Thursday, 9 April 2015

यमन में क्यूं छिड़ा है संग्राम, जानिए पूरी कहानी

सना। यमन मौजूदा समय में अभी तक के अपने सबसे गहरे संकट में फंसा हुआ है, क्योंकि प्रतिस्पर्धिक बल इस समय देश पर अपना कब्जा जमाने के लिए लड़ाई लड़ रहें हैं। इन हालातों में जो एक बात निकल कर सामने आ रही है, वो ये है कि यमन में जारी संकट का असर आखिर किस-किस पर पड़ेगा।

किसकी किससे है लड़ाई
यूएन के एक स्पेशल एडवाइजर की माने तो पिछले कुछ महीनों से यमन में अलग-अलग समूहों के बीच संघर्ष पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गया है, जोकि देश को गृह युद्ध की ओर ढकेल रहें हंै। यमन में मुख्य रूप से राष्ट्रपति आबिद रब्बू मंसूर हादी और हुदी विद्रोहियों के बीच जंग चल रही है, जिन्होंने राष्ट्रपति भवन पर कब्जा कर राष्ट्रपति हादी को फरवरी में राजधानी सना से भागने पर मजबूर कर दिया था। वहीं दूसरी ओर यमन के सुरक्षा बलों की वफादारी भी बटी हुई है, क्योंकि इनमें से कुछ यूनिट्स राष्ट्रपति हादी के समर्थन में हैं, जबकि कुछ हुदी विद्रोहियों और हादी के पूर्ववर्ती अली अब्दुल्ला सालेह का समर्थन कर रही हैं। जबकि अल-कायदा राष्ट्रपति हादी और हुदी विद्रोहियों दोनों का ही विरोध कर रहा है।

दुनिया पर कैसे पड़ रहा है इसका असर
जो यमन में हो रहा है उसके चलते क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है। साथ ही यमन में बढ़ते हमलों के खतरों के चलते पश्चिमी देशों के लिए चिंता बढ़ गई है।पश्चिमी खुफिया एजेंसियों की माने तो एक्यूएपी अपनी तकनीकी विशेषज्ञता और वैश्विक पहुंच के कारण अलकायदा की सबसे खतरनाक ब्रांच है। अमरीका यमन में राष्ट्रपति हादी की मदद से एक्यूएपी के खिलाफ ऑपरेशन चला रहा है, जिनमें ड्रोन हमले भी शामिल है। लेकिन हुदी विद्रोहियों के चलते अमरीका का अभियान धीमा पड़ गया है। हुदी विद्रोहियों और यमन में निर्वाचित सरकार के बीच तनाव को शिया शाषित इरान और सुन्नी शाषित साऊदी अरब के बीच क्षेत्रीय सत्ता संघर्ष के रूप में भी देखा जा रहा है, क्योंकि ये यमन के साथ लंबी सीमा रेखा को बांटता है।

सऊदी ने करी मदद
सउदी अरब ने यमन में सरकार को बचाने के लिए क्षेत्रीय गठबंधन के अभियान की शुरूआत करते हुए हुदी विद्रोहियों के खिलाफ हवाई हमले किए। अमेरिका में सउदी अरब के राजदूत आदिल अल जुबैर ने कहा था कि फिलहाल कार्रवाई यमन के आस पास विभिन्न लक्ष्यों पर हवाई हमले तक सीमित है, लेकिन अन्य सैन्य संसाधनों को संगठित किया जा रहा है और गठबंधन हर संभव कार्रवाई करेगा।

किस लिए लड़ी जा रही है लड़ाई
यमन में शियाओं के समूह हुदी मिलिशिया के विद्रोहियों ने फरवरी में सना में सत्ता हथियाने के लिए ये जंग शुरू की थी, हुदी विद्रोहियों की सत्ता हथियाने की इन कोशिशें के बाद से ही यमन में अशांति बढ गई। वहीं हालात तब और बदतर हो गए जब विद्रोहियों के बढ़ते दबाव की वजह से राष्ट्रपति हादी अदन स्थित अपना महल छोड़कर भाग निकलें थे। यही नहीं विद्रोहियों ने हादी को पकड़ने के लिए 1 लाख डॉलर के इनाम की घोषणा भी की थी। 

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