जब लिंक्डइन 2009 में देश में शुरु की गई थी, तो इसके 3.4 मिलियन मेंबर्स थे। मेंबर्स के हिसाब से यूएस के बाद लिंक्डइन के लिए भारत लगातार सबसे बड़ी मार्केंट बनता चला गया।“उन्होंने आगे यह भी कहा कि लिंक्डइन पर 30 मिलियन मेंबर्स विभिन्न कौशल के लोगों (मैनेजमेंट से लेकर ह्यूमन रिसोर्सेज के टेस्टिंग और ट्रेनिंग) और इंडस्ट्री (टेक से लेकर एजुकेशन और ऑटोमोटिव) का प्रतिनिधित्व करते है। पिछले साल फरवरी में लिंक्डइन के भारत में 24 मिलियन यूजर्स थे और ग्लोबली इसके सदस्यों की संख्या 277 मिलियन थी ।
राओ ने कहा कि “हमने भारत में एक समीक्षात्मक मास तक पहुंच बनाई है, भारत, एक ऐसा देश जो हमारे लिए स्ट्रैटजिक मार्केंट रही है। हमने एक महत्वपूर्ण मौका भी देखा मिलकर एकसाथ भारत में स्किल डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में की-प्लेयर्स के साथ काम करने का, ताकि हमारे मेंबर्स इकोनॉमी पर और महत्वपूर्ण प्रभाव छोड़ सकें।“
लिंक्डइन ने लिंक्डइन मोबाइल पर प्रोफेशनल्स की मदद के लिए यूनिवर्सिटी पेजेस और अप्लाई फॉर जॉब जैसे फीचर्स पेश किए। इसने एक लॉन्ग फोरम कंटेंट पब्लिशिंग प्लटेफॉर्म भारत में अपने सदस्यों के लिए खोला और भारत में रहने वाले बहुत से लीडर्स ने इस प्लेटफॉर्म को एक ‘असर डालने’ वाले मंच की तरह जॉइन किया।
इनमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, बायोकॉन चेयरमैन और एमडी किरन मजूमदार-शाह, पिरामल एन्टरप्राइजेस के वाइस चेयरमैन स्वाति पिरामल, यूटीवी ग्रुप फाउंडर रोनी स्क्रूवाला और यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया के भूतपूर्व चेयरमैन नंदन निलकेणी शामिल है।
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