Friday, 3 April 2015

नशे में गाड़ी चलाते धरे गए तो तत्काल रद्द होगा डीएल

दिल्ली में शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर ट्रैफिक पुलिस ने शिकंजा और कस दिया है। अब नशे में गाड़ी चलाते हुए पहली बार पकड़े जाने पर ही चालक का ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) छह माह के लिए रद्द कर दिया जाएगा। भारी जुर्माने के साथ चालक को जेल भी हो सकती है। अब तक ड्रंकन ड्राइविंग मामले में पहली बार पकड़ने जाने पर जुर्माना और दूसरी या तीसरी बार पकड़े जाने पर ही लाइसेंस रद्द किया जाता था।
ट्रैफिक पुलिस ने अब ई-चालान मशीन में एक नया प्रावधान किया है। ड्रंकन ड्राइविंग के तहत जो भी चालान कटेगा, उस पर तीन-चार पंक्तियां अलग से लिखी रहेंगी। इसमें कोर्ट से अनुरोध किया गया है कि ऐसे मामलों में सेक्शन-20 (2), एमवी एक्ट-1988 के तहत चालक का डीएल छह माह के लिए सस्पेंड कर दिया जाए। फिलहाल इस पर अमल शुरू हो गया है। जिन चालकों का डीएल सस्पेंड होगा, उन्हें एक सप्ताह के भीतर संबंधित परिवहन कार्यालय में अपना लाइसेंस जमा कराना होगा।
अगर कोई चालक ऐसा नहीं करता है तो उसके खिलाफ धारा-406 के तहत मामला दर्ज होगा, जिसमें उसे तीन साल कैद और जुर्माना दोनों हो सकता है।
ज्यादातर मामलों में देखने को मिलता है कि पहली बार में ऐसे चालकों पर महज जुर्माना होता है। ड्रंकन ड्राइविंग में जेल की सजा का भी प्रावधान है, लेकिन ऐसे मामलों की संख्या बहुत कम है। अभी तक चालकों को यही लगता है कि पहली बार शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पकड़े गए तो दो-तीन हजार रुपये जुर्माना भर कर छूट जाएंगे। अगर किसी मामले में दो-चार दिन तक जेल की सजा होती है तो वे उसे भी हल्के में ले लेते हैं। वे सोचते हैं कि जुर्माना भरने या सजा काटने के बाद फिर से ड्राइविंग करने लगेंगे। यही वजह है कि ऐसे चालक इसकी ज्यादा परवाह नहीं करते।

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