Saturday, 25 April 2015

ये कंपनी मंदिरों में चढ़ने वाले सोने को बदलेगी सिक्कों में

gold coin के लिए चित्र परिणामवाणिज्य मंत्रालय के अधीन काम करने वाली मिनी रत्न कंपनी एमएमटीसी वैष्णो देवी और तिरुपति मंदिर के बाद अब हिमाचल प्रदेश के सात मंदिरों में चढ़ावे के रूप में चढ़ने वाले सोने को ठोस रूप में ढालेगी। कंपनी ने चालू वित्त वर्ष 2015-16 के दौरान 50 टन सोना भी आयात करने का लक्ष्य तय किया है।

एमएमटीसी के सीएमडी वेद प्रकाश ने बताया कि माता वैष्णो देवी और तिरुपति में चढ़ने वाले सोने-चांदी के जेवरात को एमएमटीसी सिक्के के रूप में ढाल कर पहले से ही इन मंदिरों के ट्रस्ट को देने का काम करती रही है।

अब हिमाचल प्रदेश के सात माता मंदिरों में चढ़ने वाले सोने को भी एमएमटीसी सिक्के व अन्य ठोस रूप में परिवर्तित कर उन्हें देगी। इस मामले में इन मंदिरों के ट्रस्ट से बातचीत लगभग पूरी हो चुकी है।
कंपनी ने उड़ीसा के जगन्नाथपुरी मंदिर में इस प्रकार के कारोबार के लिए एक छोटा शो-रूम भी खोला है। उन्होंने बताया कि एमएमटीसी सांची नामक अपने सिक्के के कारोबार को बढ़ाने के लिए फ्रेंचाइजी के रूप में रिटेल शो-रूम खोलने पर जोर दे रही है।

रिटेल कारोबार के लिए अभी एमएमटीसी के 22 आउटलेट हैं। रिटेल कारोबार के लिए कंपनी ने गीतांजलि से भी करार किया है। वेद प्रकाश ने बताया कि एमएमटीसी ने पिछले वित्त वर्ष 2014-15 में 30 टन सोने का आयात किया था और इस साल 50 टन सोने का आयात करने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2015-16 में मिनी रत्न कंपनी एमएमटीसी में अपनी 15 फीसदी हिस्सेदारी के विनिवेश की योजना बनाई है। इस विनिवेश से 800 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।

अभी एमएमटीसी में सरकार की हिस्सेदारी 89.93 फीसदी है। वर्ष 2013 में सरकार ने एमएमटीसी में अपनी 9.33 फीसदी की हिस्सेदारी की बिक्री की थी, जिससे 570 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई थी।

एमएमटीसी के सीएमडी वेद प्रकाश ने बताया कि अगले दो साल में सरकार एमएमटीसी में 25 फीसदी तक अपनी हिस्सेदारी बेच सकती है। उन्होंने बताया कि चालू वित्त्त वर्ष में 15 फीसदी विनिवेश ओएफएस रूट से किया जा सकता है।

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