बीजिंग। चीन के दक्षिणी राज्य झिनझियांग के एक पहाड़ी गांव की धरती में बना एक रहस्यमयी छेद गांव वालों के लिए डर का कारण बना हुआ है। धरती में बना यह छोटा सा छेद भीषण आग उगल रहा है। कई लोग इसे डरकर नरक में जाने का रास्ता तक बता रहे हैं।
अपने आप बना है आग उगलने वाला यह छेद-
आग उगलने वाले करीब 3 फुट के इस छेद का पता हाल ही में लगा है जो अब एक रहस्य बन चुका है। जब इस इस छेद से निकलने वाली आग का तापमान नापा गया तो सभी के होश उड़ गए है। क्योंकि दो मीटर दूर से नापने पर भी इससे निकलने वाली आग का तापमान 792 डिग्री सेल्सियस है।
ज्वालामुखी वाला इलाका नहीं-
इस घटना को लेकर चीन के वैज्ञानिक भी हैरान है, क्योकि इस इलाके में यह आग उगलने वाला छेद बना है वह ज्यालामुखी वाला नही। वहीं गांव वालों का कहना है कि यह देखे जाने से पहले उस इलाके की जमीन काफी समय से गर्म महसूस की जा रही थी।
कोयले की खदानों वाला है इलाका-
शिनजियांग मेटियन जियोलॉजिकल ब्यूरो के एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस गढ्ढे के नीचे कोयले की परत हो सकती है जिसमें खुद ब खुद आग लग गई। आग की वजह से जमीन की पर ढह गई और यह छेद हो गया। एक्सर्पट्स का कहना है कि यह इलाका कोयले की खदानों वाला है जहां से 1970 में कोयला निकाला जाता था।
अपने आप बना है आग उगलने वाला यह छेद-
आग उगलने वाले करीब 3 फुट के इस छेद का पता हाल ही में लगा है जो अब एक रहस्य बन चुका है। जब इस इस छेद से निकलने वाली आग का तापमान नापा गया तो सभी के होश उड़ गए है। क्योंकि दो मीटर दूर से नापने पर भी इससे निकलने वाली आग का तापमान 792 डिग्री सेल्सियस है।
ज्वालामुखी वाला इलाका नहीं-
इस घटना को लेकर चीन के वैज्ञानिक भी हैरान है, क्योकि इस इलाके में यह आग उगलने वाला छेद बना है वह ज्यालामुखी वाला नही। वहीं गांव वालों का कहना है कि यह देखे जाने से पहले उस इलाके की जमीन काफी समय से गर्म महसूस की जा रही थी।
कोयले की खदानों वाला है इलाका-
शिनजियांग मेटियन जियोलॉजिकल ब्यूरो के एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस गढ्ढे के नीचे कोयले की परत हो सकती है जिसमें खुद ब खुद आग लग गई। आग की वजह से जमीन की पर ढह गई और यह छेद हो गया। एक्सर्पट्स का कहना है कि यह इलाका कोयले की खदानों वाला है जहां से 1970 में कोयला निकाला जाता था।

No comments:
Post a Comment