Thursday, 21 May 2015

यमुना एक्सप्रेसवे पर उतरा जेट विमान...


परीक्षण के तौर पर यमुना एक्सप्रेस-वे पर उतरा एयरफोर्स का विमान, सफल रहा ट्रायल

नई दिल्ली: आपात स्थिति में विमानों को उतारने के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों का उपयोग करने के उद्देश्य से किए गए एक परीक्षण के तहत भारतीय वायुसेना का एक मिराज 2000 लड़ाकू विमान आज सुबह मथुरा के समीप यमुना एक्सप्रेस-वे पर सफलतापूर्वक उतारा गया। यह पहला मौका है, जब भारतीय वायुसेना का कोई विमान किसी राजमार्ग पर उतरा है।
वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि विमान सुबह छह बज कर करीब 40 मिनट पर दिल्ली आगरा के मध्य, राजमार्ग पर उतरा। उन्होंने बताया कि बल की योजना भविष्य में और अधिक राजमार्गों पर ऐसे क्षेत्र स्थापित करने की है। भारतीय वायुसेना लड़ाकू विमानों की आपात स्थिति में लैंडिंग के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों का उपयोग करने पर विचार कर रही है।
इस बीच, मथुरा से मिली खबर में कहा गया है कि परीक्षण के लिए सुबह से ही यमुना एक्सप्रेस-वे पर यातायात बंद था। व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी वहां तैनात थे। सरकारी सूत्रों ने बताया कि विमान ने ग्वालियर स्थित हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी। आज के परीक्षण के लिए भारतीय वायुसेना ने अस्थायी यातायात नियंत्रक, सुरक्षा सेवाओं, बचाव वाहनों, पक्षियों को हटाने वाले दलों और अन्य जरूरतों सहित सभी तैयारियां कर रखी थीं। वहां एक हेलीकॉप्टर भी तैनात था।
वायुसेना के एक बयान में कहा गया है यह अभियान आगरा तथा मथुरा के जिला मजिस्ट्रेटों और पुलिस अधीक्षकों के समन्वय से चलाया गया। जमीन पर उतरने से पहले विमान 100 मीटर नीचे आया और फिर गोता लगा कर सड़क को लगभग छूता हुआ उपर चला गया। इसके बाद विमान पुन: नीचे आया और राजमार्ग पर उतरा। वायुसेना के अधिकारियों ने बताया कि अपरिहार्य परिस्थितियों में अगर सक्रिय हवाई अड्डा उपलब्ध न हो तो, आपात स्थिति में इस तरह लैंडिंग की जा सकती है।
गौरतलब है कि कई बार आपात स्थिति में सड़क (रोड) को भी रनवे बनाना पड़ सकता है। किन सड़कों पर प्‍लेन उतारा जा सकता है, यह तय करने के लिए किए जाने वाले टेस्‍ट को रोड रनवे टेस्‍ट कहते हैं। भारत से पहले चीन, पाकिस्तान, स्वीडन, जर्मनी, स्विट्जरलैंड, ताईवान, पोलैंड, फिनलैंड, चेकोस्लोवाकिया, साउथ कोरिया और सिंगापुर में एयरफोर्स के लिए रोड रनवे बने हैं। पाकिस्तान ने 2010 में ही इस्लामाबाद-लाहौर मोटरवे के एक हिस्से को अपनी एयरफोर्स के लिए रोड रनवे के रूप में विकसित कर लिया था।
भारतीय वायु सेना काफी समय से यह प्रयास कर रही थी कि आपात स्थित में लड़ाकू विमान हाइवे को रनवे की तरह इस्तेमाल कर सके और आज उसे इस अभियान में बड़ी सफलता हासिल हुई है। वायु सेना का कहना है कि वह भविष्य में इस तरह का अभ्यास दूसरे हाईवे पर भी करने की योजना बना रही है।

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