एयर केरला किसी राज्य सरकार के हिस्सेदारी वाली देश की पहली सरकारी विमान सेवा होगी.
चाहे साक्षरता दर का मामला हो या स्वास्थ्य सेवाओं का, केरल राष्ट्रीय औसत से आगे ही रहता है. अगुआ होने के इस नए उदाहरण में वह बाकी राज्य सरकारों को तो छोड़िए, केंद्र सरकार से भी आगे निकलता दिख रहा है. हम बात कर रहे हैं सरकारी एयरलाइन की. वैसे तो यह चर्चा सालों से चल रही थी लेकिन, अब यह खबर पक्की हो गई है कि केरल अपनी एयरलाइन – एयर केरला जल्द ही शुरू कर देगा. हालांकि पहले खबरों में कहा जा रहा था कि इस साल नवंबर से ही इसकी घरेलू उड़ानें शुरू हो जाएंगी. लेकिन उड्डयन नीति में अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के नियमों पर हुए एक फेरबदल के चलते यह प्रस्ताव थोड़ा आगे खिसक सकता है.+
डीजीसीए के मुताबिक खाड़ी देशों और भारत के बीच हवाई सेवाएं सबसे ज्यादा मुनाफा देने वाली हैं. खाड़ी देशों में इस समय तकरीबन 18 लाख केरलवासी रह रहे हैं और एयर केरला इन्हीं लोगों को ध्यान में रखकर शुरू की जानी है
किसी राज्य सरकार द्वारा एयरलाइन शुरू करने की खबर इसलिए हैरान करने वाली है कि इस समय केंद्र सरकार तक के लिए एयर इंडिया चलाने में हाथ-पैर फूल रहे हैं. इसी महीने लोकसभा में सरकार ने देश की उन सरकारी कंपनियों के नाम जारी किए थे जो बीमार इकाई की सूची में शामिल हैं. इनमें एयर इंडिया भी शामिल है. बीमार इकाइयों का मतलब है कि इन्हें भविष्य में बंद भी किया जा सकता है. आर्थिक विशेषज्ञों के मुताबिक एयर इंडिया बंद करने के बजाय उसे निजी हाथों में सौंपा जाएगा. ऐसा हुआ तो देश में शायद एयर केरला ही एक मात्र सरकारी एयरलाइन रह जाएगी और अभी तक इस एयरलाइंस की तैयारी देखते हुए माना जा रहा है कि वह आर्थिक मोर्चे पर भी सफल रहने वाली है.+
नागरिक उड्डयन निदेशालय (डीजीसीए) के मुताबिक खाड़ी देशों और भारत के बीच हवाई सेवाएं सबसे ज्यादा मुनाफा देती हैं. इस समय तकरीबन 18 लाख केरलवासी इन देशों में रह रहे हैं. ये हर साल 72 हजार करोड़ रुपये अपने राज्य में भेजते हैं. एयर केरला इन्हीं लोगों को सस्ती हवाई सेवा देने के मकसद से शुरू किए जाने की योजना है.+
एयर केरला इस साल जनवरी में सुर्खियों में आई थी. केरल सरकार से जुड़े सूत्रों के जरिए मीडिया में खबरें आ रही थीं कि कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट, एयरलाइन के लिए कुछ विमानों को लीज पर लेने की कोशिश कर रहा है. वैसे केरल की सरकारी एयरलाइंस शुरू करने का विचार तकरीबन नौ साल पुराना है. राज्य सरकार ने 2006 में इसके लिए एक कंपनी एयर केरला इंटरनेशनल सर्विसेज (एकेआईएस) की स्थापना की थी. इस कंपनी पर कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (सीआईएएल) का स्वामित्व है और सीआईएएल में 33 फीसदी की सबसे बड़ी हिस्सेदारी केरल सरकार की है. उस समय एयर केरला शुरू करने के बारे में सरकार बहुत जल्दबाजी में नहीं थी. लेकिन 2012 में ओणम और रमजान के महीने में एयर इंडिया एक्सप्रेस (एयर इंडिया की सस्ती हवाई सेवा) की कुछ सेवाओं के स्थगित हो जाने की वजह से खाड़ी देशों से आने वाले यात्रियों को जब दिक्कतों का सामना करना पड़ा तब राज्य सरकार ने घोषणा कर दी कि वह जल्दी ही एयर केरला शुरू करेगी.+
इस साल की शुरुआत में उड्डयन नीति में बदलाव के संकेत मिलने के बाद से केरल के मुख्यमंत्री ओमन चांडी एयर केरला जल्दी शुरू करवाने को लेकर सक्रिय हो गए थे.
