Saturday, 4 April 2015

काले धन पर मोदी ने विपक्ष को घेरा, दिया करारा जवाब

कर्नाटक की राजधानी बंगलुरू में भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक चल रही है। इस बैठक के बीच बंगलुरू में भाजपा ने एक रैली का आयोजन किया। जिसे संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने देश की जनता के बीच अपनी बात रखी।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी सरकार के अब तक किए काम का ब्यौरा लोगों के सामने पेश करते हुए कहा कि देश की जनता ने हमें जो जिम्मेदारी दी है उसे हम पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि हम देश की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे।

मोदी ने इस मौके पर कहा कि विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने काले धन और कोयला घोटाले को लेकर विपक्ष पर जमकर हमले किए। मोदी ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता में आक्रोश है।

यूपीए सरकार पर साधा निशाना

कोयला घोटाले के मुद्दे पर यूपीए सरकार को घेरते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यूपीए के पाप की वजह से देश में बिजली संकट फैलने वाला था। लेकिन हमने ऐसा नहीं होने दिया। नीति ही नहीं हमारी नीयत भी ठीक है। कोयले को हमने हीरा बनाकर दिखाया है।

204 में से 20 खदानों की नीलामी से 2 लाख करोड़ देश की तिजोरी में आए। वहीं स्पेक्ट्रम नीलामी में एक लाख करोड़ से ज्यादा की कमाई हुई। काले धन के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने जी-20 समिट में इस मुद्दे को उठाया। जो पैसा बाहर गया उसे वापस लाना है। साथ ही ऐसी स्थिति बनानी है जिससे अब कोई देश का पैसा बाहर नहीं ले जा सके। काले धन को लेकर हमारी सरकार ने प्रमुखता से लिया है। इसीलिए सरकार बनने के साथ ही पहली बैठक में इस मुद्दे पर एसआईटी का गठन किया। जिसकी रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी जा रही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केंद्र और राज्य को जोड़ने की कोशिश नई सरकार कर रही है। इससे पहले की सरकार में राज्यों से कोई संबंध नहीं होता था। लेकिन अब राज्यों को राष्ट्र निर्माण में अहम माना है। पहली बार रेलवे में राज्यों हिस्सेदारी दी। दुनिया से भी रेलवे में निवेश को लेकर तैयारी की गई है।
 

किसानों पर क्या बोले मोदी?

किसानों का मुद्दा उठाते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गरीबों और किसानों का दर्द समझता हूं। मेरे देश के किसानों में ताकत है कि वो धरती से सोना पैदा कर सकते हैं। आज देश का पशुधन खत्म हो रहा है। पशुधन होगा तो किसानों को फायदा मिलेगा। स्वाइल कार्ड से किसानों को मदद मिलेगी।

कृषि विकास में तीन हिस्सों में बांटना चाहते हैं। पारंपरिक उत्पादन, वृक्षों की खेती और पॉल्ट्री, दूध और मछली पालन को बढ़ावा दिया जाएगा। मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज के चार रंगों से चतुरंगी क्रांति का सपना हमने देखा है। इसमें हरा- खेती के लिए, सफेद- दूध, केसरिया- ऊर्जा, नीला- समंदर का सामर्थ्य बढ़ाने की योजना है।

देश रक्षा में आत्म निर्भर बन सकता है। आईएमएफ और वर्ल्ड बैंक ने भी माना कि भारत सबसे आर्थिक तेजी की ओर बढ़ता हुआ देश है। BRICS में भारत तेजी से उठा है।

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