खतरे की आशंका को देखते हुए डीडीसी डाॅ. राजीव कुमार व डीआरडीए निदेशक अवधेश राम बाहर निकले। उनके पीछे-पीछे सभी अधिकारी भी बाहर निकल गए। पटना कॉलेज के प्रशासनिक भवन से पूरब की ओर स्थित द्वार के ऊपरी हिस्से का गुंबद गिर गया। इससे वहां मौजूद विद्यार्थियों में अफरातफरी मच गई।
सट गए दो मकान
भूकंप के झटकों की ताकत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि चांदमारी रोड के सूर्य पथ में चार मंजिला मकान एक तरफ झुक गया। इस मकान के बगल में स्थित सफेद रंग के मकान से यह मकान पूरी तरह सट गया। दोनों मकान के बीच करीब एक फीट का अंतर था। लेकिन, झटकों के बाद नीचे से ऊपर की तरफ दोनों मकान पूरी तरह से सट गए। स्थानीय लोगों ने दावा किया कि यह भूकंप के प्रभाव से हुआ।
भूकंप के झटकों की ताकत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि चांदमारी रोड के सूर्य पथ में चार मंजिला मकान एक तरफ झुक गया। इस मकान के बगल में स्थित सफेद रंग के मकान से यह मकान पूरी तरह सट गया। दोनों मकान के बीच करीब एक फीट का अंतर था। लेकिन, झटकों के बाद नीचे से ऊपर की तरफ दोनों मकान पूरी तरह से सट गए। स्थानीय लोगों ने दावा किया कि यह भूकंप के प्रभाव से हुआ।
ट्रांसफार्मर गिरा
कंकड़बाग एलआईजी सेक्टर-6 में ट्रांसफॉर्मर गिर गया। इससे मुहल्ले में घंटों बिजली बाधित रही। शॉर्ट सर्किट के कारण राजेंद्रनगर डिविजन के नाला रोड ट्रांसफाॅर्मर में आग लग गई। भूकंप के झटके से नगर आयुक्त जय सिंह और मेयर अफजल इमाम के चैंबर में दरार आ गई।
कंकड़बाग एलआईजी सेक्टर-6 में ट्रांसफॉर्मर गिर गया। इससे मुहल्ले में घंटों बिजली बाधित रही। शॉर्ट सर्किट के कारण राजेंद्रनगर डिविजन के नाला रोड ट्रांसफाॅर्मर में आग लग गई। भूकंप के झटके से नगर आयुक्त जय सिंह और मेयर अफजल इमाम के चैंबर में दरार आ गई।
मलबे में बदल जाते कई मुहल्ले : सब्जीबाग, लोहानीपुर, मखनिया कुआ,खजांची रोड़, कुनकुन सिंह लेन, मुसल्लापुर हाट, सलिमपुर अहरा, महेंद्रु भिखना पहाड़ी, लोहानीपुर हाउसिंग कालोनी जैसे कई मुहल्ले एेसे हैं, जहां झटका बड़ा होता काफी नुकसान हो जाता।
पर्याप्त खुले स्थान और पार्क नहीं पटना में पर्याप्त मात्रा में खुले स्थान और पार्क नहीं हैं। अगर किसी तरह की आपदा आती है, तो लोगों को खुले स्थान खोजने में ही देरी हो जाएगी। खासकर पुराने पटना में।
भागने की भी जगह नहीं : शहर में कई जगहों के रास्ते और गलियां इतनी सकरी है कि जहां भागने की जगह तक नहीं है। लोहानीपुर की गलियां इतनी पतली है कि एक साथ दो मोटर गाड़िया पार नहीं कर सकती है। वहीं शारदा प्रसाद घाेष लेन में भी स्थिति कमोबेश वहीं स्थिति है।यही हाल गोविंद मित्रा रोड का है।
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