उस समय केंद्र सरकार ने किसी भी नई एयरलाइन के अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों से जुड़ा यह नियम बना रखा था कि उसके पास कम से कम 20 विमान और पांच साल घरेलू उड़ान ( इसे उड्डयन के क्षेत्र में 5/20 का नियम कहते हैं ) का अनुभव हो तभी वह विदेशों में उड़ान भर सकती है. एयर केरला अपनी घरेलू उड़ानों के साथ-साथ जल्दी ही खाड़ी देशों में भी उड़ान शुरू करना चाहती है. इस नियम के चलते वह पांच साल के पहले ऐसा नहीं कर सकती थी. लेकिन इतने समय तक वह सिर्फ घरेलू यात्रियों के सहारे भी नहीं रह सकती थी. केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद से संभावना जताई जा रही थी कि वह इस नियम पर एयरलाइन कंपनियों को कुछ ढील देगी.+
इस साल की शुरुआत में उड्डयन नीति में बदलाव के संकेत मिलने के बाद से केरल के मुख्यमंत्री ओमन चांडी एयर केरला जल्दी शुरू करवाने को लेकर सक्रिय हो गए थे. पिछले हफ्ते ही केंद्र सरकार ने एयरलाइनों को अंतर्राष्ट्रीय उड़ान की अनुमति देने के लिए ‘5/20’ का नियम खत्म कर डोमेस्टिक फ्लाइंग क्रेडिट (डीएफसी) का नया प्रस्ताव तैयार किया है. इसके अनुसार 300 फ्लाइंग क्रेडिट हासिल करने के बाद किसी भी एयरलाइन को अंतर्राष्ट्रीय उड़ाने भरने की अनुमति मिल सकती है. सरकार के हिसाब से फ्लाइंग क्रेडिट किसी एयरलाइन के उड़ान के घंटे, दूरी और यात्रियों की संख्या के आधार पर तय किए जाने हैं. ये नए दिशा निर्देश तकनीकी रूप से इतने अस्पष्ट है कई निजी कंपनियां इसकी आलोचना कर चुकी हैं.+
इसी मसले पर बीते 28 मार्च को एयर केरला के बोर्ड की ओमन चांडी के साथ बैठक हुई थी. इसी में इन अटकलों को खारिज किया गया कि राज्य की सरकारी विमान सेवा नवंबर से शुरू होगी. केरल सरकार का कहना है कि अब जैसे ही केंद्र सरकार के नए दिशा निर्देश और स्पष्ट होंगे वह एयर केरला की उड़ानों के बारे में आधिकारिक घोषणा कर देगी.
चाहे साक्षरता दर का मामला हो या स्वास्थ्य सेवाओं का, केरल राष्ट्रीय औसत से आगे ही रहता है. अगुआ होने के इस नए उदाहरण में वह बाकी राज्य सरकारों को तो छोड़िए, केंद्र सरकार से भी आगे निकलता दिख रहा है. हम बात कर रहे हैं सरकारी एयरलाइन की. वैसे तो यह चर्चा सालों से चल रही थी लेकिन, अब यह खबर पक्की हो गई है कि केरल अपनी एयरलाइन – एयर केरला जल्द ही शुरू कर देगा. हालांकि पहले खबरों में कहा जा रहा था कि इस साल नवंबर से ही इसकी घरेलू उड़ानें शुरू हो जाएंगी. लेकिन उड्डयन नीति में अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के नियमों पर हुए एक फेरबदल के चलते यह प्रस्ताव थोड़ा आगे खिसक सकता है.+
डीजीसीए के मुताबिक खाड़ी देशों और भारत के बीच हवाई सेवाएं सबसे ज्यादा मुनाफा देने वाली हैं. खाड़ी देशों में इस समय तकरीबन 18 लाख केरलवासी रह रहे हैं और एयर केरला इन्हीं लोगों को ध्यान में रखकर शुरू की जानी है
इस साल की शुरुआत में उड्डयन नीति में बदलाव के संकेत मिलने के बाद से केरल के मुख्यमंत्री ओमन चांडी एयर केरला जल्दी शुरू करवाने को लेकर सक्रिय हो गए थे.
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