डाक विभाग की ओर से करीब 135 सालों से दी जा रही मनी ऑर्डर सेवा बुधवार यानी एक अप्रैल से बंद हो रही और इसकी जगह इंस्टेंट मनी ऑर्डर सेवा की शुरुआत हो रही है।
इंस्टेंट मनी ऑर्डर सेवा के तहत जैसे ही पैसा भेजने कोई डाक घर जाता है तो उसे एक कोड नंबर दिया जाता है। उस कोड नंबर को दूसरी पार्टी को फोन करके बताना होता है। फिर वह व्यक्ति डाक घर में कोड बता कर पैसा हासिल कर सकता है।
वहीं, मनी ऑर्डर सर्विस के तहत कोई व्यक्ति पोस्ट ऑफिस में पैसे और कमीशन जमा कर जिन्हें वह पैसे मिलने होते थे, उनका पता दे देता था। इस पते पर सबसे निकट का पोस्ट ऑफिस डाकिया के जरिए नगद पैसे भेज देता था।
मनी ऑर्डर सर्विस के बंद होने का मुख्य कारण शहरों के साथ-साथ गांवों में भी लोगों का मोबाइल बैंकिंग से लेकर इंटरनेट बैंकिंग पर पूरी तरह से सक्रिय होना है। इससे पहले डाक विभाग ने टेलीग्राफ सेवा भी बंद कर दी थी।
इंस्टेंट मनी ऑर्डर सेवा के तहत जैसे ही पैसा भेजने कोई डाक घर जाता है तो उसे एक कोड नंबर दिया जाता है। उस कोड नंबर को दूसरी पार्टी को फोन करके बताना होता है। फिर वह व्यक्ति डाक घर में कोड बता कर पैसा हासिल कर सकता है।
मनी ऑर्डर सर्विस के बंद होने का मुख्य कारण शहरों के साथ-साथ गांवों में भी लोगों का मोबाइल बैंकिंग से लेकर इंटरनेट बैंकिंग पर पूरी तरह से सक्रिय होना है। इससे पहले डाक विभाग ने टेलीग्राफ सेवा भी बंद कर दी थी।

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