Monday, 6 April 2015

राहुल काबिल नेता हैं, मगर सोनिया हमारी बेस्ट जनरल हैं: संदीप दीक्षित

नई दिल्ली

राहुल गांधी को कांग्रेस का अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चाओं के बीच पार्टी में खींचतान बढ़ती जा रही है। बहुत से कांग्रेस नेता जहां राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने की पैरवी करते दिख रहे हैं, वहीं पार्टी प्रवक्ता संदीप दीक्षित ने सोनिया गांधी को सबसे बेहतर नेता बताया है। दीक्षित ने कहा कि उनकी राय में कांग्रेस पार्टी का नेतृत्व करने के लिए सोनिया गांधी ही एकमात्र और सर्वश्रेष्ठ नेता हैं।

सोमवार को राहुल गांधी के बारे में बात करते हुए संदीप ने कहा, 'राहुल गांधी सक्षम नेता हैं, लेकिन जब कभी मुझे चुनना होगा, तब सोनिया जी हमारी बेस्ट जनरल रहेंगी।' इससे पहले संदीप एक बार यह भी कह चुके हैं कि 97 से 99 फीसदी कांग्रेसी सोनिया गांधी को अपना नेता मानते हैं और इस बारे में कोई दो राय नहीं है।
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बेटे और दो बार सांसद रह चुके संदीप ने कहा, 'सोनिया गांधी किसी को भी अध्यक्षता सौंप सकती हैं, पार्टी किसी के भी हाथ में दे सकती हैं, लेकिन वह अपनी नेतृत्व क्षमता किसी के नाम नहीं कर सकतीं।' दीक्षित ने कहा, 'जब कभी विपक्ष को एकजुट होकर ताकत दिखानी होती है, सोनिया सबसे भरोसेमंद नेता होती हैं।' गौरतलब है कि लैंड बिल के मुद्दे पर हाल ही में सोनिया गांधी ने राष्ट्रपति भवन तक विपक्षी नेताओं के मार्च का नेतृत्व किया था।

दीक्षित ने कहा, '2014 में हार के बाद उन्होंने एक बार फिर हमें लोकप्रिय राजनीति की राह दिखाई है। सड़क की राजनीति, जो कि हर भारतीय की कल्पना में बसी हुई है। पार्टी में आज किसी के अंदर सोनिया जी जैसी टाइमिंग की समझ नहीं है। न ही किसी के अंदर लोगों को जोड़ने और एकजुट करनी की वैसी क्षमता है। जब कांग्रेस में चुनाव होंगे, हम उन्हें ही कांग्रेस प्रेजिडेंट के रूप में देखना चाहेंगे। आज उनकी 1998 से भी ज्यादा जरूरत है। वह मेरी नेता हैं। वह इकलौती नेता हैं, जिनके अंदर कांग्रेस को एक पॉलिटिकल यूनिट के रूप में तैयार करने की क्षमता है।'

दीक्षित ने कहा कि ज्यादातर कांग्रेस कार्यकर्ता उनके साथ ही काम करने में सहज हैं, किसी और के साथ नहीं। उन्होंने कहा, 'उन्हें पता है कि राजनीतिक मुद्दे कब और कैसे उठाने हैं। उन्हें यह भी मालूम है कि कौन सा मुद्दा पार्टी का है और कौन सा राजनीति का। आप राजनीतिक मुद्दों के आधार पर इलेक्शन जीतते हैं, पार्टी मुद्दों के आधार पर नहीं।'

दीक्षित ने उस दौर का हवाला दिया, जब 1998 में पार्टी खत्म होने की कगार पर थी और उसी वक्त सोनिया ने अध्यक्ष पद संभाला था। उन्होंने कहा, 'सोनिया ही अपने दम पर अकेले 2004 के इलेक्शन में हमें सत्ता में लाई थीं। सोनिया ने पार्टी और सरकार के बीच में हमेशा बैलंस बनाया। मुझे लगता है कि वह कुछ ज्यादा ही उदार थीं।'

संदीप दीक्षित की ये टिप्पणियां उस दौर में आई हैं, जब कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के 'अज्ञातवास' से लौटने की चर्चा है। चर्चा है कि मई महीने में ही उन्हें पार्टी का अध्यक्ष बनाया जा सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बारे में चर्चा के लिए दिल्ली, हिमाचल प्रदेश या उत्तराखंड में कांग्रेस वर्किंग कमिटी और एआईसीसी की मीटिंग हो सकती है।

सीनियर नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी के लौटने के बाद अध्यक्ष पद का मामला उठ सकता है। पार्टी चीफ सोनिया गांधी ने पिछले हफ्ते अमेठी में कहा था कि राहुल जल्द ही वापसी करेंगे। कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने भी कहा है कि राहुल 19 अप्रैल को किसान-मजदूर रैली को संबोधित करेंगे।

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