गृह मंत्री की यह स्वीकारोक्ति उस समय आई जब सदन में सत्तापक्ष ही नहीं विपक्ष भी पीएम मोदी की ओर से दिखाई गई तत्परता की तारीफों का पुल बांध रहा था। इसके बाद जब चर्चा का जवाब देने की बारी गृह मंत्री की आई तो पीएम मोदी की उपस्थिति में बिना झिझक सच्चाई कबूल कर ली।
राहत और बचाव कार्य का ब्योरा देने से पहले गृह मंत्री ने कहा कि बेशक मैं गृह मंत्री हूं, मगर मुझे यह बताने में शर्म नहीं है कि पीएम को मुझसे पहले भूकंप आने की सूचना मिल गई थी। भूकंप की सूचना मैंने नहीं खुद पीएम ने ही मुझे दी। यहां तक कि सूचना देने के साथ ही पीएम ने जरूरी निर्देश भी जारी कर दिए थे।
राजनाथ ने बताया कि द्वारका में एनआईए भवन की आधारशिला कार्यक्रम में पीएम को विदा करने के पांच मिनट बाद वे वहां से अपने आवास के लिए रवाना हुए। उनके घर पहुंचते ही पीएम ने फोन कर भूकंप की सूचना देने के साथ ही तीन बजे उच्चस्तरीय बैठक बुलाने की जानकारी दी।
राजनाथ ने कहा कि मुझे यह कहने में कोई गुरेज नहीं कि जो सूचना गृहमंत्री के रुप में पहले उनके पास होनी चाहिए उसकी जानकारी पीएम को पहले ही मिल गई और उन्होंने तत्काल आपदा से निपटने के लिए उच्चस्तरीय बैठक बुलाकर सारी एजेंसियों को जुट जाने के लिए निर्देशित कर दिए।
उल्लेखनीय है कि पीएम की ओर से सूचना मिलने के बाद गृह मंत्री अपने दफ्तर की ओर रवाना हुए। मगर वह जब तक दफ्तर पहुंचते, पीएम मोदी राहत और बचाव कार्य से जुड़े सभी चैनलों को जरूरी दिशा निर्देश जारी कर चुके थे।
सोमवार को संसद से लेकर सियासी गलियारे में प्रधानमंत्री की हो रही तारीफों की बौछार के बीच� मोदी ने ट्विट के माध्यम से राहत और बचाव कार्य मामले में सेना और मीडिया की भूमिका की सराहना की। मोदी ने ट्विट में कहा कि उनको लेकर जाहिर की गई भावनाओं की वे कद्र करते हैं मगर असली सलाम हमारी भारतीय संस्कृति को है जो सेवा को परम धर्म मानती है।
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