Sunday, 26 April 2015

बिहार में फिर आया भूकंप का झटका, अब तक गई 63 की जान

पटना में रविवार को आए भूकंप के झटके के बाद मस्जिद से निकलते लोग।पटना. राजधानी समेत पूरे बिहार में रविवार दोपहर 12.42 बजे भूकंप के हल्के झटके आए। इस झटके का केंद्र भी नेपाल था। रिक्टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 6.9 थी। पटना में करीब 50 सेकंड तक लोगों ने भूकंप को महसूस किया। शनिवार को आए भूकंप से सहमे लोगों के दिलों में एक बार फिर दहशत भर गया। लोग घरों ने नीचे आकर खुली जगहों पर जमा हो गए।
गौरतलब है कि शनिवार को आए भूकंप के बाद 48 घंटे तक भूकंप के हल्के झटके आने की चेतावनी दी गई थी। बड़े भूकंप के बाद कई दिनों तक हल्के झटके आते हैं, जिससे भूगर्भ में स्थित चट्टानों का तनाव कम होता है। विशेषज्ञ आने वाले 15 दिनों तक हल्के झटके आने की संभावना जता रहे हैं।
क्षतिग्रस्त और जर्जर मकान से दूर रहें: नीतीश कुमार
रविवार को फिर से भूकंप के झटके आने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि यह आफ्टर शॉक है। बड़े भूकंप के बाद कई दिनों तक हल्के झटके आते रहते हैं, इससे डरे नहीं सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि कमजोर, क्षतिग्रस्त और जर्जर मकान हो तो वहां से हट जाएं।
आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव ने कहा कि मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि 24 घंटे तक आफ्टर शॉक आने की संभावना है। सभी अधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया है। सूबे के 9 जिलों में एनडीआरएफ की टीम मौजूद है। कुछ भी होगा तो सभी तैयार हैं। प्रधान सचिव ने लोगों से अपील की है कि लोग अफवाहों पर ध्यान नहीं दे। अफवाहों से नुकसान ज्यादा होता है।
भूकंप के झटके से बिहार में 63 की मौत, 85 से ज्यादा लोग घायल
चक्रवाती तूफान की मार से बिहार की जनता उबर भी नहीं पाई थी कि शनिवार को आए भूकंप ने कहर बरपा दिया। पहले झटके की रिक्टर स्केल पर तीव्रता 6.0 रही। इसके बाद दो और झटके आए। जानमाल की भारी क्षति हुई है। 63 लोगों के मरने की खबर है। सरकार ने 29 लोगों के मरने की बात कही है। 85 से अधिक लोग घायल हैं।
बड़ी संख्या में घर गिरे, बड़ी इमारतों में दरारें आईं हैं। चौतरफा दहशत और आशंका है। आपदा प्रबंधन विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए अलर्ट जारी किया है। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें सतर्क की गईं हैं।
राज्य सरकार ने मृतक के आश्रितों को चार-चार लाख रुपए मुआवजा देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिल्ली यात्रा बीच में स्थगित कर पटना आए। अधिकारियों के साथ बैठक कर कई निर्देश दिए और लोगों में भरोसा जताने शहर में निकले। उन्होंने लोगों से अपील की कि घबराने की जरूरत नहीं है। हां, सतर्कता जरूरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हालात का जायजा लिया, बिहार को हरसंभव मदद का भरोसा दिया है।
पूर्वाह्न 11.41 बजे और दोपहर 12.15 बजे आए भूकंप के झटके इतनी तेज थे कि घर, बिल्डिंगें हिलने लगीं। लोग घबराकर अपने घर, अपार्टमेंट से बाहर निकल सड़कों पर आ गए। चारों तरफ कोहराम मच गया। देर शाम तक लोग घर के अंदर जाने से घबरा रहे थे। शाम 6 बजकर 17 मिनट पर फिर झटके महसूस किए गए। पटना की बड़ी इमारतों में दरार पड़ गई हैं। सर्वाधिक क्षति पूर्वी और पश्चिमी चंपारण में ह़ुई है।
दिल्ली में बैठक छोड़कर लौटे मुख्यमंत्री
