कोच्चि। संकटग्रस्त यमन से 330 भारतीयों को लेकर एयर इंडिया का विमान शुक्रवार देर रात कोच्चि पहुंचा। यात्रियों में 130 केरल निवासी और चार बच्चे भी शामिल हैं। केरल के प्रवासी कल्याण मामलों की सरकारी इकाई "रूट्स-नोर्का" के सीईओ आर.एस. कन्नन ने बताया कि विमान रात 12.30 बजे कोच्चि पहुंचा और रात 1.30 बजे तक सभी प्रवासी केरल हवाईअड्डे से बाहर निकल चुके थे।
कन्नन ने कहा कि विमान में सवार बाकी लोग मुंबई के लिए रवाना हो गए। पिछली रात मुंबई में उतरने वाले 56 केरलवासी जल्द केरल पहुंचेंगे। हमने आने वाले सभी केरलवासियों को 2,000 रूपए की सहायता राशि और उनके घर तक के लिए निशुल्क परिवहन सुविधा दी है। नाम जाहिर न करने की शर्त पर एक नर्स ने बताया कि यमन में हालात बहुत खराब हैं।
एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि यमन में स्थिति अब वास्तव में बेहद संकटपूर्ण है। वहां लगभग 8,000 भारतीय हैं, जिनमें से लगभग 6,000 नर्से हैं और अभी तक केवल 2,000 लोगों को यहां लाया जा सका है। यमन से वापस आए एक व्यक्ति ने बताया कि अकेले सना में 4,000 भारतीय स्वदेश लौटने का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच यमन से केरल की नर्स ने फोन पर मीडिया को बाताया कि उनके साथ कुछ और भी लोग हैं, जो अदन बंदरगाह पर पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं।
नर्स ने बताया कि कल हम रास्ते में थे, तभी वाहन पर गोलियां चल गई। गोलियां टायरों में लगी थीं, जिस कारण हमें वापस लौटना पड़ा। हम अदन बंदरगाह पर पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। हमें बताया गया था कि हमें वापस ले जाने के लिए एक जहाज आया है। हम सभी प्रार्थना कर रहे हैं। इस बीच, केरल के प्रवासी मामलों के मंत्री के.सी. जोसेफ ने बताया कि अब भी बहुत से लोगों को विस्थापित करने की जरूरत है। राज्य, केंद्र सरकार और यमन में भारतीय दूतावास के अधिकारियों के संपर्क में है।
कन्नन ने कहा कि विमान में सवार बाकी लोग मुंबई के लिए रवाना हो गए। पिछली रात मुंबई में उतरने वाले 56 केरलवासी जल्द केरल पहुंचेंगे। हमने आने वाले सभी केरलवासियों को 2,000 रूपए की सहायता राशि और उनके घर तक के लिए निशुल्क परिवहन सुविधा दी है। नाम जाहिर न करने की शर्त पर एक नर्स ने बताया कि यमन में हालात बहुत खराब हैं।
एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि यमन में स्थिति अब वास्तव में बेहद संकटपूर्ण है। वहां लगभग 8,000 भारतीय हैं, जिनमें से लगभग 6,000 नर्से हैं और अभी तक केवल 2,000 लोगों को यहां लाया जा सका है। यमन से वापस आए एक व्यक्ति ने बताया कि अकेले सना में 4,000 भारतीय स्वदेश लौटने का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच यमन से केरल की नर्स ने फोन पर मीडिया को बाताया कि उनके साथ कुछ और भी लोग हैं, जो अदन बंदरगाह पर पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं।
नर्स ने बताया कि कल हम रास्ते में थे, तभी वाहन पर गोलियां चल गई। गोलियां टायरों में लगी थीं, जिस कारण हमें वापस लौटना पड़ा। हम अदन बंदरगाह पर पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। हमें बताया गया था कि हमें वापस ले जाने के लिए एक जहाज आया है। हम सभी प्रार्थना कर रहे हैं। इस बीच, केरल के प्रवासी मामलों के मंत्री के.सी. जोसेफ ने बताया कि अब भी बहुत से लोगों को विस्थापित करने की जरूरत है। राज्य, केंद्र सरकार और यमन में भारतीय दूतावास के अधिकारियों के संपर्क में है।

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