नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विज्ञान भवन में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि पर्यावरण संरक्षण भारतीय परंपरा का एक अहम पहलू रहा है, हमें इसके दोहन का कोई हक नहीं है। इस सम्मेलन में सभी राज्यों के पर्यावरण मंत्री भाग ले रहे है|
विज्ञान भवन में आोयजित इस सम्मेलन में पीएम मोदी ने प्रकृति की तुलना ईश्वर से करते हुए कहा कि प्रकृति को भगवान मानना हमारी परंपरा में शामिल है और हम सदियों से इसकी रक्षा करते आ रहे है।
पीएम ने इस बात की ओर ध्यान दिलाया कि भारत कम कार्बन उत्सर्जन करने वाले देशों में आता है। उन्होंने आगे कहा कि जहां पर लोगों में उपभोग की प्रवृत्ति ज्यादा है वहां पर प्रकृति का ज्यादा नुकसान हो रहा है।
पीएम मोदी ने देश के 10 शहरों में प्रदूषण स्तर की निगरानी करने के लिए हवा की गुणवत्ता के लिए इंडेक्स जारी किया है। लेकिन सितंबर तक इसमें 46 अन्य शहरों को भी जोड़ दिया जाएगा। यह इन्डेक्स 10 लाख की आबादी वाले शहरों के लिए लॉन्च किया गया है।
इससे हवा में प्रदूषण के स्तर की जानकारी हो सकेगी। मोदी ने प्रकृति संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि इसके प्रति भारत की संवेदनशीलता पर कोई सवाल नहीं उठा सकता।
उन्होंने कहा कि सदियों से हमारे देश में पौधों में भगवान का वास माना जाता है। प्रकृति को बचाने के लिए जरूरी है कि हम अपनी जीवनशैली में बदलाव करें|
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