इसके बाद गांधी ने अपने आवास के बाहर सैकड़ों किसानों से भी मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने किसानों को कांग्रेस की तरफ से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। गांधी ने किसानों के प्रतिनिधियों से कहा कि पार्टी ने भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर भट्टा पारसौल से जो आंदोलन शुरू किया था, उसे जारी रखा जाएगा। कांग्रेस भूमि अधिग्रहण अध्यादेश का संसद में कड़ा विरोध करेगी। इसके साथ की किसानों की दूसरी समस्याओं के पक्ष में भी पुरजोर आवाज उठाएगी। इस तरह पार्टी किसानों के लिए संसद से सड़क तक लड़ेगी।
किसानों से मिलने से पहले राहुल गांधी ने घर के अंदर गुरूदास कामत, अहमद पटेल जैसे वरिष्ठ नेताओं से चर्चा की। 56 दिन की छुट्टी के बाद राहुल गुरूवार को वापिस लौटे थे। वापसी के बाद वे पहली बार मीडिया के सामने नजर आए।
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