इस क्रम में सबसे पहले अपने दल के भीतर की नाराजगी को दूर करने के लिए उन्होंने डिनर डिप्लोमेसी का सहारा लिया है। वह 28 अप्रैल को मोदी सरकार के मंत्रियों और सभी भाजपा सांसदों तथा उनके परिवार को रात्रिभोज देंगी।
वैसे यह आयोजन कमल सखी के बैनर तले है मगर स्मृति ने खुद अपनी ओर से सभी भाजपा सांसदों और मंत्रियों को निमंत्रण पत्र भेजकर परिवार के साथ आने का आग्रह किया है।
कमल सखी की संयोजक एवं केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर की पत्नी प्राची जावड़ेकर ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि 28 अप्रैल को स्मृति ईरानी के सरकारी निवास पर रात्रिभोज का आयोजन है।
प्राची जावड़ेकर ने कहा कि एक पक्ष एक परिवार की अवधारणा पर संस्था की ओर से पिछले पांच वर्षों से यह प्रयास चल रहा है। इसमें पुरुष सांसद अपनी पत्नी और महिला सांसद अपने पति के साथ आती हैं ताकि सब एक-दूसरे को नजदीक से पहचान सकें। कार्यक्रम में समसामयिक विषयों पर विचार-विमर्श भी होता है।
वहीं स्मृति ने आयोजन की मेजबानी मिलने पर प्रसन्नता जताई है। उन्होंने बताया कि इस आयोजन का मकसद आपसी पारिवारिक रिश्ते मजबूत करना है। इस दौरान सांसदों और उनके परिवार वालों को मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा चलाए गए स्वच्छ विद्यालय, स्वयं और उड़ान सरीखे कार्यक्रमों की जानकारी भी दी जाएगी।
सनद रहे कि लगातार विवादों में घिरी रहने वाली स्मृति ईरानी संगठन के भीतर भी निशाने पर हैं।
भाजपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति में स्थान न मिल पाने के झटके से वे उबरी भी नहीं थीं कि उनके ओएसडी संजय काचरू की नियुक्ति को पीएमओ ने खारिज कर दिया। विपक्ष ने भी उनकी कार्यशैली को लेकर घेराबंदी तेज कर दी है।
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