शनिवार को बिहार और नेपाल में भूकंप के बाद मुख्यमंत्री दिल्ली की तीन दिवसीय यात्रा को बीच में ही छोड़ कर वापस लौट आए। बोले-प्राकृतिक आपदा की स्थिति में किसी को भी भयभीत होने की जरूरत नहीं है। आपदा की इस स्थिति में मैं भी आपलोगों के साथ पूरी रात जागता रहूंगा। पटना पहुंचते ही उन्होंने शीर्ष अफसरों के साथ बैठक करके हालात का जायजा लिया। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भयंकर आपदा है। भूकंप में जान गंवाने वाले लोगों के आश्रितों को 4-4 लाख रुपए मुआवजा दिया जा रहा है।
अगले दो दिनों तक तूफान की भी आशंका
बिहार में अगले 2 दिनों तक बारिश और तूफान की संभावना है। भूकंप आने के बाद संचार के सभी साधन ठप हो गए। वायरलेस से थाना प्रभारियों समेत सभी अफसरों को कार्यक्षेत्र में रहने को कहा गया है। भूकंप आने के 24 घंटे बाद तक झटके फिर से आने की संभावना बनी रहती है। ऐसे हाल में लोग घरों में ना जाए, खास कर उन घरों में जो क्षतिग्रस्त हैं। राहत व बचाव कार्य को युद्धस्तर पर चलाने का निर्देश दिया गया है।
पूर्वी चंपारण में 7 की मौत
दरभंगा में 5, सीतामढ़ी में 5, पूर्वी चंपारण में 7, सारण में 4, सुपौल में 3, सीवान में 3, बेगूसराय में 2, मधुबनी में 2, शिवहर में 2, पश्चिमी चंपारण में 2, अररिया में 3, गोपालगंज में 3, लखीसराय में 2, नवादा में 1, मधेपुरा में 1, सहरसा में 1 और कटिहार में 2 लोगों के मरने की खबर है।
मृतकों के परिजनों को मिलेगा 4 लाख रुपए का मुआवजा
बिहार सरकार ने भूकंप के कारण मारे गए लोगों के परिजनों को चार लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही घायलों का इलाज मुफ्त में किया जाएगा।
कटिहार में पटरी से उतर गई मालगाड़ी
दरभंगा में तीन लोगों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। आरा में भी मकान गिरने से एक बच्चे के मौत हो गई है। मधुबनी में दो दर्जन से ज्यादा लोगों के घायल होने की सूचना है। भूकंप के कारण कटिहार में मालगाड़ी पटरी से उतर गई है।
पटना में मॉल की दीवार में आई दरार
भूकंप की तीव्रता 7.4 मापी गई है। भूकंप के सबसे ज्यादा दो मिनट के झटके पटना में महसूस किए गए। पटना में पांच बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटके से पटना के पीएम मॉल में दरार आ गई है। जिला प्रशासन की ओर से मॉल को खाली करवा दिया गया है।
सुपौल में गिर गई जेल की दीवारें
भूकंप से सुपौल में जेल की दीवारें गिर गई है। किशनगंज में पंखा गिरने से कई बच्चें घायल हो गए हैं। मोतिहारी के सदर अस्पताल के आईसीयू में आग लग गई है। आपदा प्रबंधन की टीम प्रभावित क्षेत्रों के लिए रवाना कर दी गई है।
नवादा में भूकंप के झटके से एक सिपाही समेत दो बेहोश
भूकंप से बिहार के नवादा जिले में व्यापक असर देखा गया है। करीब आधे घंटे के अंतराल में दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप का पहला झटका 11.40 बजे आया। पहला झटका करीब एक मिनट तक महसूस किया गया है। 12.16 बजे भूकंप का दूसरा झटका आया, इसे करीब 30 सेकंड तक महसूस किया गया। भूकंप के झटके का अहसास होते ही लोग अपने अपने घरों से बाहर आ गए। सरकारी कार्यालयों के लोग भी बाहर आ गए। घर से बाहर निकलने के दौरान राजेन्द्र नगर निवासी राम बिहारी प्रसाद की 14 वर्षीय बेटी नीता बेहोश हो गई। दूसरी तरफ, अनुमंडल कार्यालय में पदस्थापित पुलिस जवान राहुल कुमार भी कलेक्ट्रेट परिसर में बेहोश हो गया।

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