पेरिस: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार आज यूनेस्को मुख्यालय में भाषण दिया। उन्होंने भाषण की शुरुआत फ्रेंच भाषा में की और कहा कि यूनेस्को में बोलते हुए मुझे गर्व महसूस हो रहा है। यूनेस्को में संबोधन करना गर्व की बात है।
उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य विश्व शांति है। यूनेस्को में समय के साथ प्रगति हुई। भारत यूनेस्को के महत्व को समझता है। क्योंकि यूनेस्को की भूमिका बढ़ती जा रही है। यूनेस्को दुनिया को बेहतर बनाने का काम कर रहा है। हमें उज्जवल भविष्य सुनश्चित करना होगा। दुनिया में शांति बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। यूनेस्को का मूल सिद्धांत शांति से आगे बढ़ना है। यूनेस्को के साथ काम करना सौभाग्य की बात है।
मोदी ने कहा कि शांति के लिए शिक्षा का प्रचार-प्रसार जरूरी है। हमारी संस्कृति में शिक्षा का स्थान अहम है। हर बच्चे शिक्षित हो, हर युवा हुनरमंद हो। विकास तब होता है जब कमजोर तबके का विकास हो। शिक्षा से ही विकास संभव है। साथ ही महिलाओं के विकास से विश्व का विकास होगा। भारत की सांस्कृतिक धरोहर को हम आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे। हमारी सरकार हर नागरिक को घर देना चाहती है। तकनीक का दौर विकास में सहायक होगा। हमने देश के कोने-कोने में शिक्षा पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
गौरतलब है कि तीन देशों की विदेश यात्रा के पहले पड़ाव में फ्रांस पहुंचे पीएम मोदी का शुक्रवार को यहां भव्य स्वागत हुआ। यहां के एलिसी पैलेस में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद पीएम मोदी यूनेस्को के मुख्यालय पहुंचे जहां उन्होंने लोगों को संबोधित किया।
No comments:
Post a Comment