परेशान जलील ने प्रधानमंत्री से गुहार लगाई तो पीएमओ से उसे 50 हजार रुपये का चेक भेजा गया। छह माह पूर्व आए तूफान ने जलील पुत्र जहीद निवासी बरिस्ता, तहसील सदर को पूरे परिवार के साथ सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया था।
इस आपदा में उसका रिहायशी मकान गिर गया। परिजनों के साथ रोते बिलखते हुए वह दो वक्त की रोटी के लिए परेशान था। मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर गुहार लगाई। इस पर उसके ऊपर आए संकट का आकलन करते हुए प्रदेश सरकार ने मात्र 19 सौ रुपये का चेक दिया। यह चेक उसके साथ हुए हादसे का जैसे मजाक उड़ा रहा था।
इस बीच उसकी मुलाकात कचहरी के अधिवक्ता अनिल सिंह से हुई। आपबीती सुनने के बाद अधिवक्ता ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर जलील को आर्थिक मदद दिए जाने की गुहार लगाई। पत्र पर संज्ञान लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने राहत कोष से 50 हजार रुपये का चेक पीड़ित को भेजा है।
चेक के साथ भेजे पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा है कि मुझे पता है कि आपके ऊपर बड़ी जिम्मेदारी है। बारिश-तूफान से आपका घर क्षतिग्रस्त हो गया है। आपको आर्थिक सहायता की जरूरत है।
इसलिए आपको प्रधानमंत्री विवेकाधीन कोष से पचास हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। मैं कामना करता हूं कि आपको हर हालात का सामना करने की शक्ति मिले। पत्र पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्ताक्षर भी हैं। चेक मिलने से पीड़ित और क्षेत्रीय लोगों में हर्ष व्याप्त है।
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