Saturday, 25 April 2015

भूकम्प के झटकों से हिला उत्तर भारत, फिर से लग सकते हैं झटके

कनाडा में कल-परसों लगा था झटकानेपाल और देश के कई हिस्सों में शनिवार को तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए। ये झटके दिल्ली एनसीआर, हरियाणा, कलकत्ता, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान और पटना समेत पूरे उत्तर भारत में महसूस किए गए।

भूकंप का पहला झटका करीब 11.40 बजे और दूसरा झटका करीब 12.05 बजे के आसपास महसूस किया गया। इसके बाद करीब 12.20 पर फिर से भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूंकप की वजह से यूपी के बाराबंकी में 2 लोगों की मौत की भी खबर है।

इस भूकंप के झटकों की वजह से दिल्ली और कोलकाता में मेट्रो की सेवाएं भी रोक दी गईं। दिल्ली में इसकी तीव्रता 5.0 मापी गई है।

वहीं दूसरी ओर पटना से कई घरों में दरारें पड़ने की भी खबरें आ रही हैं। बिहार में भूकंप की तीव्रता 6.0 मापी गई। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी बिहार के सीएम से भूकंप को लेकर बात की है।

जैसे ही भूकंप के झटके लगना शुरू हुए तो दिल्ली एनसीआर में कुछ समय के लिए बिजली भी चली गई। इतना ही नहीं, फोन के सिग्नल भी इस भूकंप से प्रभावित हुए, जिसकी वजह से कहीं फोन भी नहीं लग पा रहा था।

पश्चिम बंगाल के सिलिगुड़ी में इमारत गिरने की खबरें आ रही हैं, जिसमें करीब 10 लोग जख्मी हो गए हैं। नेशनल डिजास्टर रेस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ) को अलर्ट पर रखा गया है, जिसे सहायता के लिए नेपाल भेजा जा सकता है
यह भूकंप के झटके करीब 2-3 मिनट तक महसूस किए गए। नेपाल की राजधानी काठमांडू में कुछ इमारतों के गिरने की भी खबर है। नेपाल में इस भूकंप की तीव्रता करीब 7.5 मापी गई है।

अमेरिकी भूविज्ञान केंद्र के मुताबिक भूकंप का केंद्र नेपाल में पोखरा के पास लामजुम में माना जा रहा है, जहां पर इसकी तीव्रता 7.5 मापी गई है। इस भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 11.5 किलोमीटर नीचे था।

काठमांडू में भूकंप से कई इमारतें गिर गईं और सड़कों में भी दरारें आ गई हैं। नेपाल में इस भूकंप से भारी नुकसान हुआ है। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी नेपाल के राष्ट्रपति से इस भूकंप को लेकर बात की है।

नेपाल में लोगों को हिदायत दी जा रही है कि ये झटके फिर से आ सकते हैं। ऐसी स्थिति में सभी को घर से बाहर आने को कहा गया है। आपको बता दें कि नेपाल में भूकंप के झटके करीब 10 बार लगे हैं।

नेपाल की एक मशहूर 9 मंजिला मीनार धारहारा मीनार गिर गई है, जिसमें करीब 400 लोगों के फंसे होने की आशंका है। 1950 में आए भूकंप में भी यह बिल्डिंग गई थी, जिसके बाद इस बार फिर से यह बिल्डिंग गिर गई है।

इसे नेपाल का कुतुब मीनार भी कहा जाता है। फिलहाल इसमें फंसे लोगों को निकालने के लिए सेना या पुलिस की मदद नहीं मिल पा रही है। स्थानीय लोग मीनार के मलबे में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
ब्रज इलाके में भी भूंकप के झटके महसूस किए गए। आगरा में भी भूकंप के झटके महसूस किेए गए। भूकंप के झटको के साथ लोग सुरक्षित स्थानों की और भागने लगे।

एटा शहर में भी दो घंटे तक भूकंप के झटके महसूस किए जाने की खबर है। ग्वालियर में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। यहां के मोतीमहल और पड़ाव इलाके में लोग झटकों से डरकर घरों से बाहर निकल आए।

टुंडला में भी लोग घरों से बाहर निकल आए। आगरा में कई मकानों में दरारें पड़ गई और डरे हुए लोग घरों को खाली कर बाहर निकल आए।
गुरुवार और शुक्रवार को कनाडा के पश्चिमी तट पर और ब्रिटिश कोलंबिया के भीतरी हिस्सों में भूकंप के दो झटके महसूस किए गए थे।

रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.2 से 6.1 मापी गई थी। सीबीसी न्यूज़ के अनुसार इन झटकों से जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।

वेबसाइट के अनुसार पहला झटका गुरुवार को रात 10.43 पर आया था जबकि दूसरा झटका शुक्रवार को सुबह 6.56 पर आया था।

खबरें हैं कि ये झटके पश्चिमी तट से लेकर उत्तरी तट पर महसूस किए गए थे। इन झटकों के बाद सूनामी की चेतावनी भी जारी की गई थी जिसे बाद में वापस ले लिया गया।

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