Monday, 6 April 2015

BJP के कारण PDP से बड़े पंडित नेता का इस्तीफा

श्रीनगर
पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के जाने-माने हिन्दू चेहरे समीर कौल ने बीजेपी से गठबंधन का हवाला देते हुए पार्टी छोड़ दी है। उन्होंने बीजेपी को 'अल्ट्रा राइट' बाताया है। राज्य में पीडीपी और बीजेपी गठबंधन की सरकार बने एक महीना हुआ है। समीर कौल पीडीपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता थे। कौल ने कहा कि पीडीपी ने बीजेपी से गठंबधन कर अपने घोषित सिद्धांतों का उल्लंघन किया है। उन्होंने रविवार को अपना त्याग पत्र सौंप दिया था।

पिछले साल जम्मू-कश्मीर में हुए विधानसभा चुनाव के बाद खंडित जनादेश मिला था। बीजेपी और पीडीपी में कई दौरों की लंबी बातचीत के बाद इस साल फरवरी में गठबंधन सरकार बनी थी। सरकार बनने के बाद दोनों पार्टियों के बीच कई मसलों पर खुलकर विवाद सामने आए। बीजेपी ने पीडीपी पर कॉमन मिनिमम प्रोग्राम का उल्लंघन करने का भी आरोप लगाया। ऐसा पहली बार हुआ है कि बीजेपी मुस्लिम बहुल राज्य में सरकार का हिस्सा बनी है। हालांकि यह गठबंधन सरकार आपसी कलह से भी जूझ रही है। जब पीडीपी ने अलगाववादी कैदी नेता को जेल से रिहा करने का फैसला किया तो बीजेपी को काफी शर्मिंदगी झेलनी पड़ी थी।

कौल ने कहा, 'जिन सिद्धांतों के दम पर पार्टी का गठन हुआ था उससे समझौता कर रही है। हमने ऐंटि बीजेपी अजेंडा के तहत चुनाव लड़ा और चुनाव बाद बीजेपी से समझौता कर लिया।' कौल दिल्ली में कैंसर सर्जन हैं। वह पीडीपी से पिछले चार सालों से जुड़े हैं। कौल ने कहा कि पीडीपी ने हमारे समुदाय कश्मीरी पंडितों को भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने का फैसला किया था लेकिन उससे भी मुकर गई। उन्होंने कहा कि सिखों और दूसरे अल्पसंख्यकों को भी इस सरकार में प्रतिनिधित्व नहीं मिला है।

कौल का इस्तीफा चौंकाने वाला है क्योंकि इस सरकार में बीजेपी शामिल है जिसकी पहचान भगवा पार्टी के रूप में है। हालांकि कौल का कहना है कि बीजेपी के बारे में लोगों की गलतफहमी है। अपने त्यागपत्र में कौल ने लिखा है, 'यह पूरी तरह से मौकापरस्ती है। जब पार्टी ने बीजेपी से गठबंधन कर सरकार बनाने का फैसला किया तो यह पार्टी के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन था। मैं सरकार बनने के बाद से ही निराश था क्योंकि पार्टी ने घोर मौकापरस्ती का परिचय दिया है।'

कौल के इस्तीफे पर पीडीपी ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने कहा कि मुझे इस बारे में कोई नॉलेज नहीं है। प्रधानमंत्री ऑफिस में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी इस बारे में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि यह पीडीपी का आंतरिक मामला है और मेरा इस पर कोई कॉमेंट करना ठीक नहीं होगा। कौल ने ऐसे वक्त पर इस्तीफा दिया है जब मोदी कैबिनेट में महबूबा मुफ्ती को शामिल करने की बात चल रही है।

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