नई दिल्ली: सरकार ने कारोबारियों को एक बड़ी राहत दी है। अब नई कंपनी शुरू करने के लिए ढेर सारे कागजी कार्रवाई की बजाए महज एक फार्म भरना होगा। अभी तक नई कंपनी के पंजीकरण के लिए उद्यमियों को अलग-अलग तरह के आठ फार्म भरने होते थे। सरकार ने यह कदम उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए उठाया है। इस नये फॉर्म का नाम आईएनसी 29 रखा गया है।
कंपनी मामलों के मंत्रालय अब एक नई एकीकृत कंपनी संस्थापन फॉर्म का प्रयोग करेगी ताकि अनुपालन और सूचना का मामला कंपनियों के लिए आसान हो जाए। मंत्रालय के मुताबिक, अब नाम की उपलब्धता, निदेशक पहचान नंबर का अलॉटमेंट, कंपनी इनकॉरपोरेशन और बिजनेस की शुरुआत के काम एक ही फॉर्म से हो सकेंगे। नया फॉर्म आईएनसी 29 मंत्रालय की वेबसाइट पर मिलेगा।
अभी तक नई कंपनी के पंजीकरण के लिए आठ फॉर्म भरने होते हैं। अगर कंपनी के एक से ज्यादा साझेदार हो तो प्रक्रिया और भी जटिल थी। एक व्यक्ति की कंपनी के लिए डीआईएन, डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट, कंपनी के नाम की मंजूरी से जुड़े फॉर्म आईएनसी-1, मेमोरंडम ऑफ एसोसिएशन और आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन के साथ कंपनी के रजिस्ट्रेशन से जुड़े फॉर्म आईएनसी-7, रजिस्टर्ड ऑफिस के लिए फॉर्म आईएनसी-22 और हर डायरेक्टर के लिए फॉर्म डीआईआर 12 को भरना होता था।
कंपनी मामलों के मंत्रालय अब एक नई एकीकृत कंपनी संस्थापन फॉर्म का प्रयोग करेगी ताकि अनुपालन और सूचना का मामला कंपनियों के लिए आसान हो जाए। मंत्रालय के मुताबिक, अब नाम की उपलब्धता, निदेशक पहचान नंबर का अलॉटमेंट, कंपनी इनकॉरपोरेशन और बिजनेस की शुरुआत के काम एक ही फॉर्म से हो सकेंगे। नया फॉर्म आईएनसी 29 मंत्रालय की वेबसाइट पर मिलेगा।
अभी तक नई कंपनी के पंजीकरण के लिए आठ फॉर्म भरने होते हैं। अगर कंपनी के एक से ज्यादा साझेदार हो तो प्रक्रिया और भी जटिल थी। एक व्यक्ति की कंपनी के लिए डीआईएन, डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट, कंपनी के नाम की मंजूरी से जुड़े फॉर्म आईएनसी-1, मेमोरंडम ऑफ एसोसिएशन और आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन के साथ कंपनी के रजिस्ट्रेशन से जुड़े फॉर्म आईएनसी-7, रजिस्टर्ड ऑफिस के लिए फॉर्म आईएनसी-22 और हर डायरेक्टर के लिए फॉर्म डीआईआर 12 को भरना होता था।
जानकारों का मानना है कि भारत में कारोबार शुरू करने में काफी दिक्कतें होती हैं। उनके मुताबिक कई सारी कंपनियां तो कागजी कार्रवाई और जटिलताओं से बचने के लिए सिंगापुर जाकर पंजीकरण करा रही थी। अब नए फार्म से ऐसे उद्यमियों को काफी राहत मिलेगी।
No comments:
Post a Comment