पटना: बिहार में मधेपुरा से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से अपने निष्कासन को असंवैधानिक बताया और कहा कि वह इसके खिलाफ चुनाव आयोग और कोर्ट में जाएंगे। यादव ने बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उन्होंने राजद के नोटिस का जवाब दिया था, जबकि पार्टी का कहना है कि नोटिस का जवाब ही नहीं मिला। उन्होंने कहा कि वह पार्टी की मजबूती के लिए लगातार काम करते रहे हैं और यही बात लालू प्रसाद यादव को पंसद नहीं आ रही थी। यही कारण है कि लालू ने उन्हें अपमानित करने कोई मौका नहीं छोड़ा।
सांसद ने लालू प्रसाद यादव पर पुत्र और परिवार मोह में फंसे होने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे अपने परिवार के लिए उन्हें बली का बकरा बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकसभा में भी उन्हें बोलने से रोकने की हरसंभव कोशिश की गई। लोकसभा में पार्टी का नेता जयप्रकाश यादव को बना दिया गया और उन्हें एक साल में पार्टी में कोई जिम्मेवारी नहीं दी गई। यादव ने कहा कि पार्टी में अविश्वास और राजद प्रमुख के बेटों के अभद्र व्यवहार को लेकर उन्होंने तीन बार राजद प्रमुख को चिटी भी लिखी, लेकिन लालू प्रसाद यादव ने चिटी के मुद्दों को गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने राजद प्रमुख पर सांप्रदायिकता के विरोध का नाटक करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह लोकसभा में सबसे ज्यादा सांप्रदायिकता के खिलाफ बोलते रहे हैं।
सांसद ने भविष्य की अपनी रणनीतियों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि 9 मई को दरभंगा और 11 मई को मधेपुरा में किसानों के मुद्दे पर रैली आयोजित की गयी है । इसके बाद 15 मई को पटना में युवा शक्ति के साथियों के साथ विचार-विमर्श करने के बाद वह आगे की अपनी रणनीति का खुलासा करेंगे। यादव ने कहा कि संभावनाओं के सभी विकल्प खुले हैं। उन्होंने कहा कि लालू यादव की मनमानी और उनके गलत निर्णय की शिकायत वह जनता परिवार के प्रमुख मुलायम सिंह यादव से करेंगे। उन्होंने कहा कि राजद को नुकसान पहुंचाने वालों को सम्मानित किया जा रहा है और भीतरघात करने वालों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
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