लंदन। हर व्यक्ति यही चाहता है कि जब भी वो सड़क चल रहा हो तो ट्रैफिक लाइट हरी ही मिले तो बहुत ही अच्छा। लेकिन अब ऎसा होने वाला है क्योंकि वाहन चालक खुद ट्रैफिक लाइट्स को खुद कंट्रोल कर सकेंगें। ब्रिटेन के न्यूकासल में एक नई तकनीक पर काम किया जा रहा है जिससे वाहन चालक को न केवल ट्रैफिक लाइट्स के बारे में अधिक जानकारी मिल सकेगी, बल्कि इन्हें कंट्रोल भी किया जा सकेगा।
सिग्नल पर पहुंचते ही हरी हो जाएगी बत्ती-
यह एक ऎसी तकनीक है जो ड्राइवर को बताती है कि उन्हें कितनी तेजी से वाहन चलाने की जरूरत है जिससे वाहन सिग्नल तक पहुंचे तब हरी बत्ती मिले और वाहन को रोकना न पड़े।
मोबाइल एप के तहत होगा काम-
इस तकनीक के तहत ट्रैफिक लाइट को कंट्रोल करने का यह काम मोबाइल एप के तहत किया जाएगा। इस एप को फोन में डाउनलोड करना होगा जिसके बाद यह ट्रैफिक सिग्नल पर लगे सेंसर से कनेक्ट होकर डाटा मुहैया कराएगा। इस तक नीक के तहत ट्रैफिक सिग्नल पर लगे सेंसर वाहन को देख कर उसकी जानकारी कंट्रोल रूम तक पहुंचाएंगे। कंट्रोल रूम में उपस्थित विशेषज्ञ सड़क पर चल रहे वाहन की वास्तविक पता लगाकर वाहन की जरूरत के अनुसार लाल बत्ती को हरी में बदल सकें।
टैक्सी और साइकिल चलाने वाले भी कर सकेंगे उपयोग-
ट्रैफिक लाइट कंट्रोल करने की इस तकनीक का इस्तेमाल टैक्सियां भी कर सकेंगी जिससे ट्रैफिक लाइट पर इंतजार नहीं करने के साथ-साथ ही प्रदूषण कम करने समेत ईधन बचाने में भी मदद मिलेगी। इसके चलते टैक्सी किराए में भी कमी आएगी। इसके अलावा साइकिल चलाने वाले भी इस तकनीक का इस्तेमाल कर सकेंगे। हालांकि विशेषज्ञों के मुताबिक फिलहाल इस तकनीक पर अभी और भी काम करना बाकी है।
सिग्नल पर पहुंचते ही हरी हो जाएगी बत्ती-
यह एक ऎसी तकनीक है जो ड्राइवर को बताती है कि उन्हें कितनी तेजी से वाहन चलाने की जरूरत है जिससे वाहन सिग्नल तक पहुंचे तब हरी बत्ती मिले और वाहन को रोकना न पड़े।
मोबाइल एप के तहत होगा काम-
इस तकनीक के तहत ट्रैफिक लाइट को कंट्रोल करने का यह काम मोबाइल एप के तहत किया जाएगा। इस एप को फोन में डाउनलोड करना होगा जिसके बाद यह ट्रैफिक सिग्नल पर लगे सेंसर से कनेक्ट होकर डाटा मुहैया कराएगा। इस तक नीक के तहत ट्रैफिक सिग्नल पर लगे सेंसर वाहन को देख कर उसकी जानकारी कंट्रोल रूम तक पहुंचाएंगे। कंट्रोल रूम में उपस्थित विशेषज्ञ सड़क पर चल रहे वाहन की वास्तविक पता लगाकर वाहन की जरूरत के अनुसार लाल बत्ती को हरी में बदल सकें।
टैक्सी और साइकिल चलाने वाले भी कर सकेंगे उपयोग-
ट्रैफिक लाइट कंट्रोल करने की इस तकनीक का इस्तेमाल टैक्सियां भी कर सकेंगी जिससे ट्रैफिक लाइट पर इंतजार नहीं करने के साथ-साथ ही प्रदूषण कम करने समेत ईधन बचाने में भी मदद मिलेगी। इसके चलते टैक्सी किराए में भी कमी आएगी। इसके अलावा साइकिल चलाने वाले भी इस तकनीक का इस्तेमाल कर सकेंगे। हालांकि विशेषज्ञों के मुताबिक फिलहाल इस तकनीक पर अभी और भी काम करना बाकी है।

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