प्रयोग के लिए प्रतिभागियों को सिर पर एक डिस्प्ले लगाया है। इसके बाद उनसे कहा गया कि वह नीचे अपने शरीर को देखें। इस टूल की वजह से प्रतिभागियों ने शरीर की जगह खाली जगह महसूस की। अध्ययन का नेतृत्व करने वाले अरविंद गुटरस्टेम ने कहा कि करीब एक मिनट के कम समय तक प्रतिभागियों ने यह अनुभव किया।
प्रतिभागियों के चेहरों पर मास्क जैसा एक टूल लगाया गया। अरविंद ने एक अपने दोनों हाथों में बड़ा सा पेंट ब्रश लिया। एक पेंट ब्रश से प्रतिभागी के शरीर के विभन्न हिस्सों पर लगाया और दूसरा हवा में लहराया। प्रतिभागियों को महसूस हुआ कि ब्रश हवा में हिल रहा है।
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