उनके इस कदम को अमेरिका में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से जोड़ कर देखा जा रहा है। संभावना है कि अगले कुछ सप्ताह में जिंदल यह घोषणा कर सकते हैं कि वे इन चुनावों के लिए तैयार हैं। यह संभावना जताई जा रही है कि जून में राज्य के विधायी सत्र के खत्म होने के बाद अपना अंतिम निर्णय लेंगे।
जिंदल ने कहा कि वे और उनकी पत्नी सुप्रिया चाह रहे हैं कि वे अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में अपनी भागदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यदि मैं इस दौड़ में शामिल होता हूं, तो मेरी उम्मीदवारी अमेरिकी लोगों के विचार पर आधारित होंगे जो एक अलग रास्ता होगा।'
अगर जिंदल अमेरिका के राष्ट्रपति के चुनावों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करते हैं तो वे ऐसे करने वाले पहले भारतीय मूल के होंगे जो औपचारिक रूप से इस चुनाव में भाग लेंगे। जिंदल के इस कदम से अमेरिकी भारतीयों में भी उनका कद बढ़ेगा।
जिंदल को राष्ट्रपति के चुनाव में आगे बढ़ने के लिए सबसे पहले रिपब्लिकन पार्टी का टिकट पाने के लिए चुनाव जीतना होगा जिसके लिए कई भावी उम्मीदवार पहले से इस लाईन में लगे हुए हैं। जिसमें टेड क्रूज, मार्को रूबियो, पूर्व गवर्नर माइक हुकबी सरीखे कई और बड़े नेता शामिल हैं।
जिंदल की तरह ही कई अन्य रिपब्लिकन गवर्नरों ने भी प्रेसिडेंसियल एक्सप्लोरेट्री कमेटी का गठन किया हुआ है। जिसमें फ्लोरिडा के जेब बुश,न्यू जर्सी के क्रिस क्रिस्टी,ओहियो के जॉन कैसिच और विस्कॉन्सिन के स्काट वॉकर शामिल हैं। इन नेताओं ने भी राष्ट्रपति चुनाव में अपनी- अपनी संभावनाओं की तलाश करने लिए कमेटी का गठन किया है।
अपनी कमेटी के वेबसाइट पर जिंदल ने कहा है कि " 40 साल पहले मेरे माता पिता यहां आए थे, उनके पास कुछ नहीं था लेकिन अमेरिका स्वतंत्र और अवसरों से भरा देश है। वे सही थे।"
उन्होंने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हम अपने माता पिता को खुद से ज्यादा अवसर देने वाली पीढ़ी बन सकें। लेकिन जिंदल के इस कदम को कई नेता सही नहीं बता रहे हैं। वहीं कुछ उन्हें मौका देना चाहते हैं।
अमेरिकन कंजरवेटिव पार्टी के रॉड ड्रेहर ने लिखा है कि " जिसे भी यह लग रहा हो कि बॉबी जिंदल को राष्ट्रपति बनने का मौका मिल जाएगा तो उसे लुईसियाना प्रांत में कुछ दिन गुजारना चाहिए , यह देखने के लिए कि लोग वहां कैसा जीवन व्यतीत कर रहे हैं।"
No comments:
Post a Comment