Wednesday, 8 April 2015

1 एक दिन छोड़कर लगातार 7 ग्रहों में परिवर्तन, बनेंगे बारिश के योग

वैशाख महीने में सोमवार से एक दिन छोड़कर लगातार सात ग्रह में परिवर्तन होगा. इसका प्रभाव वायुमंडल में दिखाई देगा. सोमवार से क्रमश: शुक्र, गुरू, मंगल, बुध, सूर्य, शनि और आखिर में चंद्रमा राशि परिवर्तन करेंगे.
ज्योतिषमठ संस्थान के संचालक पं. विनोद गौतम ने बताया कि ग्रहों के परिवर्तन से धुंध, आंधी तूफान और बारिश के योग बनेंगे. खासतौर पर 8 को गुरू और 16 अप्रैल को शनि के परिवर्तन से बारिश के प्रबल योग बनेंगे. एक माह तक ग्रहों के परिवर्तन का प्रभाव रहेगा.
कब कौन से ग्रह में परिवर्तन
शुक्र: सोमवार 6 अप्रैल शाम 7.42 बजे शुक्र गृह मेष राशि को छोड़कर अपनी खुद की राशि वृषभ में प्रवेश करेंगे. 2 मई तक शुक्र इसी राशि में रहेंगे.
प्रभाव: शुक्र के ग्रह राशि परिवर्तन से मनोरंजन से संबंधित वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि होगी. साथ ही फिल्म जगत से संबंधित नई योजना सरकार ला सकती है. इसका दुष्प्रभाव यह है कि जब शुक्र खुद की राशि में जाता है तो षड्यंत्री योग बनाता है. इससे भोग विलास, भौतिक सुख का उपभोग बढ़ेगा और आतंकी घटनाएं बढ़ेगी.
गुरू: 8 अप्रैल की रात 10.10 बजे कर्क राशि में वक्री चल रहे गुरू इसी राशि में मार्गी होंगे. 14 जुलाई तक गुरू मार्गी रहेंगे.
प्रभाव: मार्गी गुरू से अविवाहित युवक-युवतियों के विवाह में आ रही बाधाएं दूर होंगी. धर्म कर्म के कार्यों में प्रगति होगी, धार्मिक संगठन, धार्मिक कट्टरता व धार्मिक उन्माद बढ़ेगा. धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद होगी. इसके अलावा बारिश के योग बनेंगे.
मंगल: 10 अप्रैल की सुबह 6.38 बजे मंगल अपनी स्वयं की राशि मेष में पश्चिम दिशा में अस्त होगा.
प्रभाव: राजनीतिक कारक मंगल के अस्त होने से राजनीतिक व्यवस्था बिगड़ेगी. राजनीतिज्ञों के मन मस्तिष्क में बदलाव होंगे. कई पार्टी में विघटन होंगे. इसके अलावा राजनीतिज्ञों की पोल खुलेगी.
बुध: 12 अप्रैल की सुबह 8.30 बजे बुध मीन राशि से मेष राशि में प्रवेश करेगा.
प्रभाव: व्यापार का देवता बुध मेष राशि में जाने से व्यापार में राजनीतिक हस्तक्षेप होगा. कई व्यापारी वर्ग के लोगों के यहां पुलिस छापामार कार्रवाई कर सकती है, आयकर आदि की समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है.
सूर्य: 14 अप्रैल दोपहर 1.45 बजे अंगारक ग्रह मेष में प्रवेश करेगा.
प्रभाव: इससे अग्निकांड की घटनाएं बढ़ेंगी. साथ ही सेना द्वारा गोला बारूद आदि का प्रयोग हो सकता है. इसका प्रभाव एक महीने तक रहेगा.
शनि: 16 अप्रैल को न्याय के देवता शनि वृश्चिक राशि में सात अंश पर वक्री होंगे.
प्रभाव: राजनीतिज्ञों के ऊपर न्यायपालिका का हथौड़ा चलेगा. राजनीतिज्ञों द्वारा पूर्व में किए गए गलत कार्यों पर न्यायिक कसावट आएगी.
चंद्रमा: 18 अप्रैल शनिवार को मेष राशि में चंद्रमा प्रवेश करेगा. इससे शनिचरी अमावस्या के योग बनेंगे.
प्रभाव: शनीचरी अमावस्या के दिन शनि से संबंधित जातकों के लिए शनि के प्रभाव को कम करने के लिए पूजा अर्चना के लिए बेहतर संयोग रहेगा.

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