मुंबई. इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के आठवें संस्करण पर भी मैच फिक्सिंग का साया है। अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान रॉयल्स के एक खिलाड़ी ने बीसीसीआई की एंटी करप्शन यूनिट को जानकारी दी है कि उसे रणजी खेलने वाले एक साथी खिलाड़ी ने प्लान के मुताबिक खेलने के एवज में पैसे देने की पेशकश की थी। बताया जा रहा है कि मुंबई के रहने वाले खिलाड़ी ने उस ऑफर का ठुकरा दिया और राजस्थान रॉयल्स के मैनेजमेंट को इस बारे में जानकारी दी और वहां से एंटी करप्शन एंड सिक्यूरिटी यूनिट (एसीएसयू) को पूरा मामला पता चला।
सूत्रों के मुताबिक एसीएसयू की ओर से की गई पूछताछ में मुंबई के खिलाड़ी ने बताया कि शुरू में तो उसे लगा कि ऑफर देने वाला खिलाड़ी मजाक कर रहा है। दोनों खिलाड़ी रणजी ट्रॉफी के दौरान ड्रेसिंग रूम शेयर कर चुके हैं। ऑफर ठुकराने वाले खिलाड़ी का कहना है कि उसे मामले की गंभीरता का अंदाजा तब लगा जब उससे कहा गया कि पहले से तय पैटर्न पर खेलने पर वह बड़ी रकम हासिल कर सकता है। इस मामले के बारे में बीसीसीआई के सीनियर पदाधिकारियों को जानकारी दे दी गई है। इस बारे में एसीएसयू चीफ रवि सवानी से पूछा गया तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
2013 में भी फिक्सिंग की बात सामने आई थी
2013 में आईपीएल-6 में फिक्सिंग के आरोप में राजस्थान रॉयल्स के तीन क्रिकेटरों की गिरफ्तारी हुई थी। उनमें श्रीसंत भी शामिल थे। तब अमित सिंह नाम के राजस्थान रॉयल्स के पूर्व खिलाड़ी ने सट्टेबाजों और खिलाड़ियों के बीच कड़ी का काम किया था।
2013 में आईपीएल-6 में फिक्सिंग के आरोप में राजस्थान रॉयल्स के तीन क्रिकेटरों की गिरफ्तारी हुई थी। उनमें श्रीसंत भी शामिल थे। तब अमित सिंह नाम के राजस्थान रॉयल्स के पूर्व खिलाड़ी ने सट्टेबाजों और खिलाड़ियों के बीच कड़ी का काम किया था।

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