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| मोदी सरकार के मेक इन इंडिया अभियान में घरेलू ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय कंपनियां भी रुचि दिखा रही हैं। |
नई दिल्ली। मोदी सरकार के मेक इन इंडिया अभियान में घरेलू ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय कंपनियां भी रुचि दिखा रही हैं। चीन, जापान, कोरिया और अमेरिका समेत कई देशों की कंपनियां भारत में निवेश कर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने में जुट गई हैं। मेक इन इंडिया के तहत कई कंपनियों ने भारत में मैन्युफैक्चरिंग शुरू करने की योजना का खाका तैयार किया है। इसमें चीन कीमोबाइल फोन निर्माता कंपनी जियोनी, कोरिया की सैमसंग, अमेरिका की पेप्सीको, फोर्ड और एशियन पेंट्स प्रमुख हैं। मैन्युफैक्चरिंग में नया निवेश होने से जहां देश में विदेशी निवेश बढ़ेगा, वहीं दूसरी ओर रोजगार के भी अवसर पैदा होंगे।
मेक इन इंडिया सही कदम
पेप्सीको चेयरमैन और सीईओ इंद्रा नूई का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मेक इन इंडिया कार्यक्रम मैन्युफैक्चरिंग को बूस्ट करने में मददगार होगा और इससे देश में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री एकदम सही हैं और उनकी सोच देश को आगे ले जाने वाली है। वह देश में मैन्युफैक्चरिंग आधार तैयार करना चाहते हैं, जिससे वैश्विक व्यापार में भारत की हिस्सेदारी मजबूती से बढ़ेगी।
जियोनी 300 करोड़ से स्थापित करेगी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट
चीन की मोबाइल हैंडसेट निर्माता कंपनी जियोनी भारत में मैन्युफैकचरिंग यूनिट स्थापित करेगी और कंपनी इस पर अगले तीन साल में 300 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। कंपनी की योजना मेक इन इंडिया में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करना चाहती है।
जियोनी ने वित्त वर्ष 2014-15 में 40 लाख मोबाइल फोन की बिक्री भारत में की है। कंपनी ने भारत में मोबाइल प्रोडक्शन शुरू करने के लिए अभी कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग का सहारा लिया है। कंपनी ने कहा कि इस साल वह 10-12 नए मॉडल लांच करने की योजना बना रही है, जिनका निर्माण भारत में ही किया जाएगा। जियोनी इंडिया के कंट्री चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर और मैनेजिंग डायरेक्टर अरविंद वोहरा ने कहा कि यदि हमारी योजना सही से काम करती है, तो हम जल्द ही यहां उत्पादन शुरू कर देंगे और अगले तीन साल में पूरा निवेश करेंगे। जियोनी ने ईएंडवाय को मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने के लिए सलाह देने हेतु नियुक्त किया है।
सैमसंग बढ़ाएगी नोएडा प्लांट की क्षमता
कोरिया की इलेक्ट्रॉनिक्स प्रमुख सैमसंग अपने फ्लैगशिप स्मार्टफोन गैलेक्सी एस6 और गैलेक्सी एस6 एज का निर्माण नोएडा स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में साल की पहली छमाही में शुरू कर देगी। सैमसंग इंडिया के वाइस प्रेसीडेंट मार्केटिंग (मोबाइल एंड आईटी) असीम वारसी ने बताया कि भारतीय आरएंडडी टीम ने इन स्मार्टफोन के निर्माण में अहम भूमिका निभाई है। इसलिए कंपनी ने इस साल की पहली छमाही तक इन स्मार्टफोन का निर्माण भारत में शुरू करने की योजना बनाई है।इसके लिए वह नोएडा स्थित अपनी मैन्युफैक्चरिंग इकाई का विस्तार करेगी। कंपनी ने कहा कि इस विस्तार के लिए वह 517 करोड़ रुपए का नया निवेश करेगी। सैमसंग इंडिया इलेक्ट्रोनिक्स, जो कि भारत में पिछले 20 साल से मौजूद है, की तीन रिसर्च लैब और दो मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं, जिसमें 45,000 कर्मचारी कार्यरत हैं।
पेप्सिको करेगी 1200 करोड़ का निवेश
फूड और बेवरेजेस क्षेत्र की प्रमुख अमेरिकी कंपनी पेप्सीको ने हाल ही में आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में श्री सिटी मल्टी प्रोडक्ट इकोनॉमिक जोन में 1200 करोड़ रुपए के निवेश से स्थापित होने वाले मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की पहली यूनिट का शुभारंभ किया है। इसमें ऐसी नौ मैन्युफैक्चरिंग लाइन स्थापित की जाएंगी। कंपनी की चेयरमैन और सीईओ इंद्रा नूई ने कहा कि इस प्लांट की स्थापना से स्थानीय किसानों को फायदा होगा, क्योंकि कंपनी इसे आम के गूदे का हब बनाएगी। इससे करीब 32,000 आम उत्पादक किसानों को फायदा होगा।
फोर्ड भी पीछे नहीं
यूएस ऑटोमोबाइल कंपनी फोर्ड ने गुरुवार को बताया कि वह भारत में अपनी दूसरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, जो कि गुजरात के साणद में है, का उद्धाटन इस माह के अंत तक करेगी। इस प्लांट पर कंपनी ने 6,000 करोड़ रुपए का निवेश किया है। इस प्लांट की सालाना उत्पादन क्षमता 2.4 लाख वाहन और 2.7 लाख इंजन की है।
एशियन पेंट्स करेगी 1750 करोड़ का निवेश
वाइजैग में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की स्थापना के लिए एशियन पेंट्स ने आंध्र प्रदेश सरकार के साथ एमओयू साइन किया है। एशियन पेंट्स इस प्लांट की स्थापना पर 12 साल में1750 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। वाइजैग प्लांट की क्षमता 400,000 किलोलीटर प्रति वर्ष होगी। आंध्र सरकार ने इस प्लांट की स्थापना के लिए टैक्स छूट का ऑफर दिया है।
नई कंपनियां उतर रहीं मैन्युफैक्चरिंग में
दिल्ली की कंपनी सन एयरवॉयस प्राइवेट लिमिटेड ने शीघ्र ही भारत के मोबाइल फोन बाजार में प्रवेश करने की घोषणा की है। कंपनी जियोक्स ब्रांड नाम से आकर्षक कीमतों पर बेहतरीन मोबाइल हैंडसेट की रेंज पेश करेगी। सन एयरवॉयस के प्रबंध निदेशक विकास जैन ने कहा कि भारत सरकार के मेक इन इंडिया अभियान के तहत उनकी योजना देश में जल्द ही मोबाइल हैंडसेट बनाने के लिए प्लांट लगाने की है। इससे कंपनी को उपभोक्ताओं की तेजी से बदलती पसंद और मांग के मुताबिक उत्पाद तैयार करने की क्षमता हासिल होगी।

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