नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरूआत हंगामेदार रही. सोमवार को 11.00 बजे जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, कांग्रेस के सांसदों ने मोदी कैबिनेट में राज्य मंत्री गिरिराज सिंह के कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर दिए विवादित बयान को लेकर खूब हंगामा किया.
संसद में हंगामे के बाद केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सोनिया पर दिए विवादित बयान को लेकर खेद प्रकट किया और कहा कि किसी का अपमान करना उनका मकसद नहीं था.
जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, लोकसभा में कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गिरिराज सिंह के इस्तीफे और पीएम नरेंद्र मोदी से उनके मंत्री के आपत्तिजनक बयान के लिए माफी की मांग की.
ज्योतिरादित्य सिंधिया की मांग पर सफाई देते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा, "सिंधिया ने मुद्दा उठाया है, वो बहुत अहम है. सरकार में कोई भी शख्स गिरिराज सिंह के बयान का समर्थन नहीं करता है."
संसदीय कार्य ने आगे कहा कि इस पूरे मामले में प्रधानमंत्री कहीं से नहीं आते. वेंकैया नायडू के इस बयान पर लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे भड़क उठे और कहा, "गिरिराज सिंह मंत्री हैं और पीएम मोदी कैबिनेट के हेड हैं. पीएम मोदी को इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखना चाहिए."
लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने भी केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के सोनिया गांधी पर दिए बयान पर एतराज जताया और सत्ता पक्ष से कहा कि ऐसे बयान ठीक नहीं हैं.
बिहार के नवादा से सांसद गिरिराज सिंह का शुमार बीजेपी के उन नेताओं में होता है जो पीएम नरेंद्र मोदी के कट्टर समर्थक माना जाते हैं. खास बात ये है कि मोदी जब गुजरात से सीएम थे और बिहार में उनकी जमकर आलोचना होती थी तब भी गिरिराज न सिर्फ मोदी का जमकर बचाव करते थे, बल्कि उनकी तारीफ भी करते थे. एक्सपर्ट की राय है कि गिरिराज सिंह इसी 'मोदी प्रेम' के कारण उन्हें मंत्री पद का उपहार मिला. गिरिराज सिंह बिहार में बीजेपी के गठबंधन साथी नीतीश सरकार में भी मंत्री रहे हैं.
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