जम्मू
बीएसएफ चीफ डी.के. पाठक ने कहा है कि भारत ऐसा कुछ नहीं करेगा, जिससे जम्मू-कश्मीर में बॉर्डर पर शांति भंग हो, मगर पाकिस्तान की हर हरकत का माकूल जवाब दिया जाएगा। पाठक ने कहा कि उनके जवानों ने 31 दिसंबर से लेकर अब तक आतंकियों की भारत में घुसने की 3-4 कोशिशों को नाकाम किया है।
मंगलवार को बीएसएफ के डीजी ने कहा, 'अच्छी बात होगी अगर शांति बरकरार रहे लेकिन पाकिस्तान अगर शांति नहीं चाहता और उसकी तरफ से फायरिंग होती है तो हम जरूर जवाब देंगे।' सोमवार को सांबा जिले में पाकिस्तान बॉर्डर गार्ड्स की गोली से शहीद हुए बीएसएफ के जवान देवेंद्र सिंह को श्रद्धांजलि देने के बाद पाठक ने कहा, 'हम गोलियां थोड़े ही खाते रहेंगे।'पाठक ने सांबा, कठुआ और जम्मू जिलों में इंटरनैशनल बॉर्डर का दौरा किया और हालात का जायजा लिया। पिछले तीन दिनों से यहां पर पाकिस्तान रेंजर्स लगातार बिना किसी उकसावे के फायरिंग कर रहे थे, जिसमें बीएसएफ के तीन जवानों और एक महिला की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सोमवार रात से बॉर्डर पर कोई फायरिंग नहीं हुई है।
पाठक ने माना कि पाकिस्तान में नागरिकों की मौत हुई है, मगर उन्होंने कहा कि ऐसा नुकसान दोनों तरफ हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत ने कभी भी उन जगहों को निशाना नहीं बनाया, जहां पर नागरिक रहते हैं। उन्होंने कहा, 'बीएसएफ कभी रिहायशी इलाकों को निशाना नहीं बनाती, मगर वे(पाकिस्तान रेंजर्स) हमेशा पहले फायरिंग करते हैं और रिहायशी इलाकों को टारगेट करते हैं।'
पाठक ने बताया कि 31 दिसंबर से हमने घुसपैठ की 3-4 कोशिशों को नाकाम किया है। हमारे पास इसके सबूत भी हैं। उन्होंने कहा, 'पाक की तरफ से फायरिंग तेज होने की कई वजहें हो सकती हैं। हो सकता है कि वे पेशावर में हुई आतंकी घटना से लोगों का ध्यान बंटाना चाहते हों।' उन्होंने कहा कि यह भी हो सकता है कि 26 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के भारत आने से पहले जानबूझकर फायरिंग की जा रही हो।
बीएसएफ के डीजी ने कहा कि पाकिस्तान से आखिरी बार 1 जनवरी को संपर्क हुआ था। उन्होंने कहा, '3 जनवरी को हम प्रोटेस्ट नोट देने गए, लेकिन उन्होंने स्वीकार करने से इनकार कर दिया। फिर उस नोट को वाघा बॉर्डर भेज दिया गया, लेकिन वहां भी उन्होंने उसे लेने से इनकार कर दिया। इसलिए कोई संपर्क नहीं हुआ।'
बीएसएफ चीफ ने कहा कि यह पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता कि घुसपैठ की कोशिशें लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और मुंबई हमले के मास्टमाइंड हाफिज सईद के इशारे पर की गई थीं। उन्होंने कहा कि इंटेलिजेंस रिपोर्ट्स से पता चलता है कि सीमा पार बड़ी संख्या में आतंकी जम्मू-कश्मीर में घुसने की फिराक में हैं।
पाकिस्तान की तरफ से हुई भारी गोलाबारी की वजह से अभी तक सांबा और कठुआ जिलों के सीमा से लगते गांवों के 10 हजार से ज्यादा लोगों सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है।
