Thursday, 9 April 2015

विरासत को लेकर लालू का पलटवार, बोले-मेरा बेटा है वारिस, पप्पू यादव नहीं

पटना. राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने मधेपुरा से पार्टी के सांसद
पप्पू यादव पर पलटवार करते हुए कहा है कि पप्पू उनके बेटे नहीं हैं। लालू ने कहा, 'भारतीय संस्कृति में बेटा ही बाप की विरासत संभालता है। इस कारण मेरे बाद पार्टी का उत्तराधिकारी पप्पू यादव नहीं बल्कि मेरा बेटा होगा। मेरे इस फैसले से जिसे परहेज है, वह पार्टी छोड़कर जा भी सकता है।' लालू ने पप्पू यादव को अपराधी भी करार दिया। लालू ने सासाराम में एक सभा को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं।
लोकतंत्र में जनता चुनती है वारिस: पप्पू यादव
मंगलवार को पप्पू यादव ने लालू यादव पर तंज कसते हुए कहा था कि रविवार को हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में वारिस के उनके सवाल पर लालू ने कहा था कि उनका बेटा ही उनका वारिस है, जबकि उन्हें यह नहीं पता कि जनतंत्र में जनता ही वारिस चुनती है।
पप्पू के मुताबिक, 'अगर ऐसा नहीं होता, तो चौधरी चरण सिंह के वारिस मुलायम सिंह नहीं होते। कर्पूरी ठाकुर के वारिस लालू यादव नहीं होते। ऐसे कई उदाहरण भरे पड़े हैं। वारिस का फैसला लोकतंत्र में जनता करती है। लालू जानते हैं कि वे अब मुख्यमंत्री नहीं बन सकते इसलिए महाविलय कर रहे हैं। आने वाले विधानसभा चुनाव में मांझी महत्वपूर्ण फैक्टर होंगे।'
फरवरी में पहली बार पप्पू ने खुद को बताया था वारिस
गौरतलब है कि इसी साल 14 फरवरी को किशनगंज की एक सभा को संबोधित करते हुए पप्पू यादव ने अपने को लालू यादव का असली वारिस करार दिया। पप्पू ने कहा था, 'बेटा या बेटी होने से कोई वारिस नहीं हो सकता। लालू मेरे लिए पिता तुल्य हैं। मैं आज जो कुछ भी हूं, वह लालू की ही देन है। लालू ने ही पूरे देश में सामाजिक न्याय को लेकर आंदोलन चलाया था, मैं उसकी ही देन हूं। इसलिए मैं ही लालू का सच्चा वारिस हूं।'

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