नई दिल्ली. पर्यावरण को बचाने क लिए आज से दो दिवसीय सम्मेलन की शुरूआत हुई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 शहरों में प्रदूषण स्तर की निगरानी करने के लिए राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक की सोमवार को शुरुआत की.
विज्ञान भवन में आयोजित पर्यावरण मंत्रालय के नेशनल कांफ्रेंस में प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रकृति संरक्षण के प्रति भारत की संवेदनशीलता पर कोई सवाल नहीं उठा सकता है. प्रदूषण के स्तर पर हमारा योगदान दुनिया में सबसे कम है. उन्होंने कहा कि पर्यावरण संबंधी चिंताओं को लेकर विश्व के सामने हम अपनी बात को सही तरीके से नहीं रख पाए. उन्होंने कहा कि लोग सोचते हैं कि पर्यावरण और विकास एक दूसरे के विरोधी नहीं है लेकिन ऐसा नहीं है. हम दोनों को एक साथ लेकर चल सकते हैं. विश्व के विकसित देश सोचते हैं कि भारत पर्यावरण को लेकर गंभीर नहीं है लेकिन ऐसा नहीं है. हम सदियों से पर्यावरण को लेकर सचेत हैं. हमें पर्यावरण संरक्षण पर भाषण देने वाले लोग स्वच्छ उर्जा के लिए आवश्यक परमाणु ईंधन देने से हमें इनकार कर देते हैं.
उन्होंने भूमि विधेयक पर कहा कि आदिवासी, वन भूमि पर लोगों को गुमराह करने की कोशिश हो रही है, इस तरह का अभियान रुकना चाहिए.
इस दौरान पीएम ने हवा की जांच के लिए इंडेक्स भी जारी किया. पीएम ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा हमारी संस्कृति है. पर्यावरण की सुरक्षा के लिए पीएम ने हफ्ते में एक दिन कार छोड़कर साइकिल का इस्तेमाल करने की सलाह दी. साथ ही सौर्य ऊर्जा के इस्तेमाल पर बल दिया. इतना ही पीएम ने पूर्णिमा के दिन स्ट्रीट लाइट बंद रखने तक की अपील की.
दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित राज्यों के पर्यावरण और वन मंत्रियों के सम्मेलन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बातें कहीं. उद्घाटन के बाद सबसे पहले पीएम ने हवा जांचने के लिए इंडेक्स जारी किया. पीएम ने कहा कि हमें अपने पर्यावरण को बचाने के लिए मोटर कार और बाइक का इस्तेमाल कम करना चाहिए. उनहोंने लोगों से अपील की कि वे सप्ताह में एक दिन कार छोड़ कर साइकिल का इस्तेमाल करें.
प्रधानमंत्री ने कहा कि हम परमाणु ऊर्जा का उपयोग बढ़ाना चाहते हैं लेकिन हमारे पास ईंधन नहीं है. ईंधन देने वाले देश पर्यावरण के नाम पर हमें ईंधन नहीं देते. इस लिए हमें सौर्य ऊर्जा पर जोर देने चाहिए.
शहर के कचरे से खाद बनाकर गांव में किसानों को दिया जाए. इससे सब्सिडी का पैसा बचेगा जो शहरों के विकसित करने में काम आएगा. पीएम ने कहा कि सबसे जरूरी है गंगा में पैक्ट्री के कचरे को जाने से रोकाना. अगर गंगा का प्रदूषण रोक लिया जाए तो ये पर्यावरण रक्षा का मॉडल होगा.
पर्यावरण मंत्रालय की ओर से इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए 6-11 अप्रैल तक जैव-विविधता ग्रीन हाट का आयोजन किया गया है.

No comments:
Post a Comment