नई दिल्ली: कांग्रेस के "युवराज" राहुल गांधी अपनी 56 दिन की छुट्टियों से आज लौट आए। उनके इन 56 दिनों के अवकाश का कोई कारण नहीं बताया गया था और इससे पार्टी के उनके नेतृत्व को लेकर भी बहुत से सवाल उठाए गए थे।
कांग्रेस उपाध्यक्ष बैंकाक से थाई एयरवेज के विमान से पूर्वान्हन सवा 11 बजे दिल्ली पहुंचे। विमान को दस बजकर 35 मिनट पर हवाई अड्डे पर उतरना था, लेकिन इसमें करीब 40 मिनट की देरी हुई। सूत्रों ने यह जानकारी दी। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पूर्वांहन 11 बजे राहुल गांधी के 12 तुगलक रोड स्थित आवास पर गयीं और उसके तुरंत बाद ही उनकी बेटी प्रियंका भी वहां पहुंचीं।
23 फरवरी को संसद का बजट सत्र शुरू होने से एक दिन पूर्व पार्टी सूत्रों ने कहा था कि राहुल गांधी छुट्टी पर चले गए हैं। पार्टी ने उस समय कहा था कि राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से हालिया घटनाओं और पार्टी की भावी दिशा पर चिंतन-मनन करने के लिए कुछ समय दिए जाने की अपील की थी। उसके बाद से ही राजनीतिक जीवन से कुछ समय के लिए उनके अवकाश को लेकर यह अटकलें लगायी जाती रहीं कि वह पार्टी को अपने तरीके से चलाने की स्वतंत्रता नहीं दिए जाने से नाखुश हैं। पार्टी ने इसका आधिकारिक तौर पर खंडन किया था।
राहुल गांधी ऐसे समय छुट्टी पर गए थे जब कांग्रेस के अखिल भारतीय सम्मेलन के बारे में बातचीत हो रही थी और ऐसी संभावना थी कि इसमें उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष बनाया जा सकता है। उनकी गैर मौजूदगी में पार्टी के कई नेता अध्यक्ष पद पर सोनिया गांधी के बने रहने की खुली वकालत करते नजर आए और राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठाए।
कांग्रेस नेताओं ने एलान किया था कि राहुल 19 अप्रैल तक वापस आ जाएंगे, क्योंकि उन्हें उस दिन रामलीला मैदान में भूमि विधेयक मुद्दे पर किसानों की रैली को संबोधित करना है। यह रैली संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत की पूर्व-संध्या पर आयोजित की जा रही है। राहुल गांधी बजट सत्र के पहले चरण में शामिल नहीं हो पाए थे जिसमें कांग्रेस ने भूमि विधेयक के मुद्दे पर सरकार को घेरा था।
No comments:
Post a Comment