बीएसएफ चीफ डी.के. पाठक ने कहा है कि भारत ऐसा कुछ नहीं करेगा, जिससे जम्मू-कश्मीर में बॉर्डर पर शांति भंग हो, मगर पाकिस्तान की हर हरकत का माकूल जवाब दिया जाएगा। पाठक ने कहा कि उनके जवानों ने 31 दिसंबर से लेकर अब तक आतंकियों की भारत में घुसने की 3-4 कोशिशों को नाकाम किया है।
मंगलवार को बीएसएफ के डीजी ने कहा, 'अच्छी बात होगी अगर शांति बरकरार रहे लेकिन पाकिस्तान अगर शांति नहीं चाहता और उसकी तरफ से फायरिंग होती है तो हम जरूर जवाब देंगे।' सोमवार को सांबा जिले में पाकिस्तान बॉर्डर गार्ड्स की गोली से शहीद हुए बीएसएफ के जवान देवेंद्र सिंह को श्रद्धांजलि देने के बाद पाठक ने कहा, 'हम गोलियां थोड़े ही खाते रहेंगे।'पाठक ने सांबा, कठुआ और जम्मू जिलों में इंटरनैशनल बॉर्डर का दौरा किया और हालात का जायजा लिया। पिछले तीन दिनों से यहां पर पाकिस्तान रेंजर्स लगातार बिना किसी उकसावे के फायरिंग कर रहे थे, जिसमें बीएसएफ के तीन जवानों और एक महिला की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सोमवार रात से बॉर्डर पर कोई फायरिंग नहीं हुई है।
पाठक ने माना कि पाकिस्तान में नागरिकों की मौत हुई है, मगर उन्होंने कहा कि ऐसा नुकसान दोनों तरफ हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत ने कभी भी उन जगहों को निशाना नहीं बनाया, जहां पर नागरिक रहते हैं। उन्होंने कहा, 'बीएसएफ कभी रिहायशी इलाकों को निशाना नहीं बनाती, मगर वे(पाकिस्तान रेंजर्स) हमेशा पहले फायरिंग करते हैं और रिहायशी इलाकों को टारगेट करते हैं।'
पाठक ने बताया कि 31 दिसंबर से हमने घुसपैठ की 3-4 कोशिशों को नाकाम किया है। हमारे पास इसके सबूत भी हैं। उन्होंने कहा, 'पाक की तरफ से फायरिंग तेज होने की कई वजहें हो सकती हैं। हो सकता है कि वे पेशावर में हुई आतंकी घटना से लोगों का ध्यान बंटाना चाहते हों।' उन्होंने कहा कि यह भी हो सकता है कि 26 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के भारत आने से पहले जानबूझकर फायरिंग की जा रही हो।
बीएसएफ के डीजी ने कहा कि पाकिस्तान से आखिरी बार 1 जनवरी को संपर्क हुआ था। उन्होंने कहा, '3 जनवरी को हम प्रोटेस्ट नोट देने गए, लेकिन उन्होंने स्वीकार करने से इनकार कर दिया। फिर उस नोट को वाघा बॉर्डर भेज दिया गया, लेकिन वहां भी उन्होंने उसे लेने से इनकार कर दिया। इसलिए कोई संपर्क नहीं हुआ।'
बीएसएफ चीफ ने कहा कि यह पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता कि घुसपैठ की कोशिशें लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और मुंबई हमले के मास्टमाइंड हाफिज सईद के इशारे पर की गई थीं। उन्होंने कहा कि इंटेलिजेंस रिपोर्ट्स से पता चलता है कि सीमा पार बड़ी संख्या में आतंकी जम्मू-कश्मीर में घुसने की फिराक में हैं।
पाकिस्तान की तरफ से हुई भारी गोलाबारी की वजह से अभी तक सांबा और कठुआ जिलों के सीमा से लगते गांवों के 10 हजार से ज्यादा लोगों सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है।
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