कानपुर। 12वीं कक्षा के छात्र आयुष शर्मा को अमरीका की Massachusetts Institute of Technology (MIT) में प्रवेश दिया गया है। कानपुर के आयुष को चार साल के 1 करोड़ रूपए से ज्यादा की छात्रवृत्ति भी दी गई है।
अवन्ती का मिला साथ
अवन्ती लनिँग सेंटर के 2013 से रहे छात्र आयुष को विदेश में पढ़ाई का विचार यहीं से आया। पूर्व आईआईटीयंस की ओर से संचालित अवन्ती में गरीब छात्रों को अर्फोडेबल और हाई-क्वालिटी एज्यूकेशन दी जाती है। आयुष के विदेश में पढ़ाई की शुरूआत याले ग्लोबल स्कालर्स प्रोग्राम से हुई। यहां भी आयुष ने ना केवल इस प्रोग्राम के लिए क्वालीफाई किया बल्कि उसकी ट्यूशन फीस को भी माफ कर दिया गया। हालांकि आयुष को इसके बावजूद भी अमरीका जाने के लिए पैसों की जरूरत थी, जो उसने एक क्राउड-फंडिंग प्रोग्राम से महज 6 घंटे में एकत्र कर लिए।
आयुष का सपना
17 वर्षीय आयुष का सपना है कि वह विकासशील देशों की शिक्षा पद्वति पर काम करे। उसका मानना है कि हमारे देश में विज्ञान की शिक्षा का स्तर ज्यादा अच्छा नहीं है।
पिता हैं मैकेनिक
आयुष के पिता सेंट्रल रिजर्व पुलिस बल से सेवानिवृत हैं और राज्य सार्वजनिक निर्माण विभाग में मैकेनिक हैं। आयुष के मुताबिक उसके परिवार में किसी ने भी आज तक सम्पूर्ण कॉलेज डिग्री नहीं ली है। वह परिवार का पहला सदस्य है जो ऎसा करेगा।
अवन्ती का मिला साथ
अवन्ती लनिँग सेंटर के 2013 से रहे छात्र आयुष को विदेश में पढ़ाई का विचार यहीं से आया। पूर्व आईआईटीयंस की ओर से संचालित अवन्ती में गरीब छात्रों को अर्फोडेबल और हाई-क्वालिटी एज्यूकेशन दी जाती है। आयुष के विदेश में पढ़ाई की शुरूआत याले ग्लोबल स्कालर्स प्रोग्राम से हुई। यहां भी आयुष ने ना केवल इस प्रोग्राम के लिए क्वालीफाई किया बल्कि उसकी ट्यूशन फीस को भी माफ कर दिया गया। हालांकि आयुष को इसके बावजूद भी अमरीका जाने के लिए पैसों की जरूरत थी, जो उसने एक क्राउड-फंडिंग प्रोग्राम से महज 6 घंटे में एकत्र कर लिए।
आयुष का सपना
17 वर्षीय आयुष का सपना है कि वह विकासशील देशों की शिक्षा पद्वति पर काम करे। उसका मानना है कि हमारे देश में विज्ञान की शिक्षा का स्तर ज्यादा अच्छा नहीं है।
पिता हैं मैकेनिक
आयुष के पिता सेंट्रल रिजर्व पुलिस बल से सेवानिवृत हैं और राज्य सार्वजनिक निर्माण विभाग में मैकेनिक हैं। आयुष के मुताबिक उसके परिवार में किसी ने भी आज तक सम्पूर्ण कॉलेज डिग्री नहीं ली है। वह परिवार का पहला सदस्य है जो ऎसा करेगा।

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