसिडेंसियल एक्सप्लोरेट्री कमेटी का गठन किया है।

उनके इस कदम को अमेरिका में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से जोड़ कर देखा जा रहा है। संभावना है कि अगले कुछ सप्ताह में जिंदल यह घोषणा कर सकते हैं कि वे इन चुनावों के लिए तैयार हैं। यह संभावना जताई जा रही है कि जून में राज्य के विधायी सत्र के खत्म होने के बाद अपना अंतिम निर्णय लेंगे।

जिंदल ने कहा कि वे और उनकी पत्नी सुप्रिया चाह रहे हैं कि वे अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में अपनी भागदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यदि मैं इस दौड़ में शामिल होता हूं, तो मेरी उम्मीदवारी अमेरिकी लोगों के विचार पर आधारित होंगे जो एक अलग रास्ता होगा।'
अगर जिंदल अमेरिका के राष्ट्रपति के चुनावों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करते हैं तो वे ऐसे करने वाले पहले भारतीय मूल के होंगे जो औपचारिक रूप से इस चुनाव में भाग लेंगे। जिंदल के इस कदम से अमेरिकी भारतीयों में भी उनका कद बढ़ेगा।

जिंदल को राष्ट्रपति के चुनाव में आगे बढ़ने के लिए सबसे पहले रिपब्लिकन पार्टी का टिकट पाने के लिए चुनाव जीतना होगा जिसके लिए कई भावी उम्मीदवार पहले से इस लाईन में लगे हुए हैं। जिसमें टेड क्रूज, मार्को रूबियो, पूर्व गवर्नर माइक हुकबी सरीखे कई और बड़े नेता शामिल हैं।

जिंदल की तरह ही कई अन्य रिपब्लिकन गवर्नरों ने भी प्रेसिडेंसियल एक्सप्लोरेट्री कमेटी का गठन किया हुआ है। जिसमें फ्लोरिडा के जेब बुश,न्यू जर्सी के क्रिस क्रिस्टी,ओहियो के जॉन कैसिच और विस्कॉन्सिन के स्काट वॉकर शामिल हैं। इन नेताओं ने भी राष्ट्रपति चुनाव में अपनी- अपनी संभावनाओं की तलाश करने लिए कमेटी का गठन किया है।
अपनी कमेटी के वेबसाइट पर जिंदल ने कहा है कि " 40 साल पहले मेरे माता पिता यहां आए थे, उनके पास कुछ नहीं था लेकिन अमेरिका स्वतंत्र और अवसरों से भरा देश है। वे सही थे।"

उन्होंने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हम अपने माता पिता को खुद से ज्यादा अवसर देने वाली पीढ़ी बन सकें। लेकिन जिंदल के इस कदम को कई नेता सही नहीं बता रहे हैं। वहीं कुछ उन्हें मौका देना चाहते हैं।

अमेरिकन कंजरवेटिव पार्टी के रॉड ड्रेहर ने लिखा है कि " जिसे भी यह लग रहा हो कि बॉबी जिंदल को राष्ट्रपति बनने का मौका मिल जाएगा तो उसे लुईसियाना प्रांत में कुछ दिन गुजारना चाहिए , यह देखने के लिए कि लोग वहां कैसा जीवन व्यतीत कर रहे हैं।"

रामदेव ने मोदी को कहा ‌अभिमानी, राहुल को सराहा

Image result for ram devबाबा रामदेव कांग्रेस के कट्टर विरोधी रहे हैं, लेकिन एक इंटरव्यू में उन्होंने राहुल की सराहना कर के सबको चौंका दिया। इतना ही नहीं उन्होंने मोदी सरकार को अभिमानी तक कह डाला।

'आज तक' को दिए एक इंटरव्यू में बाबा रामदेव ने कहा कि भाजपा के कुछ नेता चुनाव जीतने के बाद अभिमानी हो गए है। रामदेव ने प्रधानमंत्री मोदी की सराहना तो की लेकिन यह सलाह भी दी कि सरकार को किसान विरोधी छवि से बाहर निकलना चाहिए।

रामदेव ने कहा कि राहुल गांधी ने कांग्रेस में नई जान फूंक रहे हैं। रामदेव ने लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की हार के बाद राहुल गांधी के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार को गरीब विरोधी चित्रित करने में सफल रहा है।
बाबा रामदेव ने इंटरव्यू के दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरिवंद केजरीवाल को भी सराहा। उन्होने कहा कि वो अच्छा काम कर रहे हैं। रामदेव और केजरीवाल भ्रष्टाचार विरोधी मुद्दों पर मंच साझा कर चुके हैं।

काले धन के मु्द्दे पर रामदेव ने कहा कि हम जून तक इंतजार करेंगे। उसके बाद क्या करना है वह तय किया जाएगा। बाबा रामदेव ने अपने पुत्रजीवक विवाद पर कहा कि जो चाहे जांच करा ले।

उन्होंने कहा कि उन्हें किसी भी जांच से कोई दिक्कत नहीं है।उन्होंने कहा कि जदयू नेता को मेरी दवा से दिक्कत है, तो वो उसका उपयोग करे और वो फिर से पिता बनेंगे ये मेरा दावा है।

काले धन पर सरकार की नई रणनीति, उठाएगी ये बड़ा कदम

Image result for modi and jaitleyविदेश में जमा भारतीयों के काले धन का पता लगाने के लिए सरकार अब सीधे टैक्स हैवन्स देशों से बात करेगी। काले धन के मामलों का पता कर रहे भारतीय टैक्स अधिकारी अब इस मामले में सीधे टैक्स हैवन्स और अन्य देशों के टैक्स अधिकारियों से बात करेंगे।

काले धन की समस्या को खत्म करने के अब तक उठाए गए कदमों के तहत जांचकर्ताओं ने दर्जन भर कंपनियों या समूहों के बारे में नए डोजियर हासिल किए हैं। कुछ समय पहले खोजी पत्रकारों के एक अंतरराष्ट्रीय समूह की रिपोर्ट में भी ये नाम शामिल थे।

काले धन के मामलों की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) और अन्य वित्तीय जांच एजेंसियों से मशविरे के बाद केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने एक खास टीम बनाने का फैसला किया है।
टीम में शामिल वरिष्ठ अधिकारी भारत और दूसरी जगहों पर विदेशी न्याय क्षेत्र के दायरे में आने वाली एजेंसियों या अपने विदेशी समकक्षों से बातचीत करेंगे ताकि गैरकानूनी फंडों से जुड़ी समस्याओं को जल्द से जल्द निपटाया जा सके।

वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विदेश में गैरकानूनी ढंग से जमा फंडों के मामले में दस्तावेजी सुबूत जुटाने और संवाद में लगने वाले समय को कम करने कि लिए मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम तैयार की गई है।

टीम में शामिल अलग-अलग क्षेत्र के विशेषज्ञ बैठक कर संबंधित सूचनाओं की जरूरत पर चर्चा करेंगे। ये अधिकारी विदेशी अधिकारियों से कांफ्रेंस कॉल और आमने-सामने बैठ कर बातचीत करेंगे। बातचीत समझौते में शामिल ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड, जर्सी, यूएई और सिंगापुर जैसे विदेशी वित्तीय केंद्र के अधिकारियों से होगी।

Ads Inside Post