प्राचीन राज राजेश्वरी मंगलादेवी मंदिर हिन्दुओं ही इस्लाम को मानने वालों की भी आस्था का केन्द्र बनकर उभर रहा है। मंगलादेवी मंदिर में अपने तीन साल के बेटे का मुंडन कराने आईं मुस्लिम महिला के अनुसार यहां मन्नतें पूरी होती हैं।
सुना था कि देवी के दर पर जाने से मनचाही मुराद मिल जाती है। दो बच्चे हुए लेकिन बचे नहीं। फिर एक दिन तांगे पर घर जाते वक्त एक महिला से इस मंदिर के बारे में सुना था। यहां आकर प्रसाद चढ़ाया, मन्नत मांगी। बेटा हुआ, जो अब तीन बरस का है।
इसी तरह आटे की लोई में अमीना अपने भतीजे के बालों को सहेज रही हैं। वह मुस्लिम हैं पर हिंदू रीति-रिवाज से अपने भतीजे का मुंडन संस्कार कराते वक्त उनकी खुशियां मजहब की सारी दीवारें तोड़ती दिखीं।
जिला मुख्यालय से 22 किमी दूर वजीरगंज के प्राचीन राज राजेश्वरी मंगलादेवी मंदिर पर इन दिनों जहां हिंदू मत्था टेक रहे हैं, तो मुस्लिम भी ‘करम’ होने पर सजदा करने आ रहे हैं। चैत्र पूर्णिमा से यहां मेला लगता है। मेला 19 अप्रैल तक चलेगा।
मेला कमेटी के मुखिया व वजीरगंज नगर पंचायत सदस्य जहांगीर आलम का कहना है कि सबने मिलकर उनको माता रानी की खिदमत का मौका दिया है। वजीरगंज नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन विष्णु चंद्र सेवक बताते हैं कि करीब दो सौ वर्ष से यहां मेला लगता आ रहा है।
नगर पंचायत के चेयरमैन मोहम्मद उमर कुरैशी कहते हैं कि� सभी मिलजुल कर मेले की व्यवस्थाएं देखते हैं।
मेला कमेटी के मुखिया व वजीरगंज नगर पंचायत सदस्य जहांगीर आलम का कहना है कि सबने मिलकर उनको माता रानी की खिदमत का मौका दिया है। वजीरगंज नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन विष्णु चंद्र सेवक बताते हैं कि करीब दो सौ वर्ष से यहां मेला लगता आ रहा है।
नगर पंचायत के चेयरमैन मोहम्मद उमर कुरैशी कहते हैं कि� सभी मिलजुल कर मेले की व्यवस्थाएं देखते हैं।

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