मार्क जुकरबर्ग ने बहुत कम उम्र में बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। लोग अक्सर इस तरह के लोगों को देखते हैं तो सोचते हैं कि वो भी कुछ ऐसा करें, जिससे वो भी बड़े बन जाएं।
लोग ऐसा काम करने की सोचते तो हैं, लेकिन एक-दो बार असफल होने पर ही हिम्मत हार बैठते हैं। आपको बता दें कि बड़ा बनना कभी आसान नहीं था, न ही होगा।
ऐसी स्थिति में हर किसी को जरूरत होती है मोटिवेशन की। आइए जानते हैं 5 ऐसी फिल्मों के बारे में जो आपका मनोरंजन तो करती ही हैं, साथ ही आपका उत्साह भी बढ़ाती हैं।
लोग ऐसा काम करने की सोचते तो हैं, लेकिन एक-दो बार असफल होने पर ही हिम्मत हार बैठते हैं। आपको बता दें कि बड़ा बनना कभी आसान नहीं था, न ही होगा।
ऐसी स्थिति में हर किसी को जरूरत होती है मोटिवेशन की। आइए जानते हैं 5 ऐसी फिल्मों के बारे में जो आपका मनोरंजन तो करती ही हैं, साथ ही आपका उत्साह भी बढ़ाती हैं।
1- द सोशल नेटवर्क (The Social Network)
यह फिल्म 2010 में रिलीज हुई थी, जिसे लोगों ने खूब पसंद किया। यह फिल्म फेसबुक के मार्क जुकरबर्ग की कहानी पर आधारित है, जिसमें दिखाया गया है कि उन्होंने फेसबुक किस तरह से शुरू किया। साथ ही यह भी दिखाया गया है कि कैसा रहा उनका ये पूरा सफर।
क्यों देखें?
फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे मार्क ने एक वेबसाइट बनाई और धीरे-धीरे वह पूरी दुनिया में फैल गई। मार्क ने जिस तरह से लोगों को साथ लेकर इस वेबसाइट को सफल बनाने के लिए काम किया वह भी देखने लायक है। ये फिल्म आपको उत्साह से भरकर रख देगी।
क्यों देखें?
फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे मार्क ने एक वेबसाइट बनाई और धीरे-धीरे वह पूरी दुनिया में फैल गई। मार्क ने जिस तरह से लोगों को साथ लेकर इस वेबसाइट को सफल बनाने के लिए काम किया वह भी देखने लायक है। ये फिल्म आपको उत्साह से भरकर रख देगी।
2- ग्लेनगैरी ग्लेन रॉस (Glengarry Glen Ross)
यह फिल्म डेविड मामेट की पुलित्जर पुरस्कार विजेता प्ले पर आधारित है। इसमें शिकागो के रियल एस्टेट बाजार को और उनमें होने वाली कड़ी प्रतिस्पर्धा को दिखाया गया है। इसमें दिखाया गया है कि एक व्यक्ति बिजनेस में सफल होने के लिए किस तरह से झूठ और धोखेबाजी का सहारा लेता है।
क्यों देखें?
फिल्म यह दिखाना चाहती है कि बिजनेस की दुनिया बहुत बुरी भी हो सकती है और ऐसे में आपको अपने संयम और होशियारी से काम करना होगा। यह फिल्म 1992 में रिलीज हुई थी।
क्यों देखें?
फिल्म यह दिखाना चाहती है कि बिजनेस की दुनिया बहुत बुरी भी हो सकती है और ऐसे में आपको अपने संयम और होशियारी से काम करना होगा। यह फिल्म 1992 में रिलीज हुई थी।
3- पाइरेट्स ऑफ सिलिकॉन वैली (Pirates of Silicon Valley)
यह फिल्म बिलगेट्स और स्टीव जॉब्स के उदय के बारे में है, जो 1999 में रिलीज हुई थी। आपको बता दें कि यह फिल्म सिर्फ टीवी के लिए एक डॉक्युमेंट्री की तरह बनाई गई थी। फिल्म में माइक्रोसॉफ्ट के फाउंडर बिल गेट्स और एप्पल के फाउंडर स्टीव जॉब्स की जिंदगी से जुड़ी काफी सारी बातें दिखाई गई हैं। यह फिल्म देश में टेक्नोलॉजी के शुरुआती दिनों के बारे में है।
क्यों देखें?
किस तरह से संघर्ष करके अपनी मंजिल तक पहुंचा जाता है, इस फिल्म में ये देखने लायक है। जो लोग अपना बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, ये फिल्म उन लोगों के लिए उत्साहित कर सकती है।
क्यों देखें?
किस तरह से संघर्ष करके अपनी मंजिल तक पहुंचा जाता है, इस फिल्म में ये देखने लायक है। जो लोग अपना बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, ये फिल्म उन लोगों के लिए उत्साहित कर सकती है।
4- सिटिजन केन (Citizen Kane)
ओरसन वेल्लेस की यह फिल्म 1941 में रिलीज हुई थी। फिल्म में एक न्यूजपेपर टाइकून की जिंदगी के बारे में बताया गया है। इसमें दिखाया गया है कि किस तरह अंत में न्यूजपेपर टाइकून ये समझता है कि जिंदगी में सबसे जरूरी क्या है।
क्यों देखें?
फिल्म के जरिए यह बताने की कोशिश की गई है कि भले ही एक सफल बिजनेसमेन बनना ही एक एंट्राप्रेन्योर का लक्ष्य होता है, लेकिन उसकी जिंदगी का सिर्फ यही एक नहीं होता है।
क्यों देखें?
फिल्म के जरिए यह बताने की कोशिश की गई है कि भले ही एक सफल बिजनेसमेन बनना ही एक एंट्राप्रेन्योर का लक्ष्य होता है, लेकिन उसकी जिंदगी का सिर्फ यही एक नहीं होता है।
5- मनी बॉल (Moneyball)
यह ब्रैड पिट की फिल्म है, जिसमें उन्होंने बिली बीन की भूमिका अदा की है। फिल्म दिखाती है कि टीम के पास खिलाड़ियों पर खर्च करने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं होते हैं तो ऐसी स्थिति में ब्रैड किस तरह से यूनीक तरीके अपनाकर पैसों का इंतजाम करते हैं। देखा जाए तो इस फिल्म में मैनेजमेंट का भी शानदार प्रदर्शन किया गया है।
क्यों देखें?
इस फिल्म में बीन का बहुत ही इन्नोवेटिव दिखाया गया है, जो एक एन्ट्राप्रेन्योर की सबसे बड़ी क्वालिटी होती है। फिल्म दिखाती है कि किस तरह से कम संसाधन होने के बावजूद बेहतर उपाय किए जाएं। इस फिल्म में बीन ने ऐसे लोगों की कोई बात नहीं सुनी है, जो उसे कुछ करने से रोकते हैं और अपने विजन से भी नहीं हटे!
क्यों देखें?
इस फिल्म में बीन का बहुत ही इन्नोवेटिव दिखाया गया है, जो एक एन्ट्राप्रेन्योर की सबसे बड़ी क्वालिटी होती है। फिल्म दिखाती है कि किस तरह से कम संसाधन होने के बावजूद बेहतर उपाय किए जाएं। इस फिल्म में बीन ने ऐसे लोगों की कोई बात नहीं सुनी है, जो उसे कुछ करने से रोकते हैं और अपने विजन से भी नहीं हटे!

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