राजद सुप्रीमों लालू प्रसाद ने कहा है कि भाजपा नेताओं और सरकार का असली चेहरा एवं चरित्र मात्र दस महीनों में सामने आ गया है। लालू प्रसाद के इस बयान का कड़ा विरोध करतें हुए पूर्व मंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता डा. प्रेम कुमार ने कहा राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद पहले अपने चेहरा एवं चरित्र को देंखे, जिन्हों ने अपने और राबड़ी देवी के शासनकाल के दौरान बिहार में जंगलराज कायम कर दिया था।
डा. कुमार ने कहा कि भाजपा का चेहरा और चरित्र पूरी तरह से लोकतांत्रिक हैं। भाजपा का सिद्धांत सभी धर्म और लोगों को साथ लेकर चलने का हैं। भाजपा का सिद्धांत हैं सब का साथ, सब का विकास। लेकिन लालू प्रसाद का सिद्धांत सिर्फ सत्ता पाने का हैं। जब लालू प्रसाद चारा घोटाला में जेल गये तो उन्होंने अपनी पत्नी राबड़ी देवी को सूबे का मुख्यमंत्री बना दिया। लालू परिवारवाद की राजनीति शुरू से करते आ रहें हैं।
डा. कुमार ने आरोप लगाया कि सत्ता पाने के लिए नीतीश कुमार ने लालू के विरूध में भाजपा से हाथ मिला कर मुख्यमंत्री बनें। और आज उसी नीतीश कुमार के साथ लालू ने हाथ मिलाया। नीतीश कुमार की सरकार को बचाने के लिए लालू ने अपने विधायकों का समर्थन किस सिद्धांत के तहत दिया ?
डा. कुमार ने आरोप लगाया कि लालू प्रसाद पहले अपने चरित्र और चेहरे को देंखे फिर भाजपा पर आरोप लगायें। केन्द्र में भाजपा की सरकार दस महीनों में जितना विकास का काम किया हैं, इतने कम समय में किसी भी केन्द्र सरकार ने नहीं किया हैं। इस साल बिहार विधान सभा चुनाव में लालू प्रसाद व नीतीश कुमार को राज्य की जनता खारिज कर के भाजपा को सत्ता में लायेगीं।

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