Wednesday, 22 April 2015

जापानी ट्रेन ने बनाया वर्ल्‍ड रिकॉर्ड, हमारी सबसे तेज ट्रेन से चार गुनी रफ्तार

मैग्लेव ट्रेन के लिए चित्र परिणामटोक्यो। जापान की मैग्लेव ट्रेन ने मंगलवार को रफ्तार का नया रिकॉर्ड बनाया। ट्रेन ने ट्रायल के दौरान 11 सेकंड तक 603 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलकर अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया। भारत में सबसे तेज नई दिल्‍ली-हबीबगंज शताब्‍दी एक्‍सप्रेस चलती है। इसकी अधिकतम रफ्तार 150 किमी प्रति घंटा है।
2027 तक शुरू होगी सर्विस
ट्रैक से चार इंच ऊपर चली मेग्‍लेव ट्रेन का टेस्ट रन टोक्यो के दक्षिण में लगभग 80 किमी दूर माउंट फिजी के पास किया गया। इसी दौरान ट्रेन ने 603 किमी प्रति घंटा की मैक्सिमम स्‍पीड पकड़ी। यह टेस्‍ट रन टोक्यो और सेंट्रल सिटी नागोया के बीच मेग्‍लेव ट्रेन चलाने के लिए किया गया। यह सेवा 2027 तक शुरू करनी है। टोक्‍यो और नागोया के बीच की दूरी 280 किलोमीटर है। यह दूरी 40 मिनट में तय की जा सकेगी। अभी बुलेट ट्रेन से यह सफर पूरा करने में 80 मिनट लगते हैं।
मैग्लेव ट्रेन के लिए चित्र परिणामऐसे समझिए 603 किलोमीटर/घंटा की रफ्तार
अगर मैग्लेव दुनिया और भारत के प्रमुख शहरों के बीच चले तो कितना कम रह जाएगा ट्रैवलिंग टाइम-
- 2 घंटे 20 मिनट में मुंबई से दिल्ली। दोनों शहरों के बीच दूरी करीब 1400 किलोमीटर।
- 6 घंटे 13 मिनट में कन्याकुमारी से जम्मू। दोनों शहरों के बीच दूरी 3700 किलोमीटर। अभी हिमसागर एक्सप्रेस 72 स्टेशनों पर रुकते हुए 70 घंटे में कन्याकुमारी से जम्मू पहुंचती है।
- 3 घंटे 30 मिनट में अहमदाबाद से कोलकाता। दोनों शहरों के बीच दूरी 2000 किलोमीटर। ट्रेनें 36 घंटे लेती हैं।
- 7 घंटे में न्यूयॉर्क से सैन फ्रांसिस्को। दोनों शहरों के बीच दूरी 4200 किलाेमीटर है।
- 50 मिनट में लंदन से पेरिस। दोनों शहरों के बीच दूरी करीब 500 किलाेमीटर है।
क्या है मेग्लेव ट्रेन?
मेग्लेव ट्रेन पूरी तरह इलेक्ट्रोमेग्नेटिक सस्पेंशन पर काम करती है।
- इसमें कोई इंजन नहीं होता। इंजन की जगह एक कंट्रोल सिस्टम होता है। यह मैग्नेटिक ट्रैक और मैग्नेटिक गाइडेड दीवारों के सहारे ऑपरेट होता है।
- मैग्नेटिक ट्रैक और मैग्नेटिक गाइडेड वॉल ट्रेन के डिब्बों को हवा में 4 इंच तक ऊपर उठा देती हैं। इससे मेग्लेव ट्रेन में आम ट्रेनों की तरह फ्रिक्शन नहीं होता।
- फ्रिक्शन नहीं होने से ट्रेन की रफ्तार बढ़ती चली जाती है। ट्रेनों के आसपास गाइडेड दीवारों में इस तरह का मैग्नेटिक फील्ड तैयार होता चला जाता है कि ट्रेन आगे बढ़ जाती है।
- इस ट्रेन ने अभी 603 किमी/घंटा की अधिकतम रफ्तार हासिल की है। पिछले गुरुवार ट्रेन ने 366 मील/घंटा यानी 590 किमी/घंटा का रिकॉर्ड बनाया था। उससे भी पहले ट्रेन के नाम 581 किमी/घंटा की अधिकतम रफ्तार का रिकॉर्ड था।
- सामान्य तौर पर ये मेग्लेव ट्रेन 400 से 500 किलोमीटर/घंटा की रफ्तार से चलाई जा सकती हैं। अभी ट्रेन को एयर रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है। जापान के इंजीनियर इस पर काम कर रहे हैं।
- अगर एयर रेजिस्टेंस को मिनिमम कर दिया जाए तो यह ट्रेन मौजूदा रफ्तार से सात गुना ज्यादा तेजी से दौड़ सकती है।
बोइंग से आधी से ज्यादा रफ्तार तो मैग्नेटिक ट्रैक पर मिल गई
बोइंग-777 विमान की अधिकतम रफ्तार 562 मील/घंटा या 905 किमी/घंटा होती है। जापान की फास्टेस्ट मैग्लेव ट्रेन ने बाेइंग की आधी से ज्यादा रफ्तार तो मैग्नेटिकट ट्रैक पर हासिल कर ली है। जापान में इस तकनीक पर पिछले 10 साल से काम हो रहा है। जापान की सरकार 2027 तक टोक्या से नागायो के बीच यह ट्रेन चलाना चाहती है। जापान इस प्रोजेक्ट पर 100 अरब डॉलर खर्च कर रहा है।

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