Friday, 8 May 2015

बांग्लादेश से सीमा समझौते पर लोकसभा राजी, संसोधन विधेयक सर्वसम्मति से पारित



नई दिल्ली : बांग्लादेश के साथ रिहाइशी बस्तियों की अदला-बदली के समझौते को संसद की मंजूरी मिलने पर नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री शेख हसीना को इस ऐतिहासिक मौके के लिए बधाई दी। इसके लिए उन्होंने भारत के राजनीतिक दलों को भी थैंक्यू कहा। मोदी ने सोनिया गांधी को संसद में उनकी सीट पर जाकर धन्यवाद दिया था।
इससे पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को बांग्लादेश के साथ रिहाइशी बस्तियों की अदलाबदली के लिए जमीनी स्तर पर काम करने के लिए शुक्रिया कहा। भारतीय राजनीति में किसी सत्तारूढ़ सरकार को पिछली सरकार की किसी पहल का श्रेय उसे देते हुए बहुत कम देखा गया है।
बांग्लादेश के साथ दशकों पुराने सीमा विवाद को खत्म करने वाले 119वें संविधान संशोधन के राज्यसभा में पारित होने के ठीक बाद सुषमा स्वराज ने मनमोहन सिंह को इसकी शुरुआत का क्रेडिट दिया।
साल 1974 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और शेख मुजीबुर्रहमान ने दोनों देशों के सीमा विवाद को खत्म करने के लिए समझौते पर दस्तखत किए थे। 119वां संशोधन 1974 के समझौते को मंजूरी देने के लिए किया गया है।
बिल पर बहस के दौरान सुषमा ने राज्यसभा में कहा कि यूपीए के वक्त जब इस बिल को लाया गया था तो BJP, असम गण परिषद और तृणमूल कॉन्ग्रेस ने इसका विरोध किया था। उन्होंने कहा कि ऐसी रिहाइशी बस्तियां और इलाके जो एक देश के हैं लेकिन दूसरे देश की सरहदों से घिरे हुए हैं, की अदला बदली भारत के हक में है।
बांग्लादेश के पास भारत की ऐसी 111 रिहाइशी बस्तियां हैं जबकि पश्चिम बंगाल, असम, त्रिपुरा और मेघालय में बांग्लादेश की 51 बस्तियां पड़ती हैं। सुषमा ने गुरुवार को राज्यसभा में कहा, 'मैं खुश हूं कि मनमोहन सिंह आज यहां पर हैं। इसकी शुरुआत उन्होंने ही की थी। हम तो केवल इसे पूरा कर रहे हैं।'

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