Thursday, 9 April 2015

याकूब मेनन कि सजा बरकरार|


नई दिल्ली : 1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट के दोषी याकूब मेमन की फांसी की सजा को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है। याकूब ने अपनी फांसी की सजा को कम करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की थी जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। गौर हो कि राष्ट्रपति भी याकूब की दया याचिका को खारिज कर चुके हैं।
इस मामले में विशेष टाडा कोर्ट ने 10 अन्य दोषियों को मौत की सजा सुनाई थी, जिसे पीठ ने यह कहते हुए उम्रकैद में बदल दिया था कि इन लोगों की भूमिका मेमन की भूमिका से अलग थी। इन 10 लोगों ने मुंबई में विभिन्न स्थानों पर आरडीएक्स विस्फोटक से लदे वाहन खड़े किए थे। पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट मेमन भगोड़े अपराधी टाइगर मेमन का भाई है। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था कि वह मुंबई में हुए शृंखलाबद्ध बम विस्फोटों का मुख्य षडयंत्रकारी था। ध्यातव्य है कि १९९३ में मुंबई में भीड़ भरे 12 स्थानों पर हुए इन विस्फोटों में 257 लोग मारे गए और 700 से अधिक घायल हो गए थे।

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