उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने अभी एक साल भी पूरा नहीं किया है। हम सभी को समझना चाहिए कि यह एक नई सरकार है और हमें इतनी जल्दी भ्रमित और असंतुष्ट नहीं हो जाना चाहिए।
टाटा का यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब देश के कई शीर्ष उद्योगपतियों ने सरकार के सुधारात्मक कदमों का असर जमीन पर दिखाई देने की जरूरत बताई है।
पिछले दिनों एचडीएफसी के चेयरमैन दीपक पारेख, मारिको समूह के हर्ष मारिवाला और सीआईआई के नए अध्यक्ष सुमित मजूमदार ने ऐसी चिंता जताई थी।
टाटा ने कहा कि मोदी के प्रेरणादायी नेतृत्व से बड़ी आशाएं हैं। वह अब भी एक नए भारत को क्या दे सकते हैं, यह बताने के शुरुआती चरण में हैं। अभी इसका क्रियान्वयन तय नहीं हुआ है, लेकिन बावजूद इसके हमें उन्हें उनके वादों को पूरा करने का मौका देना चाहिए।
‘मुंबई इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस बोक्कोनी’ के दीक्षांत समारोह में एक सवाल पर टाटा ने यह प्रतिक्रिया व्यक्त की।
उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री अपने वादों को पूरा करेंगे और जिस तरह से मोदी ने अनुमान लगाया था उसी तरह से देश आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि अगर हम एक नया देश चाहते हैं तो मोदी को समर्थन देने की जरूरत है।
No comments:
Post a Comment