जनता दल यूनाईटेड ने सुशील मोदी पर जमकर हमला बोला पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सह विधान परिषद के सदस्य संजय सिंह ने कहा कि सुशील मोदी सरकार में नही लेकिन उनको सरकार में जो काम हो रहा है उसकी जानकारी खूब रहती है ,लेकिन नकारात्मक रुप में । सुशील मोदी ने अपनी राजनीति को नकारात्मक रुप में ही ढाल लिया है और इनकी निगेटिविटी की शिकार भाजपा हो रही है । अब भाजपा के नेताओं में सुशील मोदी की वजह से सकारात्मक उर्जा का विकास ही नही हो पा रहा है । कृषि रोड मैप नीतीश कुमार के दूर दृष्टि की एक बेहतर सोच है , ये वो सोच है जिससे आने वाले समय में राज्य में खुशहाली आएगी । नीतीश कुमार ने ये रोडमैप आज के लिए नही बनाया है ये बिहार के भविष्य की सुरक्षा के लिए उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है । नीतीश कुमार का सपना है कि देश के हर थाली में बिहार का एक व्यंजन हो और ये उसी दिशा में उठाया गया कदम है । सुशील मोदी , थोडा इंतजार करगे तो इसके फायदे भी नजर आएँगे , बेचैन होने से कुछ हासिल नही होने वाला ।
श्री सिंह ने कहा कि कृषि रोड मैप के तहत बिहार सरकार ने कृषि के क्षेत्र में राज्य में गन्ना की खेती को बढ़ावा देने के लिये इन्स्टीच्यूट ऑफ शूगर केन रिसर्च एण्ड टेक्नोलॉजी की स्थापना माधोपुर मोतिहारी में 70 एकड़ जमीन में की जा रही है । यह इन्स्टीच्यूट राजेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय के अधीन कार्य करेगी। इससे किसानों को गन्ना उत्पादन के लिये नया आयाम मिलेगा। 2012-17 के लिये कृषि रोडमैप बनाया गया है। वितीय वर्ष 2012-13 में 9,434 करोड़ रूपये व्यय हुये। वितीय वर्ष 2013-14 में 10,631 करोड़ रूपये व्यय हुये। वितीय वर्ष 2014-15 में माह अगस्त तक 4,792 करोड़ रूपये व्यय हो चुके हैं । कृषि रोडमैप में माह अगस्त 2014 तक 24 हजार करोड़ रूपये व्यय हो चुके हैं। कृषि रोडमैप के लिये विभिन्न विभागों के लिये निर्धारित कुल 70 इंडिकेटरों की विभागवार समीक्षा की गयी। राज्य में कई वर्ष मॉनसून की अनियमितता के कारण धान की ऊपज में काफी कठिनाई होती है। इस कठिनाई को दूर करने के लिये बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर ने अर्द्धजल नामक धान की प्रजाति विकसित की है, जो काफी कम बारिश होने पर भी अच्छी ऊपज देती है। रोडमैप के तहत ही वन एवं पर्यावरण विभाग के तरफ से राज्य में वनों का आच्छादन 7 प्रतिशत से बढ़कर 15 प्रतिशत लक्ष्य के आलोक में 12.86 प्रतिशत हो गया है। यह सर्वोत्कृष्ट उपलब्धि है। वन एवं पर्यावरण विभाग को कृषि रोडमैप के अन्तर्गत 24 करोड़ पौधे लगाने का निर्देश दिया गया है।
श्री सिंह ने कहा कि कृषि रोडमैप के लिए ऊर्जा विभाग को मुख्यमंत्री ने यह निर्देश दिया कि किसानों को विद्युत आपूर्ति अनिवार्य रूप से आठ घंटे से ज्यादा हो। राज्य में पटना जिले के नौबतपुर में डेडिकेटेड फीडर फॉर एग्रीकल्चर स्थापित किया गया है। राज्य के अन्य जिलों में भी सिंचाई के लिये डेडिकेटेड फीडर आवश्यकतानुसार स्थापित किया जा रहा है, इससे निश्चित अवधि में किसानों को गुणवत्तायुक्त बिजली सिंचाई कार्यों के लिये प्राप्त हो सकेगा। राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत 16 एवं 25 के0वी0ए0 के ट्रांसफर्मर को 63 एवं 100 के0वी0ए0 में स्थानान्तरित करने के लिये मंत्रिपरिषद के समक्ष प्रस्ताव दे दिया गया। ऐसे ट्रांसफर्मरों की संख्या 14 हजार है। ऐसा होने से विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था में आमूल-चूल सुधार होगा। सीएम ने निर्देश दिया है कि किसान सिंचाई कार्य के लिये विद्युत कनेक्शन का आवेदन देते हैं, उन्हें शीघ्र कनेक्शन दिया जाय।
श्री सिंह ने कहा कि सरकार ने कृषि रोड मैप के तहत ही ग्रामीण पथ आवागमन योग्य हो इसकी व्यवस्था की जा रही है। इसके लिये ग्रामीण कार्य विभाग को अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए गए है । प्रधानमंत्री सड़क योजना एवं मुख्यमंत्री सड़क योजना के नेटवर्क से कोई गाँव अगर छूट गया हो तो उन्हें नेटवर्क में समावेशित किया जा रहा है ताकि 250 से अधिक बसावट वाले गाँवों को सड़क की सुविधा मिल सके। वही खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को भी 20 लाख टन धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य दिया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इस लक्ष्य को बढ़ाया जाय क्योंकि इस वर्ष धान की उपज अच्छी हुयी है और 81 लाख टन से अधिक धान उत्पादन की संभावना है। सुशील मोदी को ये भी जानकारी इक्कठी करनी चाहिए ,लेकिन वो नकारात्मक अवसाद से ग्रसित है और बेचैनी इतनी की वो हर वक्त मुंगेरीलाल के हसीन सपने ही देखते है ।

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