नई दिल्ली। भारत दौरे पर आए उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री री सो-योंग सोमवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात में दोनों नेताओं के बीच कोरियाई प्रायद्वीप के राजनीतिक तनाव और उत्तर कोरिया के विवादग्रस्त परमाणु कार्यक्रम के मसले पर बातचीत हो सकती है।
डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया (डीपीआरके) के साथ कूटनीतिक जुड़ाव के नजरिये से इस बैठक को अहम माना जा रहा है। योंग का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दक्षिण कोरिया दौरे में करीब एक माह का समय बचा है। योंग के इस दौरे से भारतीय पक्ष को उत्तर कोरिया के साथ अपने संबंधों का पुनर्मूल्यांकन करने का अवसर मिलेगा। उत्तर कोरिया अमेरिका और पश्चिमी देशों की ओर से लगाए गए भारी आर्थिक और अन्य प्रतिबंधों का सामना कर रहा है।
सूत्रों के मुताबिक योंग भारतीय पक्ष को उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अपने रुख से अवगत करा सकते हैं। उत्तर कोरिया का यह परमाणु कार्यक्रम, अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए लंबे समय से चिंता का कारण बना हुआ है। इस बैठक में स्वराज कोरियाई प्रायद्वीप में शांति और स्थिरता बनाए रखने की जरूरत के भारत के रुख को दोहरा सकती हैं, साथ ही प्रायद्वीप को परमाणु शस्त्रों से रहित रहने के उद्देश्य पर बल दे सकती हैं।
No comments:
Post a Comment