भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी के दुनिया की सबसे पार्टी बनने का श्रेय कार्यकर्ताओं को देते हुये सदस्यों की संख्या दस करोड़ तक पहुंचाने का आहवान किया। शाह ने पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का उदघाटन करते हुये भाजपा के दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनने की जानकारी दी, जिसका सभी सदस्यों ने करतल ध्वनि से स्वागत किया। उन्होंने भरोसा जताया कि जल्द ही पार्टी दस करोड़ सदस्य बनाने के लक्ष्य को प्राप्त कर लेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी वित्त मंत्री अरुण जेटली और बाकी नेताओं की उपस्थित में शाह ने मोदी सरकार के कामकाज की जमकर सराहना करते हुये कहा कि सरकार का दस महीने का शासन भ्रष्टाचार मुक्त रहा है और आम आदमी खासतौर से किसानों के हितों की रक्षा के लिये अनेक कदम उठाये हैं। उन्होंने भूमि अधिग्रहण विधेयक का विरोध कर रही कांग्रेस पर निशाना साधते हुये कहा कि इस पार्टी ने साठ साल के शासन में किसानों के लिये कुछ नहीं किया।
शाह ने बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी में अभी से जुट जाने का आहवान करते हुये भरोसा जताया कि इस बार भाजपा अपने दम पर सरकार बनायेगी। उन्होंने कहा कि यह सही है पिछली बार भाजपा और जनता दल यू के गठबंधन ने मिलकर चुनाव जीता था राज्य जंगल राज से विकास के रास्ते पर लाया गया था लेकिन जदयू ने जैसे ही नाता तोडा उसी दिन से वहां पर फिर से जंगलराज शुरू हो गया। उन्होंने इसे जंगलराज दो बताया।
नीतीश सरकार को कटघरे में खडा करते हुये उन्होंने कहा कि वह हताश निराश और दिशाहीन है। भाजपा पर ऐसे आरोप लगाये जा रहे हैं, जो दोष उसमे हैं ही नही। सरकार के कामकाज को लेकर आम लोगों में भारी असंतोष है और वे भाजपा को आशा भरी नजरों से देख रहे हैं।
मोदी सरकार की दस महीनों की उपलब्धियों की चर्चा करते हुये शाह ने कहा कि वह भ्रष्टाचार मुक्त शासन देने में सफल रही है और व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिये ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दिया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान घोटाले पर घोटाले हो रहे थे और पारदर्शिता नाम की कोई चीज नही थी। टूजी स्पेक्ट्रम आवंटन में एक लाख 60 हजार करोड़ रुपये तथा कोयला खदान आवंटन में एक लाख 86 हजार करोड रुपये का घोटाला हुआ था और कांग्रेस के सभी बड़े नेता इन घोटालों को मानने के लिये तैयार नही थे, बल्कि उसके नेता कपिल सिब्बल इसे जीरो लॉस (कोई नुकसान नही) बता रहे थे।
उन्होने कहा कि मोदी सरकार ने मात्र 20 कोयला खदानों की नीलामी की है और उनसे सरकार को दो लाख करोड रुपये मिले हैं, जो नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के अनुमानों से भी अधिक है। उन्होंने कहा कि इसमे से अधिकांश राशि पूर्वी क्षेत्र के राज्यों को जायेगी, जो पश्चिम क्षेत्र की तुलना में पिछडे हैं।
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