नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन सहित तीन देशों की तीन दिवसीय यात्रा के तहत आज चीन पहुंच गए। इस यात्रा के दौरान वह चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ सीमा विवाद और पाक अधिकृत कश्मीर में चीन की ढांचागत परियोजनाओं की योजनाओं समेत विभिन्न मुद्दों पर शिखर वार्ताएं करेंगे।
बतौर प्रधानमंत्री पहली बार चीन की यात्रा पर आए मोदी ने अपने दिन की शुरुआत मशहूर टैराकोटा वॉरियर्स संग्रहालय के दौरे के साथ की। इस संग्रहालय में चीन के पहले बादशाह किन शी हुआंग की सेनाओं को दर्शाती टैराकोटा कलाकृतियों का एक बड़ा संग्रह है।
इसके बाद वह शानक्सी प्रांत के मशहूर बौद्ध दशांग मंदिर जाएंगे। शांक्सी राष्ट्रपति शी का गृह प्रांत है। शी ने इसे रेशम मार्ग की बड़ी परियोजनाओं का मुख्यालय बनाकर इसके पुराने गौरव को बहाल किया है। शी प्रधानमंत्री मोदी से दोपहर के समय मिलेंगे और दोनों नेता लगभग पांच घंटे एक साथ बिताएंगे।
इस दौरान आपसी तालमेल बैठाने के लिए वे सीमित और अनौपचारिक बातचीत करेंगे, ताकि सीमा विवाद, समुद्री रेशम मार्ग जैसी परियोजनाओं के लिए नहीं मान रहे भारत पर मानने का दबाव बनाने जैसे ज्यादा विवादपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए सदभाव बनाया जा सके। भारत को समुद्री रेशम मार्ग पर कड़ी आपत्तियां रही हैं।
राष्ट्रपति शी चिनफिंग की पिछले माह पाकिस्तान यात्रा के बाद पाक अधिकृत कश्मीर में चीन के बड़े निवेशों पर भारत ने अपनी चिंताएं चीन के समक्ष जताई हैं। शियान में सामान्य प्रोटोकॉल से इतर राष्ट्रपति शी खुद प्रधानमंत्री मोदी की मेजबानी करेंगे। दरअसल मोदी ने बीते सितंबर में चीनी नेता की भारत यात्रा के दौरान अहमदाबाद में उनका भव्य स्वागत किया था।
शी उनके साथ मशहूर वाइल्ड गूज पैगोडा जाएंगे। इस वृहद संरचना का निर्माण बौद्ध भिक्षु शुयान जांग के 17 साल के सफर को रेखांकित करने के लिए छठी शताब्दी में किया गया था। शी की ओर से प्रीतिभोज दिए जाने के बाद मोदी के लिए तांग वंश के पारंपरिक स्वागत का आयोजन भी किया जाएगा। शियान के शानदार सफर को एक बार फिर जीवंत करने के लिए दोनों देश कई लाख की एक संयुक्त फिल्म निर्माण की घोषणा करने के लिए तैयार हैं।
चीनी राष्ट्रपति के साथ अनौपचारिक बातचीत के बाद मोदी देर शाम बीजिंग के लिए रवाना होंगे। अगले दिन उनका कार्यक्रम प्रधानमंत्री ली क्विंग के साथ वार्ताएं करने का है। फिर उन्हें शंघाई जाना है, जहां वह औद्योगिक हस्तियों के सम्मेलन को संबोधित करेंगे, फ्युडन विश्वविद्यालय में पहली महात्मा गांधी पीठ का उदघाटन करेंगे और भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहाकार अजित डोभाल, विदेश सचिव एस जयशंकर और वरिष्ठ अधिकारी हैं। प्रधानमंत्री की तीन देशों की यात्रा में चीन प्रथम पड़ाव है। इसके बाद प्रधानमंत्री मंगोलिया और दक्षिणी कोरिया जाएंगे।
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